कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद बनी हुई है खरीदारी की रुचि
इस बार अक्षय तृतीया पर सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, हालांकि बीते कुछ दिनों में इसमें गिरावट भी देखी गई। इसका मुख्य कारण मुनाफाखोरी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के प्रति नई दिलचस्पी बताया जा रहा है। बावजूद इसके, भारतीय उपभोक्ताओं में सोने की खरीद को लेकर उत्साह कायम है। लोग कम वजन वाले आभूषणों, डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ, सिक्कों और बार में विशेष रुचि दिखा रहे हैं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव से अस्थायी असर पड़ेगा लेकिन आस्था और निवेश दोनों दृष्टिकोण से खरीदी बरकरार रहेगी।
महंगे सोने के बावजूद निवेश के लिए बनी हुई है ग्राहकों की रुचि
सराफा बाजार के वरिष्ठ ज्वेलर राजेश सिंघल का कहना है कि सोने की रिकॉर्ड कीमतों के बावजूद ग्राहकों की भावना मजबूत बनी हुई है। सोना आज भी निवेश और समृद्धि का प्रतीक बना हुआ है। उन्हें उम्मीद है कि इस अक्षय तृतीया पर बिक्री में इजाफा होगा, भले ही वॉल्यूम पिछले वर्ष की तुलना में कम हो। उनका कहना है कि मूल्य के लिहाज से बिक्री में वृद्धि संभव है, जो वॉल्यूम की कमी को संतुलित करेगी। सिक्कों और बार की बुकिंग पहले से शुरू हो चुकी है, हालांकि यह पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम है। फिर भी त्योहारी भावनाओं के चलते बिक्री को लेकर बाजार आशावादी है।
ऑफर्स और छूट से बिक्री को मिल सकती है रफ्तार
ज्वेलर अशोक मित्तल बताते हैं कि इस बार ग्राहक शुभ अवसर और परंपरा के अनुसार खरीदारी करना पसंद करेंगे, हालांकि महंगे सोने के कारण यह खरीदारी मुख्यतः हल्के वजन वाले गहनों और पुराने गहनों के बदले नए गहनों की होगी। ज्वेलर्स इस अवसर पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए गहनों की बनवाई पर छूट और आकर्षक ऑफर दे रहे हैं। लाइट वेट ज्वेलरी पर विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसमें कुछ खास खरीदारी पर 0.5 ग्राम सोने का सिक्का मुफ्त, डायमंड गहनों पर 60 प्रतिशत तक की छूट और बनवाई पर 100 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इन ऑफर्स के जरिए ग्राहक वर्ग को पुनः बाजार की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
परशुराम शोभायात्रा का रजत जयंती वर्ष
इंदौर में निकलने वाली पारंपरिक परशुराम शोभायात्रा इस वर्ष रजत जयंती यानी 25वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस विशेष अवसर को भव्य रूप देने के लिए सर्व ब्राह्मण युवा परिषद द्वारा विशेष तैयारियाँ की गई हैं। परिषद की टीम ने घर-घर जाकर पीले चावल और निमंत्रण पत्र वितरित किए ताकि अधिक से अधिक विप्र बंधु इस यात्रा में शामिल हो सकें। आयोजन को सफल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से 2000 ब्राह्मण परिवारों से दो-दो सौ रुपए का आर्थिक सहयोग लिया गया है। शोभायात्रा प्रमुख योगेश मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष आयोजन की विशेषता यह होगी कि 500 महिलाएं एक जैसी साड़ी पहनकर शोभायात्रा में भाग लेंगी, जिससे समाज की एकता और आयोजन की भव्यता स्पष्ट रूप से झलकेगी।