Mp News : बुधनी के किसान उन्नत खेती के लिए ड्रोन उड़ाना सीखेंगे

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर के बुधनी विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण और परीक्षण संस्थान खोला जाएगा। यह देश का पहला संस्थान होगा, जहां कृषि उपकरणों के संचालन के साथ-साथ परीक्षण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश के किसानों के लिए देश का सबसे पहला केंद्र बुधनी के केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण और परीक्षण संस्थान (टीटीसी) में बनेगा। जल्द ही इसमें विशेषज्ञों द्वारा किसानों को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस संस्थान में किसानों को खेती के अत्याधुनिक उपकरणों के अलावा ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को खेती में उपयोग की जा रही हाईटेक पद्धतियों के बारे में प्रशिक्षित करना है। खास बात यह है कि महिलाओं को भी प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे अपने परिवार में पुरुष किसानों के साथ तकनीकी का फायदा उठाकर खेती में हाथ बंटा सकें। कृषि केंद्र से प्रशिक्षित किसान नई तकनीकों का प्रयोग कर अपनी आय को और बढ़ा सकते हैं। साथ ही खेती के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकते हैं, क्योंकि आज के समय में किसानों के लिए ड्रोन खेती एक महत्वपूर्ण तकनीक बन चुकी है, जो फसलों की निगरानी, छिड़काव और फसल निरीक्षण में मददगार है। इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

20 सीटर सेंटर में किसानों की योग्यता 10वीं जरूरी

बुधनी केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान ड्रोन उड़ाने के लिए उपयुक्त है। यह देश का पहला केंद्र है जो 1955 में अस्तित्व में आया। यह ग्रीन जोन भी है। सुरक्षा कारणों से कहीं भी ड्रोन को उड़ाना मना है, लेकिन बुधनी में यह अनुकूल है। यहां महिला किसानों को कई प्रकार की आधुनिक मशीनों का प्रशिक्षण दिया जाता है। बुधनी में बनाए जा रहे ड्रोन पायलट प्रशिक्षण केंद्र में 20 सीटें होंगी। इसमें रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होगी। किसानों को शिक्षित होना आवश्यक है। उनकी कम से कम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई है।

ड्रोन प्रशिक्षण की तैयारियां तेज

यह प्रशिक्षण केंद्र बनने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। ड्रोन इंस्ट्रक्टर राय सिंह गुर्जर ने बताया कि बुधनी में ड्रोन प्रशिक्षण की तैयारियां चल रही हैं। इसके लिए डायरेक्टर पीपी राव, ट्रेनिंग हेड अनिल कुमार उपाध्याय, वरिष्ठ कृषि अभियंता जी.आर. अंवालकर इस प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं। जल्द ही नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की टीम इसके लिए बुधनी सेंटर का निरीक्षण करेगी।

ये हैं देश के चार केंद्र

  • मध्यप्रदेश- बुधनी, जिला सीहोर
  • उत्तर भारत- हिसार, हरियाणा
  • दक्षिण भारत- गरलादिने, जिला अनंतपुर, आंध्र प्रदेश
  • पूर्वोत्तर- बिस्वनाथ चारियाली, जिला सोनितपुर, असम

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