भारतीय Smartphone बाजार 2025 की तीसरी तिमाही: Apple की बढ़त और Android की चुनौतियाँ

नई दिल्ली। मनीकंट्रोल के साथ साझा किए गए विशेष IDC डेटा से पता चलता है कि भारत का स्मार्टफोन (Smartphone) बाजार 2025 की तीसरी तिमाही (Q3) में लगभग 46 मिलियन यूनिट शिपमेंट के साथ स्थिर रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि के बराबर है।
हालाँकि, दूसरी तिमाही उम्मीद से बेहतर रही थी, लेकिन Q3 में स्थिरता लगातार कमजोर उपभोक्ता मांग की ओर संकेत करती है। यह ट्रेंड दिखाता है कि बाजार में अब तीव्र वृद्धि की बजाय संतुलन की स्थिति बन गई है।


Smartphone 151 मिलियन से घटकर 148–149 मिलियन यूनिट तक

IDC की रिसर्च मैनेजर उपासना जोशी के अनुसार, वर्ष 2025 का कुल स्मार्टफोन (Smartphone) शिपमेंट पिछले वर्ष के 151 मिलियन यूनिट से घटकर 148–149 मिलियन यूनिट तक सीमित हो सकता है।

इस गिरावट की दो प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं:

  1. कमजोर उपभोक्ता मांग – विशेषकर $200–$400 के मिड-रेंज सेगमेंट में।
  2. दिवाली का समय – अक्टूबर में जल्दी आने से Q4 (चौथी तिमाही) की बिक्री पर असर पड़ने की संभावना।

IDC डेटा दर्शाता है कि तीसरी तिमाही का योगदान सामान्यतः सालाना शिपमेंट का 30–35 प्रतिशत होता है। लेकिन इस बार त्योहारी सीजन का कैलेंडर प्रभावी कारक बन सकता है।

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2025 की शुरुआत: धीमी, फिर तेज

भारतीय स्मार्टफोन (Smartphone) बाजार ने 2025 की शुरुआत अपेक्षा से धीमी की।

  • Q1 (जनवरी–मार्च): साल-दर-साल 6% की गिरावट।
  • Q2 (अप्रैल–जून): ब्रांड्स ने आक्रामक प्रमोशन और नए मॉडल लॉन्च किए, जिससे मांग बढ़ी और बाजार ने संतुलन हासिल किया।

यह रुझान बताता है कि उपभोक्ता खर्च अब बहुत सोच-समझकर हो रहा है। लोग बिना जरूरत के फोन अपग्रेड नहीं कर रहे हैं, लेकिन जब प्रमोशन या छूट मिलती है तो खरीदारी बढ़ जाती है।


मूल्य-आधारित सेगमेंट विश्लेषण

IDC डेटा के मुताबिक, अलग-अलग मूल्य श्रेणियों में वृद्धि और स्थिरता के अलग-अलग पैटर्न दिख रहे हैं।

$200–$400 रेंज:

  • यह श्रेणी भारत के स्मार्टफोन (Smartphone) बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा रखती है।
  • IDC के अनुसार, यहाँ न्यूनतम वृद्धि की उम्मीद है।
  • कारण: बाजार पहले से संतृप्त है और नए उपभोक्ता इस रेंज से बाहर की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।

$400–$600 रेंज:

  • इस श्रेणी को चीनी ब्रांडों और पुराने Apple तथा Samsung मॉडलों पर त्योहारी छूट से बड़ा लाभ मिलेगा।
  • यह वह खंड है जहाँ “वैल्यू फॉर मनी” का कॉम्बिनेशन उपभोक्ताओं को आकर्षित कर रहा है।

$600–$800 रेंज:

  • IDC का अनुमान है कि इस रेंज में दो अंकों की वृद्धि (Double-digit growth) होगी।
  • वजह: उपभोक्ता पिछले साल के फ्लैगशिप फोन को डिस्काउंट पर खरीदना पसंद कर रहे हैं।
  • यह सेगमेंट खासकर सशक्त मिड-अपर क्लास और युवा टेक-सेवी ग्राहकों में लोकप्रिय हो रहा है।

$800+ रेंज:

  • यह सबसे प्रीमियम कैटेगरी है।
  • IDC के अनुसार, इस श्रेणी में स्थिरता दिखेगी।
  • उपभोक्ता नए महंगे मॉडल की बजाय डिस्काउंट वाले पुराने प्रीमियम फोन चुन रहे हैं।

