भोपाल। सड़क सुरक्षा को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस (police) मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी पुलिस (police) अधिकारी और कर्मचारी दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए बाध्य होंगे। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि नियम का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आदेश क्यों जारी किया गया?
मुख्यालय द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि कुछ पुलिस (police) अधिकारी और कर्मचारी बिना हेलमेट के वाहन चलाते हैं। बीते वर्षों में कई पुलिसकर्मी दुर्घटनाओं का शिकार हुए और हेलमेट न पहनने के कारण गंभीर चोटों और मौत के मामले सामने आए। पुलिस विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए अब हेलमेट को अनिवार्य (Mandatory) कर दिया है।
आदेश की मुख्य बातें
- निरीक्षण और रिपोर्टिंग: सभी पुलिस थानों, पुलिस लाइन और इकाइयों में गणना, परेड और रैलियों के दौरान हेलमेट की जांच की जाएगी।
- वाहन चेकिंग और कार्रवाई: यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 194-D के तहत चालानी कार्रवाई और लाइसेंस अमान्य (Disqualify) करने की प्रक्रिया होगी।
- अनुशासनात्मक कार्रवाई: यदि कोई पुलिसकर्मी हेलमेट पहनने से इंकार करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस (police)अधिकारियों का संदेश
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पीटीआरआई) मो. शाहिद अवसार ने आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए कहा—
“हेलमेट पहनना अब पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए न केवल अनिवार्य है बल्कि सड़क सुरक्षा की दिशा में एक ज़िम्मेदारी भी है। यदि पुलिसकर्मी खुद नियमों का पालन करेंगे, तो जनता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।”
जनता के लिए उदाहरण बनेगी पुलिस
पुलिस मुख्यालय का मानना है कि जब पुलिसकर्मी स्वयं सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे, तो आम जनता में भी जागरूकता बढ़ेगी। यह पहल सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षित यातायात संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
निष्कर्ष
इस आदेश के बाद मध्यप्रदेश पुलिसकर्मियों को अब हर स्थिति में दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना होगा। यह कदम न केवल पुलिस बल की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा, बल्कि समाज को भी एक बड़ा संदेश देगा कि सुरक्षा में समझौता नहीं होना चाहिए।
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