मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल तय, कई जिलों के कलेक्टर बदलने की तैयारी

भोपाल।  मध्यप्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी तेज हो गई है। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार प्रदेश में जल्द ही कलेक्टरों के तबादलों की सूची जारी हो सकती है। बताया जा रहा है कि इस संभावित सूची में करीब एक दर्जन जिलों के कलेक्टर प्रभावित हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक राजधानी भोपाल में भी कलेक्टर बदलना लगभग तय माना जा रहा है। वर्तमान कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह का सचिव स्तर पर प्रमोशन हो चुका है, जिसके बाद उन्हें किसी संभाग का आयुक्त बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।


भोपाल कलेक्टर के लिए तीन नाम चर्चा में
राजधानी भोपाल के नए कलेक्टर के रूप में तीन नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं—
ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा
मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास निगम के सीईओ दीपक आर्य
सरकार भोपाल जैसे बड़े जिले में महिला आईएएस अधिकारी को जिम्मेदारी देने पर भी विचार कर रही है, इसलिए रुचिका चौहान का नाम चर्चा में सबसे आगे बताया जा रहा है।


इन जिलों के कलेक्टर भी हो सकते हैं प्रभावित


संभावित तबादला सूची में प्रदेश के कई जिलों के कलेक्टरों के नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें—
केदार सिंह (शहडोल)
प्रतिभा पाल (रीवा)
स्वरोचिष सोमवंशी (सीधी)
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी (बैतूल)
नेहा मीना (झाबुआ)
सोनिया मीना (नर्मदापुरम)
सुधीर कोचर (दमोह)
ऋजु बाफना (शाजापुर)
रानी बाटड़ (मैहर)
अदिति गर्ग (मंदसौर)
हालांकि अंतिम निर्णय मुख्य सचिव के अवकाश से लौटने के बाद ही लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि उनके लौटने के बाद नामों की अंतिम समीक्षा कर तबादला सूची जारी की जाएगी।


मंत्रालय स्तर पर भी हो सकता है बदलाव
प्रशासनिक फेरबदल केवल कलेक्टरों तक सीमित नहीं रहेगा। जानकारी के अनुसार संभाग आयुक्त, निगम-मंडलों के एमडी-सीईओ और मंत्रालय स्तर पर प्रमुख सचिव एवं अपर मुख्य सचिव के प्रभारों में भी बदलाव किया जा सकता है।


2026 में कई वरिष्ठ अधिकारी होंगे सेवानिवृत्त


वर्ष 2026 प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस साल कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इसके बाद प्रदेश की नौकरशाही में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद नई पीढ़ी के अधिकारियों को जिम्मेदारी मिलने से प्रशासनिक व्यवस्था में नई सोच और कार्यशैली देखने को मिलेगी।

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