अगर 5 बातों का नहीं रखेंगे ध्यान तो नहीं घटेगा वजन

 

Most Common Walking Mistakes: वजन घटाने के लिए अक्सर लोगों को वॉक (Walk) करने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि नियमित रूप से वॉकिंग करने से वजन घटाने में मदद मिलती है. यही कारण है कि वेट लॉस की कोशिश कर रहे लोग सुबह और शाम के वॉक करते हुए देखे जा सकते हैं. तमाम लोग वजन घटाने के लिए दिनभर में कई बार वॉक करते हैं, लेकिन फिर भी उनका वजन कम नहीं होता है. अब सवाल उठता है कि इसकी वजह क्या है. एक्सपर्ट की मानें तो इसकी वजह वॉक करते वक्त कुछ गलतियां होती हैं. सही तरीके से वॉक न करने से वेट लॉस की कोशिश कर रहे लोगों की मेहनत बर्बाद हो सकती है. इसके लिए जरूरी है कि वॉकिंग की गलतियों को सुधारा जाए.

नई दिल्ली के न्यूट्रिफाई बाई पूनम डाइट एंड वेलनेस क्लीनिक की फाउंडर पूनम दुनेजा कहती हैं कि वॉकिंग से आपको वजन कम करने में काफी हद तक मदद मिल सकती है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए. वॉक नियमित रूप से होनी चाहिए और कम से कम 30 मिनट तक अच्छी रफ्तार के साथ करनी चाहिए. वॉक के साथ बेहतर डाइट लेना भी बेहद जरूरी है. इन दिनों बातों का ध्यान रखकर वजन को तेजी से कम किया जा सकता है. अगर आप फिजिकल एक्टिविटी और खाने-पीने में लापरवाही करेंगे तो वजन को कम नहीं कर पाएंगे. हेल्दी लाइफस्टाइल भी वजन घटाने के लिए जरूरी है. लोगों को कभी भी वजन घटाने के लिए खाना नहीं छोड़ना चाहिए. बैंलेंस्ड डाइट आपकी वेट लॉस जर्नी को आसान बना सकती है.

वॉक करते वक्त कभी न करें 5 गलतियां

– डाइटिशियन पूनम दुनेजा के अनुसार वजन कम करने के लिए लोगों को नियमित रूप से वॉक करनी चाहिए. अधिकतर लोग इस नियम को तोड़ देते हैं और इससे उनका वजन कम नहीं हो पाता है. सभी को वॉक को अपना डेली रुटीन का हिस्सा बनाना चाहिए. वॉकिंग करते वक्त आपका पोश्चर भी ठीक होना चाहिए

– अधिकतर लोग बहुत धीरे-धीरे और मोबाइल चलाते हुए वॉक करते हैं, जिससे आपको वॉकिंग का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है. वॉक करते वक्त स्पीड का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. लोगों को रोज 30 मिनट तक ब्रिस्क वॉक यानी तेजी से वॉक करनी चाहिए. इससे आपको वजन घटाने में काफी मदद मिलेगी.

– वॉक करते समय बहुत से लोग स्नैक्स खाते रहते हैं या वॉक करने के बाद शुगरी ड्रिंक्स पीते हैं. ऐसा करना नुकसानदायक होता है. इससे आपका वजन घटने के बजाय बढ़ सकता है. ऐसे में कोशिश करनी चाहिए कि वॉक करते वक्त खाने पीने से बचें और हमेशा हेल्दी चीजों का सेवन करें.

– तमाम लोगों को आप स्टाइलिश ड्रेस और फुटवियर पहनकर वॉक करते हुए देख सकते हैं, जो सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है. वॉक करते वक्त आपकी ड्रेस और जूते सिंपल व कंफर्टेबल होने चाहिए. हील वॉक करने से बचना चाहिए वरना वजन कम नहीं होगा.

– वॉक करने वाले तमाम लोग सोचते हैं कि अगर वह खाना खाएंगे तो उनका वजन बढ़ जाएगा, लेकिन खाना स्किप करना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. ऐसे में वॉकिंग के साथ बेहतर डाइट जरूरी है. वॉकिंग और डाइट का सही कॉन्बिनेशन वजन घटाने में कारगर साबित हो सकता है. इसके लिए डाइटिशियन की सलाह ले सकते हैं.





महीनेभर में वजन घटा देगा इस किचन मसाले का पानी, बाहर निकली तोंद भी हो जाएगी अंदर

Coriander Water Benefits: खराब लाइफस्टाइल मोटापा बढ़ाने के लिए काफी है. दुनियाभर में सबसे ज्यादा लोग वजन बढ़ने की समस्या से ही जूझ रहे हैं. लोग मोटापे को कम करने के लिए तरह-तरह के जतन भी करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किचन में रखा एक मसाला भी वजन कम करने में असरदार साबित हो सकता है. इस चमत्कारी मसाले का नाम है धनिया. बता दें कि, धनिया पाउडर का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है. यदि आप बढ़े हुए वजन को लेकर परेशान हैं तो धनिया का पानी बेहद असरदार हो सकता है. इसका नियमित सेवन करने से बाहर निकली तोंद आसानी से अंदर हो सकती है. आइए जानते हैं धनिया पानी बनाने का तरीका, जिससे मोटापे को कंट्रोल किया जा सके.

धनिया के बीज में मौजूद पोषक तत्व

हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक, धनिया के बीज पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है. इसमें पाया जाने वाला फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट के साथ विटामिन के, सी और ए मेटाबॉलिज्म और इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं. इसके साथ ही इस ड्रिंक में फैट बर्न करने वाले गुण भी मौजूद होते हैं. वहीं, ये पाचन क्रिया को भी ठीक रखता है.

