MPWLC गोदाम घोटाला: ताले बदले, रिकॉर्ड सही… अनाज गायब! 4.35 करोड़ की चोरी का मामला थाने पहुंचा

नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) के माखन नगर क्षेत्र में संचालित एक निजी गोदाम में सामने आया अनाज घोटाला अब सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता और संभावित अंदरूनी मिलीभगत का मामला बनता जा रहा है। संयुक्त जांच में लगभग 10 हजार क्विंटल अनाज गायब पाया गया है, जिसकी कीमत 4.35 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

यह पूरा मामला मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन की उस प्रणाली पर सवाल उठाता है, जो WHR, CCTV, ताले और चौकीदार के भरोसे करोड़ों का अनाज सुरक्षित होने का दावा करती है।

ताला MPWLC का, चाबी किसी और के हाथ में
13 से 16 फरवरी 2026 के बीच प्रशासनिक, राजस्व एवं विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में जब माखन नगर स्थित एकलव्य एग्रो केयर एंड वेयरहाउस (ग्राम गोरा) का निरीक्षण किया गया, तो सबसे पहला झटका तालों ने दिया।

वेयरहाउस से 10 हजार बोरी मूंग गायब, एमपी वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने संचालक को जारी किया नोटिस

MPWLC द्वारा लगाए गए 11 तालों में से 1 ताला मौके से गायब उसकी जगह निजी कंपनी का ताला मुख्य शटर था।
यानी गोदाम की चाबी किसके पास थी, यह सवाल जांच के पहले दिन से ही अनुत्तरित है।

रिकॉर्ड में सब ठीक, गोदाम में 10 हजार क्विंटल गायब

वेयरहाउस रसीद (WHR) सिस्टम के अनुसार— कुल 62,694 बोरी (31,345 क्विंटल) अनाज जमा होना दर्ज लेकिन भौतिक सत्यापन में लगभग 10,200 मीट्रिक टन की कमी
सबसे गंभीर बात यह कि रिकॉर्ड पूरी तरह अपडेट थे, यानी सिस्टम को भरोसे में लेकर अनाज बाहर निकाला गया।

सवाल यह है कि जब WHR में सब सही था, तो इतना बड़ा स्टॉक आखिर गया कहां?

बोरियों से छेड़छाड़, रैक पर फर्जी परतें
जांच में यह भी सामने आया कि—
कई बोरियों का वजन मानक से कम
बोरियों के साथ छेड़छाड़ के स्पष्ट संकेत
रैक पर नीचे अनाज गायब, ऊपर से परतें जमाकर ढकने की कोशिश
यह कोई आकस्मिक चोरी नहीं, बल्कि धीरे-धीरे की गई योजनाबद्ध निकासी की ओर इशारा करता है।

CCTV बंद, चौकीदार गायब — संयोग या साजिश?

अनुबंध की शर्तों के अनुसार—
गोदाम में CCTV कैमरे 24×7 चालू होने चाहिए चौकीदार की तैनाती अनिवार्य
लेकिन जांच के वक्त—CCTV कैमरे बंद मिले। कोई चौकीदार मौजूद नहीं
इतना ही नहीं, बार-बार सूचना देने और अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद भी गोदाम का नियमित निरीक्षण नहीं कराया गया।

प्रशासनिक अधिकारी के नहीं पहुंचने से टली जांच, आज होने की संभावना

किसकी भूमिका संदिग्ध?
जांच रिपोर्ट में—
गोदाम संचालिका आरती तोमर
उनके प्रतिनिधि अमित तोमर
की भूमिका को संदिग्ध माना गया है। आरोप है कि शासकीय अनाज में अमानक स्टॉक की मिलावट कर उसे खुर्द-बुर्द किया गया।

MPWLC माखन नगर शाखा प्रबंधक हेमंत कुमार चंदेल ने थाना माखन नगर में FIR दर्ज कराने हेतु—जांच प्रतिवेदन,
पंचनामा,संबंधित पत्र सौंप दिए हैं।
अब देखना यह है कि—
क्या मामला सिर्फ गोदाम संचालक तक सीमित रहेगा?
या फिर WHR सिस्टम, निरीक्षण अधिकारियों और क्षेत्रीय जिम्मेदारों की भूमिका की भी जांच होगी?

ताले खुले, लेकिन हम्माल नहीं पहुंचे; 10 हजार बोरी मूंग मामले की जांच फिर अटकी
यह सिर्फ चोरी नहीं, सिस्टम फेल होने की कहानी है
अगर—ताले बदले जा सकते हैं।CCTV बंद रह सकता है। रिकॉर्ड सही रह सकते हैं और 4.35 करोड़ का अनाज गायब हो सकता है।
तो यह मामला एक गोदाम का नहीं, पूरी व्यवस्था की साख पर सवाल है।
अब निगाहें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो यह मामला राज्य के सबसे बड़े वेयरहाउस घोटालों में शामिल हो सकता है।

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