
सतना। सतना शहर में एक डायग्नोस्टिक सेंटर की घोर लापरवाही ने चिकित्सा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सतना डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा एक पुरुष मरीज की सोनोग्राफी रिपोर्ट में गर्भाशय (यूट्रस) दिखाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह रिपोर्ट न केवल चिकित्सा विज्ञान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि मरीज की जान के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती थी।
इस मामले को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला ने बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक डॉ. अरविंद सराफ को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर पूरे मामले की तथ्यात्मक जानकारी और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष की रिपोर्ट में निकला गर्भाशय
यह चौंकाने वाला मामला उचेहरा नगर पंचायत अध्यक्ष निरंजन प्रजापति से जुड़ा है।
13 जनवरी को पेट दर्द की शिकायत पर उन्होंने सतना डायग्नोस्टिक सेंटर में सोनोग्राफी कराई थी। रिपोर्ट में उनके शरीर में गर्भाशय की मौजूदगी दर्शाई गई, वह भी उल्टी स्थिति में।
चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, पुरुष शरीर में गर्भाशय का होना असंभव है, ऐसे में रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
निरंजन प्रजापति ने इस लापरवाही को लेकर सिटी कोतवाली थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है। उनका कहना है कि इस तरह की गलत रिपोर्ट से मरीज को गलत इलाज मिल सकता है, जिससे उसकी जान तक खतरे में पड़ सकती है।
आयुष्मान हॉस्पिटल की पैथोलॉजी भी जांच के घेरे में
इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर की पैथोलॉजी से जुड़े एक अन्य गंभीर मामले पर भी शिकंजा कस दिया है।
आरोप है कि यहां बिना जांच किए केवल पैथोलॉजिस्ट की हस्ताक्षरयुक्त सील लगाकर ब्लड टेस्ट रिपोर्ट जारी की जा रही है।
CMHO ने इस प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है और 7 दिनों में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
जांच टीम में शामिल
- डॉ. सुधीर सिंह – सर्जिकल स्पेशलिस्ट
- डॉ. अंकिता पांडेय – पैथोलॉजिस्ट
- लक्ष्मीकांत वर्मा – लैब टेक्नीशियन
इन बिंदुओं पर होगी जांच
- लैब का वैध संचालन
- पैथोलॉजिस्ट की नियुक्ति और मौजूदगी
- जांच रिपोर्टों की सत्यता
- मशीनों की तकनीकी जांच
- रिकॉर्ड संधारण
- 7 जनवरी को मरीज राघव तिवारी की पैथोलॉजी रिपोर्ट की तकनीकी समीक्षा
सीएमएचओ ने बताया कि जीवन ज्योति कॉलोनी निवासी राघव तिवारी ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, जो कलेक्टर की जनसुनवाई तक पहुंच चुकी है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
एक ओर पुरुष की रिपोर्ट में गर्भाशय दिखना, तो दूसरी ओर बिना जांच रिपोर्ट जारी करने के आरोप—इन दोनों मामलों ने सतना की निजी स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
अब स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा कि दोषियों पर लाइसेंस निलंबन, कानूनी कार्रवाई या एफआईआर दर्ज होगी या नहीं।