जिला उपार्जन समिति ने किए विभिन्न उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण
सेवा सहकारी समिति प्रबंधकों को कार्य सुधारने के निर्देश

नर्मदापुरम। जिला उपार्जन समिति ने गुरुवार को माखन नगर क्षेत्र के विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं उपार्जन नोडल अधिकारी  हिमांशु जैन, जिला आपूर्ति नियंत्रक श्रीमती रश्मि साहू, जिला प्रबंधक वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन  वासुदेव दवंडे, तथा कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी माखन नगर अमित साहू शामिल रहे।
राधे वेयरहाउस, शुक्करवाड़ा फार्म – 1,000 MT धान खुले में पाया गया
आंखमऊ सेवा सहकारी समिति द्वारा संचालित इस केंद्र पर समिति ने गंभीर अव्यवस्था पाई।
निरीक्षण में लगभग 1,000 मीट्रिक टन धान खुले में डम्प मिला, जिसमें से 500 MT स्टैकिंग हेतु शेष तथा 500 MT बिना स्टैकिंग के खुले में रखा हुआ था।
समिति ने जब प्रबंधक से धान बिक्री, बुक स्लॉट, खरीदी गई मात्रा, स्टैकिंग हेतु लंबित धान तथा उपलब्ध हम्माल-तुलावटी की संख्या के बारे में जानकारी मांगी, तो वह कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे सके। इस पर समिति ने कड़ा निर्देश दिया कि—
सभी डम्प किए धान की तुलाई एवं स्टैकिंग दो दिनों के भीतर पूरी की जाए,
परिसर को तुरंत खाली किया जाए ताकि किसानों को ट्रालियों की लंबी लाइन में न लगना पड़े और उनका स्लॉट निर्धारित समय पर पूरा हो सके।
राधे कृष्णा वेयरहाउस, माखन नगर – 140 MT धान परिवहन हेतु लंबित
वृहताकार सेवा सहकारी समिति, बाबई द्वारा संचालित इस केंद्र पर 140 मीट्रिक टन धान परिवहन हेतु शेष पाया गया।
निरीक्षण के दौरान समिति ने हम्माल-तुलावटी की संख्या की गिनती की और निम्न निर्देश दिए—
बुक स्लॉट की सूची को केंद्र पर स्पष्ट रूप से चस्पा किया जाए,
खरीदी गई धान की तुलाई नियमित रूप से की जाए,
पर्याप्त हम्माल-तुलावटी उपलब्ध कराए जाएँ ताकि कार्य गति बनाए रखी जा सके।
अन्य केंद्रों पर भी व्यवस्थाओं की समीक्षा
अर्पित वेयरहाउस आंखमऊ (कृषक सेवा सहकारी समिति, आरी) और
मीनेस वेयरहाउस पिपरिया रोड, माखन नगर (सेवा सहकारी समिति, बागरातवा) में भी उपलब्ध हम्माल-तुलावटी की संख्या दर्ज की गई।
दोनों केंद्रों के प्रबंधकों को निर्देशित किया गया—
बुक स्लॉट सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए,
सभी ट्रालियों को क्रमवार डम्प कर धान की तुलाई की जाए,
स्टैकिंग कर परिसर को समय पर खाली रखा जाए।
जिला उपार्जन समिति ने सभी प्रबंधकों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी किसानों को सीधे प्रभावित करती है, अतः सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध और पारदर्शी रूप से सुनिश्चित की जाएँ।

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