
भोपाल। भोपाल के अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे के सरदार और कुख्यात बदमाश राजू ईरानी को पकड़ने के लिए लंबे समय तक पांच से अधिक राज्यों की पुलिस भोपाल में सक्रिय रही, लेकिन गिरफ्तारी के बाद कोई भी एजेंसी उसे लेने नहीं पहुंची। आखिरकार सात दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद भोपाल पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार राजू ईरानी के खिलाफ कोलकाता (पश्चिम बंगाल), गुरुग्राम, महाराष्ट्र, जयपुर और दिल्ली सहित कई राज्यों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उस पर लूट, संगठित अपराध, धोखाधड़ी और फरारी जैसे आरोप हैं। बताया जा रहा है कि वह बीते चार वर्षों से सात से अधिक राज्यों की पुलिस के लिए वांटेड था।
लंबे समय से तलाश, कई बार हुई दबिश
जानकारी के मुताबिक अलग-अलग राज्यों की पुलिस लंबे समय से राजू ईरानी की तलाश कर रही थी और भोपाल में कई बार दबिश भी दी गई थी। पिछले सप्ताह सूरत क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया था, जिसके बाद भोपाल की निशातपुरा पुलिस उसे सूरत से भोपाल लेकर आई।
सात दिन की पूछताछ, लेकिन प्रोडक्शन वारंट नहीं
भोपाल लाए जाने के बाद राजू ईरानी से सात दिनों तक गहन पूछताछ की गई। हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान किसी भी अन्य राज्य की पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे अपनी कस्टडी में लेने की पहल नहीं की। पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद भोपाल पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बीमारी का बहाना, डोजियर तैयार
पूछताछ के दौरान राजू ईरानी बीमारी का हवाला देकर सवालों से बचने की कोशिश करता रहा। पुलिस ने उससे डोजियर भरवाया है, जिसमें उसके रिश्तेदारों और गिरोह से जुड़े लोगों की विस्तृत जानकारी दर्ज की गई है।
विदेश जाने की बात भी आई सामने
अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में राजू ईरानी ने कर्नाटक के पते पर बने पासपोर्ट के जरिए विदेश जाने की बात स्वीकार की थी, हालांकि इस संबंध में अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल वह जेल में बंद है और अन्य राज्यों की पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।