भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र सोमवार से प्रारंभ हो रहा है, जो 8 अगस्त तक चलेगा। इस बार सत्र में कुल 10 बैठकें प्रस्तावित हैं। रविवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने परिसर का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्र का संचालन व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से सुनिश्चित किया जाए।
प्रदर्शन पर रोक, विपक्ष ने जताया ऐतराज़
अध्यक्ष तोमर ने स्पष्ट किया कि विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन पर पूर्व से लागू प्रतिबंध यथावत है, इसमें कोई नया निर्देश नहीं जोड़ा गया है। हालांकि मीडिया के सवाल पर कि मीडिया को परिसर के किन क्षेत्रों में जाने से प्रतिबंधित किया गया है, वे जवाब देने से बचते नज़र आए। दूसरी ओर, कांग्रेस ने प्रदर्शन पर रोक को लोकतंत्र की आवाज दबाने वाला कदम बताया है।
सरकार को घेरने की विपक्ष की रणनीति तैयार
सत्र के दौरान विपक्ष बिजली संकट, महंगाई, तबादला नीति, और किसानों की समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बनाकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की रणनीति बना चुका है। वहीं सत्तापक्ष ने योजनाओं व उपलब्धियों के जरिए विपक्ष के सवालों का जवाब देने की तैयारी की है।
सदन में 3377 प्रश्न, 226 ध्यानाकर्षण सूचना प्राप्त
विधानसभा के प्रमुख सचिव ए.पी. सिंह ने बताया कि बारह दिवसीय सत्र के लिए अब तक कुल 3377 प्रश्न प्राप्त हुए हैं, जिनमें 1718 तारांकित व 1659 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 226 ध्यानाकर्षण, एक स्थगन प्रस्ताव, 23 अशासकीय संकल्प, 65 शून्यकाल की सूचनाएं और एक सूचना नियम 139 के अंतर्गत प्राप्त हुई है। सरकार की ओर से तीन विधेयक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।
हेमंत खंडेलवाल को पहली पंक्ति में स्थान
भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को अब विधानसभा में पहली पंक्ति में सीट दी गई है। यह बदलाव उनकी संगठनात्मक भूमिका को देखते हुए किया गया है।
सत्र में प्रवेश के लिए कड़ी निगरानी
विधानसभा सचिवालय ने निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि कोई भी सदस्य अनुमति पत्र के बिना किसी भी व्यक्ति को न तो वाहन से और न पैदल परिसर या सदन की लॉबी में प्रवेश दिलाए। साथ ही परिसर में किसी भी प्रकार की नारेबाजी या प्रदर्शन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।