
माखननगर। शहर के शासकीय संदीपनी स्कूल में बुधवार सुबह शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण गतिविधि देखने को मिली। संयुक्त संचालक (जेडी) मनीष वर्मा ने यहां सघन निरीक्षण किया। सुबह ठीक 10 बजे वे संभागीय कॉर्डिनेटर सुदीप गौर के साथ विद्यालय परिसर पहुंचे। उनके आगमन के साथ ही स्कूल प्रशासन सतर्क हो गया और विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण पूर्ण अनुशासन में दिखाई देने लगा। जेडी वर्मा ने लगभग डेढ़ घंटे तक विद्यालय में रहकर शिक्षण व्यवस्था, उपस्थिति, अनुशासन और छात्रों की पढ़ाई की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सबसे पहले छात्रों की प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। प्रार्थना के बाद बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने पढ़ाई में ईमानदारी, आत्मअनुशासन और समय प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें नकल करना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि स्वयं के विकास के साथ भी धोखा है। बच्चों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन और कक्षाओं में ध्यान देने से किसी भी परीक्षा को आसानी से उत्तीर्ण किया जा सकता है।

जेडी वर्मा ने बच्चों से यह भी पूछा कि वे किन विषयों में कठिनाई महसूस करते हैं और शिक्षकों की ओर से उचित सहयोग मिल रहा है या नहीं। इस संवाद में कई छात्रों ने अपनी पढ़ाई से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं को साझा किया, जिसे जेडी ने गंभीरता से सुना और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देते हुए कहा कि हर दिन नई शुरुआत होती है, इसलिए मन लगाकर पढ़ें और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ें।
इसके बाद उन्होंने शिक्षकों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समय पर स्कूल पहुँचना शिक्षक की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शैक्षणिक प्रगति शिक्षक के समर्पण पर निर्भर करती है। यदि शिक्षक समय पर उपस्थित नहीं होंगे या कक्षाओं में सक्रिय भागीदारी नहीं होगी, तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। जेडी ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि कक्षा संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षकों को सलाह दी कि वे अपनी ड्यूटी को गंभीरता से लें और बच्चों पर ध्यान केंद्रित करें, क्योंकि भविष्य निर्माण का दायित्व शिक्षकों के कंधों पर ही है।
निरीक्षण के अंत में उन्होंने स्कूल की साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण, स्मार्ट क्लास की स्थिति, पुस्तकालय, लैब तथा अन्य सुविधाओं का भी जायजा लिया। जहां कमियाँ पाई गईं, वहां सुधार के निर्देश दिए। जेडी वर्मा ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना विभाग की प्राथमिकता है और इसके लिए नियमित निरीक्षण जारी रहेंगे।
कुल मिलाकर, जेडी मनीष वर्मा का यह सघन निरीक्षण विद्यालय के शिक्षक-छात्र दोनों के लिए एक सन्देश माना जा रहा है—कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, अनुशासन और ईमानदारी अनिवार्य है। उनके इस दौरे से जहाँ छात्रों को नई ऊर्जा मिली है, वहीं शिक्षकों को भी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर होने का संदेश गया है।