
माखननगर | चीलाचौंन स्थित एकलव्य एग्रो केयर एवं वेयरहाउस से करीब 10 हजार बोरी मूंग के गायब होने के मामले में प्रस्तावित जांच उस समय अधर में लटक गई, जब प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तो पहुंचे, लेकिन हम्मालों के नहीं आने के कारण जांच प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। वेयरहाउस के ताले खुले पाए गए, लेकिन दिनभर जांच टीम को इंतजार करना पड़ा, जिससे वेयरहाउस परिसर में असमंजस की स्थिति बनी रही।
सूत्रों के अनुसार, मूंग की कमी को लेकर एमपी वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन, शाखा माखननगर एवं प्रशासनिक अमले की संयुक्त जांच प्रस्तावित थी। जांच के दौरान भौतिक सत्यापन और स्टेकिंग (बोरियों की गिनती) की जानी थी, लेकिन तय समय पर हम्मालों के उपस्थित नहीं होने के कारण यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
आज हो सकती है जांच
विभागीय सूत्रों का कहना है कि अब यह जांच आज होने की संभावना है। हम्मालों की उपलब्धता के बाद बोरियों की स्टेकिंग, दस्तावेजों की जांच और पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद मूंग की वास्तविक कमी का आकलन किया जा सकेगा।
प्रथम दृष्टया स्कंध गायब
वेयरहाउस के जिला प्रबंधक वासुदेव डावंडे ने बताया कि प्रथम दृष्टया वेयरहाउस में स्कंध (स्टॉक) गायब प्रतीत हो रहा है और मूंग के बोरे अस्त-व्यस्त हालत में पड़े मिले हैं। उन्होंने कहा कि हम्मालों के आने के बाद स्टेकिंग की जाएगी, तभी यह स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में कितना माल गायब है।
अब भी कायम हैं सवाल
करोड़ों रुपये मूल्य की मूंग के गायब होने के मामले में जांच का बार-बार टलना कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा बनी हुई है कि जब मामला इतना गंभीर है, तो जांच में इस तरह की देरी क्यों हो रही है।
निगाहें जांच पर टिकीं
फिलहाल किसान, वेयरहाउस प्रबंधन और स्थानीय नागरिक सभी इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि जांच कब पूरी होती है और उसमें क्या तथ्य सामने आते हैं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।