एमपी में मानसून का कहर: अगले 4 दिन भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश में अगले चार दिनों तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक वर्षा होने की संभावना है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
बुधवार के लिए श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर और टीकमगढ़ जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, धार, झाबुआ, नीमच और मंदसौर सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। भोपाल समेत अन्य क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
पन्ना-छतरपुर में बिगड़े हालात
लगातार हो रही बारिश के कारण पन्ना, छतरपुर और खंडवा में हालात सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। खजुराहो क्षेत्र में कई ग्रामीण सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।
29 जिलों में हुई अच्छी बारिश
मंगलवार को प्रदेश के 29 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक करीब पौने दो इंच बारिश खजुराहो में रिकॉर्ड हुई। धार में डेढ़ इंच से अधिक, राजगढ़ में सवा इंच, रतलाम और उज्जैन में करीब पौन इंच, जबकि भोपाल, सागर और खरगोन में लगभग आधा इंच बारिश हुई। इसके अलावा नर्मदापुरम, हरदा, इंदौर, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, पन्ना, झाबुआ, मंदसौर, बैतूल, गुना, शाजापुर और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई।
तापमान में आई गिरावट
बारिश के चलते प्रदेशभर में मौसम सुहावना हो गया है और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इंदौर का अधिकतम तापमान 30.2°C, जबलपुर 30.6°C, भोपाल 31°C, उज्जैन 31.5°C और ग्वालियर 33.4°C रिकॉर्ड किया गया। मलाजखंड प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 25.7°C दर्ज हुआ।
सामान्य से अधिक हुई बारिश
प्रदेश में अब तक 200.5 मिमी (करीब 8 इंच) वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 191.3 मिमी की तुलना में करीब 5 प्रतिशत अधिक है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में अभी भी 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
इस सीजन में देवास सबसे अधिक वर्षा वाला जिला बन गया है, जहां सामान्य से 123 प्रतिशत अधिक (करीब 16 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं इंदौर में लगभग 13 इंच और भोपाल में करीब 12 इंच वर्षा हो चुकी है।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदियों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई मानसून का सबसे सक्रिय महीना होता है और प्रदेश की कुल मौसमी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा इसी महीने में दर्ज होता है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी तेज बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है।