Mp News : सीएम डॉ. यादव ने कहा- विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू समुदायों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू समुदायों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जाए और उनके पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि इन समुदायों के कई युवा लोक सेवा आयोग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर चुके हैं, इसलिए उनकी पुरानी सामाजिक छवि के आधार पर सभी को अपराधी समझना गलत है। मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि किसी भी कार्रवाई के दौरान जातिगत संबोधन से बचा जाए और अपराधियों की जानकारी में जातियों का उल्लेख न किया जाए। उन्होंने राजगढ़ जिले में सांसी जाति के कल्याण के लिए पुलिस द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। डॉ. यादव ने पिछड़ा वर्ग के छात्रों को शैक्षणिक सत्र के दौरान ही छात्रवृत्ति वितरण सुनिश्चित करने और छात्रावासों के निर्माण एवं संचालन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में मेस सुविधा की स्वीकृति प्रदान की।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र में छात्रवृत्ति का वितरण समय पर किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली छात्र गृह योजना में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विभिन्न कन्या छात्रावासों में बाउंड्रीवॉल पूर्ण होने तक कांटेदार फेंसिंग की जाएगी। राज्यमंत्री गौर ने यह भी बताया कि वक्फ संपत्तियों के डिजिटलाइजेशन में मध्य प्रदेश मॉडल राज्य बन रहा है, जिसमें राजस्व विभाग का सहयोग लिया जा रहा है।

विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू समुदाय की 51 जातियां

विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू कल्याण निदेशक नीरज वशिष्ठ ने बताया कि प्रदेश में इन समुदायों की कुल 51 जातियां हैं, जिन्हें प्रमाण पत्र देकर विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। इन जातियों में 14 जातियां अनुसूचित जाति वर्ग, 10 जातियां अन्य पिछड़ा वर्ग और 27 जातियां सामान्य वर्ग की श्रेणी में आती हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी जातियों को विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू समुदाय की जाति का प्रमाण पत्र दिया जाता है और विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू समुदाय के लिए संचालित योजनाओं से लाभान्वित भी किया जा रहा है।

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