Apple बनाम Android: अलग-अलग कहानियाँ

Apple की मजबूती

IDC डेटा के मुताबिक, Apple साल की दूसरी छमाही में भी अपनी सकारात्मक गति (Momentum) बनाए रखेगा।

  • सितंबर तिमाही में iPhone शिपमेंट 5 मिलियन यूनिट से अधिक रहने का अनुमान है।
  • इसमें iPhone 17 सीरीज़ की हिस्सेदारी 15–20% होगी।
  • हालाँकि, अब भी बिक्री का बड़ा हिस्सा पुराने iPhone 16 और iPhone 15 मॉडल से आ रहा है।

2024 की तीसरी तिमाही में Apple ने लगभग 4 मिलियन iPhones बेचे थे, जिनमें से केवल 10% बिक्री नए मॉडल्स की थी। यह दर्शाता है कि भारतीय उपभोक्ता अभी भी किफायती पुराने प्रीमियम iPhones को प्राथमिकता देते हैं।

Android की चुनौतियाँ

इसके विपरीत, Android ब्रांडों के लिए माहौल चुनौतीपूर्ण है।

  • सैमसंग, Xiaomi, Vivo, Oppo जैसे ब्रांडों को बाजार में प्रतिस्पर्धा और कमजोर मांग से जूझना पड़ रहा है।
  • $200–$400 सेगमेंट में संतृप्ति और $400–$800 रेंज में Apple की पकड़, Android के लिए दबाव बढ़ा रही है।

ऑनलाइन बनाम ऑफलाइन चैनल: बदलती लड़ाई

भारतीय स्मार्टफोन बिक्री का बड़ा हिस्सा अब भी ऑनलाइन चैनलों से होता है, लेकिन IDC के अनुसार इस साल इसमें दिलचस्प बदलाव दिख रहा है।

  • 2025 की शुरुआत से ही ऑनलाइन शिपमेंट में गिरावट देखी गई है।
  • लेकिन Q3 (जुलाई–सितंबर) में Amazon और Flipkart की मेगा-फेस्टिव सेल्स के कारण ऑनलाइन बिक्री में तेज उछाल आएगा।
  • यह अस्थायी रूप से ऑफलाइन (मेनलाइन) चैनलों की वृद्धि को पीछे छोड़ देगा।

पूरे साल के लिए, अनुमान है कि ऑनलाइन शिपमेंट ऑफलाइन की तुलना में तेज़ी से घटेंगे
IDC की उपासना जोशी का कहना है कि असली सवाल यह होगा कि ऑफलाइन रिटेलर्स कैसे ई-कॉमर्स दिग्गजों की आक्रामक छूट का मुकाबला करेंगे।


उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव

IDC डेटा से साफ है कि भारतीय उपभोक्ता अब:

  1. लंबे समय तक फोन इस्तेमाल कर रहे हैं – अपग्रेड साइकिल 2–3 साल से बढ़कर 3–4 साल हो रही है।
  2. मूल्य और ऑफर्स के प्रति संवेदनशील हो गए हैं – प्रीमियम चाहत है, लेकिन कीमत किफायती चाहिए।
  3. ब्रांड से ज्यादा वैल्यू मायने रखती है – विशेषकर $400–$800 रेंज में।

भविष्य की झलक: 2026 और आगे

IDC का मानना है कि भारतीय स्मार्टफोन (Smartphone) बाजार की वृद्धि अब धीमी लेकिन स्थिर रहेगी।

2025 की तीसरी तिमाही में भारत का स्मार्टफोन (Smartphone) बाजार स्थिर रहेगा, लगभग 46 मिलियन यूनिट शिपमेंट के साथ।

  • Apple अपनी गति बनाए रखेगा और $400–$800 सेगमेंट को बढ़ावा देगा।
  • Android ब्रांड्स को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
  • ऑनलाइन–ऑफ़लाइन चैनल की लड़ाई और भी दिलचस्प होगी, जिसमें ई-कॉमर्स दिग्गज आक्रामक ऑफर्स से बढ़त लेंगे।

हालाँकि, कुल वार्षिक शिपमेंट 151 मिलियन से घटकर 148–149 मिलियन यूनिट पर आ सकता है, जो दर्शाता है कि भारतीय बाजार अब संतुलन और परिपक्वता की ओर बढ़ रहा है।

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