इंदौर। इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने गौवंश की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आयशर वाहन को जब्त किया है। वाहन में मवेशियों को बेहद अमानवीय और क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और आक्रोशित लोगों ने वाहन में तोड़फोड़ भी कर दी। हालांकि पुलिस की घेराबंदी का अंदेशा होते ही वाहन चालक और उसके साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब रालामंडल निवासी हर्षवर्धन सिंह ने पुलिस को संदिग्ध वाहन की सूचना दी। जानकारी के अनुसार एक आयशर वाहन क्रमांक MP13ZX8165 में गौवंश को बेरहमी से भरकर बायपास मार्ग से कहीं ले जाया जा रहा था। सूचना मिलते ही तेजाजी नगर पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए कैलोद करताल फाटा के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस को बताए गए स्थान पर वाहन खड़ा मिला। जब टीम ने उसकी तलाशी ली तो अंदर सात मवेशी अत्यंत खराब और अमानवीय स्थिति में बंधे हुए पाए गए। पुलिस के पहुंचते ही वाहन चालक और उसके साथी मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी मवेशियों को सुरक्षित मुक्त कराया और वाहन को जब्त कर थाने ले जाया गया।
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इस घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। मवेशियों के साथ हुई क्रूरता को देखकर लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने वाहन में तोड़फोड़ कर दी। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश गौवंश प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4/9 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की पहचान करने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर अवैध पशु तस्करी के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।