Indore News:कारगिल से कन्याकुमारी तक 4,200 किमी दौड़कर पहुंचे इंदौर के कार्तिक जोशी, फिटनेस और एकता का दिया संदेश

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी युवा धावक कार्तिक जोशी ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने खेल जगत के साथ-साथ पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। 24 वर्षीय कार्तिक ने कारगिल से कन्याकुमारी तक करीब 4,200 किलोमीटर की दूरी दौड़कर पूरी कर ली। इस ऐतिहासिक दौड़ के माध्यम से उन्होंने देशवासियों को फिटनेस अपनाने और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
2 मई को शुरू हुई थी ऐतिहासिक दौड़
कार्तिक ने अपनी मैराथन यात्रा 2 मई को कारगिल से शुरू की थी। उनका लक्ष्य इस सफर को 55 दिनों में पूरा करने का था, लेकिन मौसम और भौगोलिक चुनौतियों के कारण उन्हें करीब दो महीने का समय लगा। बुधवार को वह दौड़ते हुए देश के अंतिम छोर कन्याकुमारी पहुंचे, जहां विभिन्न खेल संगठनों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
हर दिन 75 किलोमीटर की दौड़
कार्तिक ने बताया कि उन्होंने इस अभियान के दौरान प्रतिदिन औसतन 75 किलोमीटर दौड़ लगाई। सफर के दौरान उन्हें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। कभी कश्मीर की माइनस 2 डिग्री सेल्सियस की ठंड में दौड़ना पड़ा तो कभी 44 डिग्री की भीषण गर्मी में। महाराष्ट्र की बारिश, पहाड़ी रास्तों की चढ़ाई और लंबी ढलानों ने भी उनकी परीक्षा ली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
सात राज्यों से होकर निकली यात्रा
यह दौड़ देश के सात राज्यों से होकर गुजरी। कार्तिक का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं था, बल्कि युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करना और ‘कारगिल से कन्याकुमारी तक – देश एक है’ का संदेश देना था। यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों के लोगों से मुलाकात की और उनकी संस्कृति, भाषा और जीवनशैली को करीब से जाना।
75 हजार किलोमीटर से अधिक दौड़ चुके हैं कार्तिक
कार्तिक पिछले 9 वर्षों से लंबी दूरी की दौड़ में सक्रिय हैं। अब तक वे 75 हजार किलोमीटर से अधिक दौड़ पूरी कर चुके हैं और कई राष्ट्रीय स्तर की मैराथनों में भाग ले चुके हैं। हालांकि, उनके अनुसार कारगिल से कन्याकुमारी तक की यह दौड़ उनके जीवन की सबसे यादगार और चुनौतीपूर्ण उपलब्धि रही।
इंदौर में होगा भव्य स्वागत
कार्तिक चार दिन बाद इंदौर लौटेंगे, जहां विभिन्न खेल संगठनों और खेल प्रेमियों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। उनकी इस उपलब्धि को युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।