
माखननगर। स्थानीय प्रशासन ने शुक्रवार को दो गांवों में वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमणों पर निर्णायक कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को मुक्त कराया। राजस्व विभाग और पुलिस दल की संयुक्त टीम ने ग्राम कोंडरवाड़ा में मंगल भवन परिसर बनना उस भूमि तथा शुक्रवाड़ा कलां के शासकीय स्कूल परिसर से कब्जे हटाकर नया ले–आउट डाला गया।
कोंडरवाड़ा के मंगल भवन के लिए भूमि से हटाया गया अवैध कब्जा
ग्राम कोंडरवाड़ा के मंगल भवन की सरकारी भूमि पर बाहरी लोगों द्वारा अवैध निर्माण कर कब्जा कर लिया गया था। ग्रामीणों की शिकायतों के बाद तहसील प्रशासन ने जांच की।
जांच रिपोर्ट में भूमि को सार्वजनिक उपयोग में दर्ज पाया गया। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व दल व पुलिसबल मौके पर पहुंचा और जेसीबी के माध्यम से अतिक्रमण को ध्वस्त किया।
कार्रवाई के बाद राजस्व अमले ने स्थल का नया ले–आउट तैयार किया, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद न हो।

शुक्रवाड़ा कलां स्कूल की भूमि भी कराई मुक्त
शुक्रवाड़ा कलां के शासकीय विद्यालय की मूल भूमि पर भी अवैध कब्जा बना दिया गया था, जिससे स्कूल के विस्तार पर असर पड़ रहा था। विद्यालय प्रबंधन की शिकायत पर राजस्व निरीक्षक ने सीमांकन रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट सही पाए जाने पर सीमांकन कर भूमि को विद्यालय को वापस सौंपा गया।
इसके बाद शाला परिसर के लिए नए भवन के लिए ले–आउट डाला गया।
पुलिस बल की कड़ी निगरानी
कार्रवाई के दौरान माखननगर थाना पुलिस की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई, जिससे आगे विवाद होने पर रिकॉर्ड सुरक्षित रहे।
ग्रामीणों का मिला समर्थन
कोंडरवाड़ा में कुछ लोगों ने शुरुआती विरोध जताया, लेकिन अधिकारियों ने जब राजस्व अभिलेख और सीमांकन की प्रति ग्रामीणों को दिखाई, तो माहौल शांत हो गया।
अधिकांश ग्रामीणों ने कहा—
“मंगल भवन और स्कूल जैसी सार्वजनिक जगहों पर कब्जा नहीं होना चाहिए। प्रशासन का कदम सही है।”
सार्वजनिक भूमि पर कब्जा बर्दाश्त नहीं
तहसीलदार महेंद्र चौहान ने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
राजस्व निरीक्षक के अनुसार, गांवों में नया ले–आउट तैयार करने का उद्देश्य सरकारी भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित करना और विवादों को रोकना है।
आगे भी चलेगा अतिक्रमण हटाने का अभियान
क्षेत्र में कई अन्य स्थानों पर भी सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायतें मिली हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
कोंडरवाड़ा और शुक्रवाड़ा कलां की कार्रवाई को प्रशासनिक सक्रियता का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है, जिसने साफ कर दिया है कि अब सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।