
माखननगर — श्री माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय महाविद्यालय, माखननगर में सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन प्राचार्य डॉ. नीता चौबे के निर्देशन में एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह चौहान ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, आदर्शों और उनके सर्वोच्च बलिदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी ने मुगल शासनकाल में हिंदुओं के जबरन धर्मांतरण का कड़ा विरोध किया था और धार्मिक स्वतंत्रता तथा मानवाधिकारों की रक्षा हेतु स्वयं का बलिदान दिया। इसी महान त्याग के कारण उन्हें ” हिंद की चादर ” की गौरवपूर्ण उपाधि से सम्मानित किया गया।
डॉ. चौहान ने कहा कि गुरु जी न केवल एक आध्यात्मिक गुरु और कवि थे, बल्कि एक साहसी योद्धा भी थे, जिन्होंने सदैव कमजोरों, पीड़ितों और वंचितों की रक्षा की।
कार्यक्रम में गुरु तेग बहादुर जी के उपदेशों और उनके प्रेरणादायी जीवन पर चर्चा की गई। उपस्थित विद्यार्थियों को बताया गया कि उनका बलिदान केवल सिख समुदाय के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी इकाई-2 डॉ. कविता दुबे, डॉ. क्षमा मेहरा, डॉ. संगीता मिश्रा, सुश्री शिवानी मालवीय, डॉ. आकांक्षा यादव सहित महाविद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरु तेग बहादुर जी के त्याग, मानवता और स्वतंत्रता के मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। महाविद्यालय परिवार ने श्रद्धा और सम्मान के साथ इस शहीदी दिवस को याद किया।