इंदौर। शहर में मेट्रो सेवा शुरू होने की दिशा में बड़ा कदम सामने आया है। मेट्रो प्रोजेक्ट के 17 किलोमीटर लंबे हिस्से में संचालन की राह अब लगभग साफ हो गई है। कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) की टीम ने मेट्रो ट्रेन, ट्रैक और स्टेशनों का विस्तृत निरीक्षण किया, जिसमें कोई बड़ी खामी सामने नहीं आई।
चार दिनों तक चले इस निरीक्षण के दौरान मेट्रो को अलग-अलग गति पर चलाकर परीक्षण किया गया। अधिकतम 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर ट्रेन को दौड़ाया गया, वहीं ट्रैक के मोड़ और ढलान वाले हिस्सों की विशेष जांच की गई, ताकि भविष्य में 80 किमी प्रति घंटे की स्पीड पर संचालन के दौरान कोई परेशानी न हो।
निरीक्षण के चलते गांधी नगर से बागड़दा तक करीब 6 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो का संचालन अस्थायी रूप से रोका गया था, जिसे अब दोबारा शुरू कर दिया गया है।
रिपोर्ट सौंपने के बाद मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को संचालन की अंतिम मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद किराया तय किया जाएगा। अनुमान है कि गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक 17 किलोमीटर के सफर का अधिकतम किराया 80 रुपये तक हो सकता है।
फिलहाल 6-7 किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो का संचालन जारी है, जहां अधिकतम किराया 30 रुपये है, हालांकि इस हिस्से में यात्रियों की संख्या अभी कम है। 17 किलोमीटर के पूरे रूट पर संचालन शुरू होने से एयरपोर्ट और बस स्टैंड से जुड़ाव होने के कारण यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
मेट्रो फैक्ट फाइल
- पूरे 30 किलोमीटर ट्रैक के तैयार होने पर हर 30 मिनट में मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी
- शहर में कुल 28 स्टेशन बनाए जा रहे हैं
- किराया 20 से 80 रुपये के बीच, रूट को 5 जोन में बांटा गया
- 20 से अधिक मेट्रो ट्रेनें चलेंगी
- एक ट्रेन में करीब 450 यात्रियों की क्षमता
- ट्रेन में खड़े होकर सफर के लिए पोल और ग्रिप की सुविधा
- सभी कोच अंदर और बाहर से CCTV कैमरों से लैस होंगे
शहर को मिलेगी आधुनिक यातायात सुविधा
मेट्रो के 17 किलोमीटर हिस्से में संचालन शुरू होने से इंदौर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा।