श्रीमद् भागवत कथा में भागवत आचार्य श्याम मनावत का जीवन-दर्शन

श्रीमद् भागवत कथा के दौरान भागवत आचार्य श्याम मनावत ने जीवन व्यवहार और आत्मबोध से जुड़े गूढ़ संदेश देते हुए कहा कि सलाह और मशवरा देना ठीक है, लेकिन किसी के जीवन का निर्णय उस पर थोपना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना मांगे दी गई सलाह अक्सर संबंधों में दूरी और मन में अहंकार को जन्म देती है।


कथा के प्रवचन में आचार्य ने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन, उसकी परिस्थितियाँ और उसकी यात्रा अलग-अलग होती है। ऐसे में हमें मार्ग दिखाने का अधिकार तो है, लेकिन निर्णय लेने का अधिकार उसी व्यक्ति को होना चाहिए। यही व्यवहारिक धर्म है और यही जीवन जीने की सही कला है।


भागवत आचार्य ने श्रोताओं को समझाते हुए कहा कि “जिस दिन मनुष्य को साध्य और साधन के अंतर का बोध हो जाता है, उसी दिन उसका जीवन धन्य हो जाता है।” उन्होंने बताया कि लक्ष्य चाहे कितना भी पवित्र क्यों न हो, यदि उसे पाने का साधन गलत है, तो वह लक्ष्य भी अपना मूल्य खो देता है। जीवन में साध्य के साथ-साथ साधन की पवित्रता अत्यंत आवश्यक है।


कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए आचार्य ने कहा कि भगवान कृष्ण ने सदैव धर्मपूर्ण साधनों से ही अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। चाहे कंस का वध हो या पांडवों की रक्षा—हर जगह श्रीकृष्ण ने मानवता, नीति और धर्म का मार्ग दिखाया।


कृष्ण जन्म उत्सव की रही धूमधाम

कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण जन्म का पावन प्रसंग आया, पूरा पंडाल भक्ति और उल्लास से गूंज उठा। रात ठीक बारह बजे कृष्ण जन्म उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। झांकियों, पुष्पवर्षा, दीप प्रज्वलन और भजन-कीर्तन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।


श्रद्धालुओं ने नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की जैसे भजनों पर नृत्य कर अपनी आस्था प्रकट की। महिलाओं ने मंगल गीत गाए, वहीं बच्चों को बाल गोपाल के रूप में सजाया गया। पंडाल में मौजूद हर श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आया।


कृष्ण जन्म उत्सव के अवसर पर प्रसाद वितरण किया गया और समूचा क्षेत्र “हरि बोल” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।


कथा के अंत में भागवत आचार्य ने कहा कि कृष्ण को केवल पूजने से नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों को अपनाने से सच्ची भक्ति होती है। यदि मनुष्य अपने व्यवहार में संयम, विवेक और करुणा को स्थान दे दे, तो जीवन स्वयं एक सुंदर कथा बन जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!