IndoreNews :कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था बीजेपी हाईकमान से इंदौर देगा बड़ा सरप्राइज

Kailash Vijayvargiya had told BJP high command will give big surprise from Indore this is insode story

भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के साथ अक्षय बम।

भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के सूरत जैसा खेल मध्यप्रदेश के इंदौर में दोहरा दिया। इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। ऐसे में अब भाजपा प्रत्याशी शंकर लालवानी की राह आसान हो गई है। इंदौर के इस घटनाक्रम की पूरी पटकथा एमपी सरकार में मंत्री और इंदौर एक से विधायक कैलाश विजयवर्गीय ने लिखी। विजयवर्गीय का साथ इंदौर दो के विधायक रमेश मेंदोला ने दिया। सूरत घटनाक्रम के बाद से ही दोनों नेताओं ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी थीं।

देनवापोस्ट को विश्वस्त सूत्रों मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में एमपी की लोकसभा सीटों पर चल रहे चुनाव प्रचार के दौरान और राजधानी दिल्ली में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कई मुलाकातें हुईं। इस दौरान केंद्रीय नेतृत्व ने विजयवर्गीय से मध्यप्रदेश में चल रहे प्रचार अभियान के अलावा मालवा-निमाड़ समेत अन्य सीटों पर वन-टू-वन चर्चा भी की थी। इस दौरान विजयवर्गीय ने सभी सीटों पर भाजपा की जमीनी स्थिति से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत करवाया था।

इस दौरान इंदौर सीट को लेकर जब चर्चा हुई थी, तो विजयवर्गीय ने भाजपा हाईकमान को इशारा करते हुए कहा था कि इंदौर में आपको जल्द ही को बड़ा सरप्राइज मिलेगा। हाईकमान को विश्वास में लेने के बाद विजयवर्गीय और उनकी टीम इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने में जुट गई थी। कांग्रेस उम्मीदवार अक्षय कांति बम से चर्चा होने के बाद विजयवर्गीय ने केंद्रीय नेतृत्व को फिर सूचना दी। दिल्ली दरबार से जैसे ही हरी झंडी मिली, इसके बाद अक्षय कांति बम का नामांकन वापस लेने के प्लान को अमलीजामा पहनाया गया।

सूत्रों के अनुसार, मंत्री विजयवर्गीय ने हाईकमान को भरोसे में लेकर एक होटल में इसकी प्लानिंग की थी। अक्षय ने नाम वापसी पर अनहोनी की आशंका जताई थी। उनका कहना था कि कांग्रेसी नेता बवाल कर देंगे। नामांकन कब, किस दिन और कितने बजे वापस होगा इसे लेकर एक प्लान बनाया गया। इसके बाद इसमें भाजपा विधायक रमेश मेंदोला की भी एंट्री हुई। अक्षय को फॉर्म वापस लेने भी मेंदोला के साथ भेजा गया, जबकि मंत्री विजयवर्गीय खुद बाहर डटे रहे। इसके साथ ही अक्षय कांति बम के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

दरअसल, भाजपा इंदौर में भी सूरत की तरह क्लीन स्वीप के प्लान पर काम कर रही है। कांग्रेस के बाद बचे हुए सभी अन्य उम्मीदवारों की भी नाम वापसी हो सकती है। यदि ऐसा हुआ तो सूरत के बाद इंदौर दूसरा शहर होगा, जहां भाजपा निर्विरोध जीत सकती है। बता दें कि कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे। नाम वापसी दोपहर 3 बजे तक चलेगी।

इंदौर में हुए इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस खजुराहो सीट की तरह किसी निर्दलीय या छोटे दल के प्रत्याशी का समर्थन कर सकती है। इसके लिए प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी सक्रिय हो गए हैं। खजुराहो लोकसभा सीट पर इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो गया था। इस पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने वहां ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार आरबी प्रजापति को समर्थन कर दिया है। अब वे ही भाजपा प्रत्याशी वीडी शर्मा के सामने इंडिया गठबंधन का चेहरा हैं।

चार दिन पहले हत्या की कोशिश की धारा बढ़ाई गई

अक्षय कांति बम पर तीन अलग-अलग केस चल रहे हैं। चुनाव के बीच उनके खिलाफ 17 साल पुराना एक मामला फिर चर्चा में आया, जिसमें उनके खिलाफ धारा 307 (हत्या को कोशिश) बढ़ा दी गई थी। अक्षय कांति बम की तरफ से दाखिल हलफनामे के मुताबिक, वे 14 लाख रुपये की घड़ी पहनते हैं। अक्षय की व्यक्तिगत रूप से चल संपत्ति साढ़े 8 करोड़ रुपये की है। इनमें शेयर आदि भी शामिल हैं। अचल संपत्ति में जमीनें हैं, जिनकी बाजार कीमत 47 करोड़ रुपये है। साढ़े छह करोड़ रुपये की विरासत भी है। अक्षय के नाम पर 56 करोड़ रुपये, जबकि पत्नी व बच्चों के नाम पर लगभग 22 करोड़ रुपये की संपत्ति है। कुल संपत्ति 78 करोड़ रुपये के आसपास है।

अक्षय कांति बम ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को राजनेता और एजुकेशन फील्ड का पायनियर बताया है। वे इंदौर में तीन शैक्षणिक संस्थान चलाते हैं। उन्होंने इंदौर से ही एमबीए और लॉ की पढ़ाई की है। अक्षय कांति बम ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भी टिकट की मांग की थी, हालांकि पार्टी ने अंतिम समय में राजा मंधवानी को मैदान में उतारा था। उस दौरान अक्षय के समर्थकों ने कांग्रेस के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।

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