“कण-कण में है विज्ञान” – पंकज बैरवा

माखन नगर। श्री माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय महाविद्यालय, माखन नगर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम का शनिवार को गरिमामय एवं रंगारंग समापन हुआ। कार्यक्रम के संयोजक पंकज बैरवा ने बताया कि समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शासकीय एमजीएम महाविद्यालय से रसायन शास्त्र के प्रोफेसर डॉ सत्यनारायण बस्सा तथा शासकीय शहीद भगत सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पिपरिया से रसायन शास्त्र की प्रोफेसर डॉ किटी मौर्य उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथियों का स्वागत प्राचार्य द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। महाविद्यालय ग्रंथपाल अजय मेहरा का स्वागत डॉ मनीष शर्मा ने किया, जबकि प्राचार्य का स्वागत कार्यक्रम संयोजक पंकज बैरवा द्वारा किया गया।
मंच संचालन करते हुए पंकज बैरवा ने कहा कि महान वैज्ञानिक सी वी रमन द्वारा प्रतिपादित रमन प्रभाव की स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम प्रत्येक विद्यार्थी को समर्पित है। उन्होंने कहा कि विज्ञान सर्वत्र व्याप्त है—प्रोटॉन, न्यूट्रॉन से लेकर सजीव-निर्जीव, आकाश से पाताल तक। जिस प्रकार कण-कण में ईश्वर का वास माना जाता है, उसी प्रकार कण-कण में विज्ञान भी विद्यमान है।
प्रभारी प्राचार्य लेफ्टिनेंट डॉ आई.एस. कनेश ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विज्ञान कोई कठिन विषय नहीं, बल्कि अत्यंत सरल है, आवश्यकता केवल जिज्ञासा और विषय के प्रति रुचि की है।
मुख्य अतिथि डॉ किटी मौर्य ने अपने उद्बोधन में इस वर्ष की राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम “वूमेन इन साइंस: केटेलाइजिंग विकसित भारत” पर प्रकाश डालते हुए भारत में महिलाओं की स्थिति, अवसरों एवं सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं व पारितोषिकों की जानकारी छात्राओं को दी। उन्होंने कहा कि छात्राओं को शिक्षा और करियर के साथ-साथ आत्म-सुरक्षा एवं व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। आज की भारतीय महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में देश का नाम गौरवान्वित कर रही हैं।
मुख्य अतिथि डॉ सत्यनारायण बस्सा ने अपने संबोधन में कहा कि प्राचीन काल से ही मानव विज्ञान में पारंगत रहा है। उन्होंने नैनो टेक्नोलॉजी एवं नैनो पार्टिकल्स पर उपयोगी जानकारी साझा की तथा अजंता-एलोरा की गुफाओं की कलाकारी में प्रयुक्त नैनो केमिकल्स के विषय में भी विस्तार से बताया।
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए।
पोस्टर प्रतियोगिता में उमा यादव प्रथम, दीक्षा अहिरवार द्वितीय एवं प्रिया अहिरवार तृतीय रहीं।
निबंध प्रतियोगिता में पलक सराठे प्रथम, वर्ष यादव एवं सूरज उपाध्याय द्वितीय तथा साक्षी पाल तृतीय स्थान पर रहीं।
रंगोली प्रतियोगिता में सोनाली पाल प्रथम, उमा यादव एवं निशा पाल द्वितीय तथा दीक्षा यादव एवं पायल कहार तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट सहयोग के लिए छात्र स्वस्तिक रावत को भी सम्मानित किया गया। अंत में वनस्पति विभाग के डॉ मनीष शर्मा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती सुषमा यादव, डॉ क्षमा मेहरा, आकांक्षा यादव, डॉ धर्मेंद्र सिंह चौहान, डॉ राजकुमार पटवा, श्रीमती मंजू मेहरा, श्रीमती संध्या गोलियां, शिवानी मालवीय, डॉ कविता दुबे, डॉ सुमन अवस्थी, रामविलास मेहरा, जितेंद्र यादव, अशोक मेहर, मिथलेश बोहित एवं हिमांशु का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में समस्त महाविद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।