Indore News: इंदौर–उज्जैन हेल्थ कॉरिडोर पर फोकस, अस्पतालों के उन्नयन को करोड़ों का बजट

भोपाल/इंदौर। उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर मध्यप्रदेश में तैयारियां अब तेज होती नजर आ रही हैं। सरकार का फोकस केवल धार्मिक व्यवस्थाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को बड़े स्तर पर मजबूत करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। खास तौर पर इंदौर से उज्जैन के बीच एक मजबूत हेल्थ नेटवर्क विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि एक साथ बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज मिल सके।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उच्चस्तरीय बैठक

हाल ही में तुलसीराम सिलावट ने राजेंद्र शुक्ला के इंदौर प्रवास के दौरान उनसे मुलाकात की। इस बैठक में शहर की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य इंदौर के प्रमुख अस्पतालों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करना और उन्हें तय समय सीमा में पूरा करने की रणनीति बनाना था।

एमवाय अस्पताल के उन्नयन पर जोर

इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय अस्पताल में रोजाना पांच हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने लगभग 775 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी है।

इन कार्यों के तहत अस्पताल में बेड क्षमता बढ़ाने, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर काम किया जा रहा है, ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

इंदौर–उज्जैन हेल्थ रोडमैप तैयार

सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए सरकार इंदौर से उज्जैन तक स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक रोडमैप तैयार कर रही है।

धार रोड पर बन रहे प्रदेश के सबसे बड़े जिला अस्पताल भवन को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्थानीय और बाहरी मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार मिल सके।

इसके साथ ही सांवेर क्षेत्र की 30 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं—सीएचसी और पीएचसी—के सुदृढ़ीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिप्रा, धरमपुरी और सांवेर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की योजना भी बनाई गई है।

लाखों श्रद्धालुओं के लिए तैयार होगी व्यवस्था

सरकार की योजना है कि सिंहस्थ से पहले इंदौर और उज्जैन के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं को इतना मजबूत कर दिया जाए कि एक साथ लाखों श्रद्धालुओं के इलाज की व्यवस्था आसानी से संभाली जा सके।

यह तैयारी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अहम मानी जा रही है।

ग्वालियर के लिए भी बड़ी योजना

इंदौर मॉडल को देखते हुए तुलसीराम सिलावट ने ग्वालियर स्थित गजराराजे चिकित्सा महाविद्यालय के लिए भी इसी तरह की योजना बनाने का सुझाव दिया है।

उन्होंने उप मुख्यमंत्री से ग्वालियर में स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन के लिए करीब 1000 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया है।

विश्वस्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था का लक्ष्य

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सरकार प्रदेश के प्रमुख शहरों में स्वास्थ्य अवसंरचना को विश्वस्तरीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे ये प्रयास न केवल धार्मिक आयोजन की सफलता सुनिश्चित करेंगे, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को भी एक नई दिशा देंगे।

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