महू/इंदौर। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को उनकी जन्मस्थली डॉ. अंबेडकर नगर महू में भव्य और गरिमामय आयोजन की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इस ऐतिहासिक दिन को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं महू पहुंचकर आयोजन स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर व्यवस्था बाबा साहब की गरिमा के अनुरूप होनी चाहिए।
श्रद्धालुओं के स्वागत में कोई कमी नहीं
हर साल की तरह इस बार भी 14 अप्रैल को महू में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। राज्य शासन की मंशा साफ है—हर आने वाला व्यक्ति “अतिथि” की तरह सम्मान पाए। इसके लिए धर्मशालाओं, स्कूलों और तीन विशाल डोम की व्यवस्था की जा रही है। पेयजल के लिए जगह-जगह प्याऊ और बड़ी संख्या में अस्थायी शौचालय तैयार किए जा रहे हैं, ताकि भीड़ के बीच कोई असुविधा न हो।
12 अप्रैल से शुरू होगा श्रद्धालुओं का आगमन
प्रशासन के मुताबिक श्रद्धालुओं का आगमन 12 अप्रैल की शाम से ही शुरू हो जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए स्वर्ग मंदिर परिसर में भोजन व्यवस्था 12 अप्रैल से 14 अप्रैल शाम तक लगातार जारी रहेगी।
भंतेगणों के लिए महेश्वरी स्कूल में अलग व्यवस्था की गई है, जबकि आम श्रद्धालुओं के लिए कैंट बोर्ड हायर सेकेंडरी स्कूल और कन्या स्कूल में ठहरने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पूरे परिसर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा, जिससे माहौल श्रद्धा और उत्सव में डूबा नजर आएगा।
7 सेक्टर में बंटा पूरा आयोजन क्षेत्र
भीड़ और व्यवस्थाओं को नियंत्रित करने के लिए पूरे आयोजन स्थल को 7 सेक्टरों में बांटा गया है। इनमें जन्मस्थली, महेश्वरी स्कूल, स्वर्ग मंदिर परिसर, रेलवे स्टेशन से सात रास्ता, कैंट प्राइमरी और कन्या विद्यालय सहित अन्य प्रमुख स्थान शामिल हैं। हर सेक्टर में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
खास बात यह है कि मराठी भाषी शिक्षकों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है, ताकि महाराष्ट्र से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की भाषा समस्या का सामना न करना पड़े।
कंट्रोल रूम और मेडिकल टीम अलर्ट
पूरे आयोजन की निगरानी के लिए तीन प्रमुख कंट्रोल रूम बनाए गए हैं—तहसील परिसर, जन्मस्थली स्मारक और स्वर्ग मंदिर परिसर में।
आपात स्थिति से निपटने के लिए 6 स्थानों पर चिकित्सा दल तैनात रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर निगम और स्थानीय निकायों की टीमें लगातार काम करेंगी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी पूरे समय तैनात रहेंगी।