बॉडी को करते हैं डिटॉइक्सिफाई

धनिया का पानी खाली पेट खाना बेहद फायदेमंद होता है. नियमित खाली पेट इस पानी को पीने से यह टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर शरीर की गंदगी को दूर करता है. इस ड्रिंक को नींबू के रस और शहद के साथ मिलाकर पीने से बेहतर वेट मैनेजमेंट में मदद मिलती है. बता दें कि, इसका सेवन करने से इंफेक्शन का खतरा भी कम होता है.

एलर्जी कम करते हैं धनिया के बीज

धनिया के बीज का पानी सेहत के लिए रामबाण की तरह काम करते हैं. बता दें इन बीजों का पानी ना एंटीऑक्सीडेंट के साथ ही खनिजों से भरा होता है. इसमें पाए जाने वाले एंटी-फंगल और जीवाणुरोधी गुण स्किन की चमक बढ़ा देते हैं. इस डिटॉक्स पानी को खाली पेट पीने से अधिक लाभ होता है. इसके नियमित सेवन करने से मुंहासे की समस्या दूर हो सकती है.

 

पाचन तंत्र होगा दुरुस्त

धनिया के पानी के साथ दिन की शुरुआत करने से कई बीमारियां ठीक हो सकती हैं. इस पानी को घूंट-घूंट कर पीने से ब्लोटिंग और बेचैनी से निजात मिलती है. इसके अलावा, इस पानी को नियमित पीने से मेटाबॉलिज्म रेट में सुधार होता है, जिसके चलते वजन घटाने में मदद मिलती है.

इम्यूनिटी होगी बूस्ट

सुबह खाली पेट धनिया के पानी का सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है. यह किसी भी बीमारी से लड़ने में सक्षम होते हैं. इस पानी में मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं. जिसकी वजह से बीमार होने का खतरा कम होता है.

 

ऐसे बनाएं धनिया का पानी

 

धनिया का पानी बनाने के लिए सबसे पहले आप एक चम्मच साबुत धनिया यानी धनिया के बीजों को
अच्छी तरह से धो लें. अब इनको एक कप पानी में रातभर के लिए भिगो कर रख दें. इसके बाद सुबह इस पानी को छान कर पीया जा सकता है. पानी को छानने के बाद आप चाहें तो धनिया के इन बीजों को फेंकने की जगह सुखा कर इसका पाउडर बना कर सब्ज़ी बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं.





बालों में दालचीनी तेल लगाने के फायदे

 

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आज के समय में बालों का झड़ना बढ़ता जा रहा है। यह आम समस्या बन गई है। अक्सर लोग अपने बालों की केयर नहीं करते हैं।  लोग अपने बालों को अच्छा दिखाने के लिए तमाम हेयर ट्रीटमेंट करवाते रहते हैं। लेकिन, इन ट्रीटमेंट की जगह आप घरेलू उपायों का इस्तेमाल करें तो ये तेजी से आपके लिए काम करेंगे और इनके नुकसान भी नहीं होंगे। जैसे कि दालचीनी का तेल आपके बालों के लिए फायदेमंद है। इसे आप अपने घरो में आसानी से बना सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए जानते हैं इस तेल को आप अपने घर में कैसे बनाएं।

दालचीनी का तेल कैसे बनाएं-Cinnamon oil recipe

सबसे पहले आप दालचीनी लें और उसे पीस लें। फिर उसके बाद उसमे जैतून का तेल मिलाकर कर 3-4 मिनट तक गर्म करें। गर्म होने के बाद उसे ठंडा होने के लिए रख दें। फिर इसका इस्तेमाल आप हफ्ते में एक बार जरूर करें। 

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cinnamon oil

दालचीनी तेल बालों के लिए कैसे फायदेमंद है?

1. झड़ते बालों के लिए फायदेमंद

बालों का झड़ना खराब ब्लड सर्कुलेशन और खराब हेयर केयर रुटीन के कारण होता है। जब बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं तब भी बाल झड़ने लगते हैं। ऐसे में दालचीनी का तेल बालों के लिए काफी फायदेमंद है। जो बालों की जड़ों को मजबूत करता है और इस से बालों की जड़ो को पोषण पहुंचता है। दालचीनी का लंबे समय से इस्तेमाल करने से गंजेपन से राहत मिलती है।

2. बालों की ग्रोथ में मददगार

अगर आपके बाल दो मुंहे है, तो दालचीनी इस समस्या के लिए काफी फायदेमंद है। दालचीनी का पाउडर और अंडा को मिलाकर एक हेयरमास्क तैयार कर सकते हैं। इसे बालों में लगाने से दो मुंहे बालों की समस्या कंट्रोल होती है। इससे बालों की लबांई भी बढ़ती है। बाल मजबूत और शाइनी रहते हैं।

3. बालों का रंग सुधारने के लिए

अगर आप अपने बालों का रंग बदलना चाहते हैं तो दालचीनी का इस्तेमाल कर सकते हैं।1 चम्मच दालचीनी पाउडर के साथ आप हेयर कंडीशनर को मिलाकर अपने बालों में लगा लें और इसे पूरी रात ऐसी छोड़ दे। सुबह उठकर अपने बालों को अच्छी तरह धो लें। इस से आपके काले या गहरे बालों का रंग बदल सकता है।

 

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)





Homemade Conditioner | बालों की खो गई हो खूबसूरती, रूखे और बेजान बालों को नई ताज़गी और चमक देगा ‘ऐसा’ ऑर्गेनिक कंडीशनर

 

बालों की खो गई हो खूबसूरती, रूखे और बेजान बालों को नई ताज़गी और चमक देगा ‘ऐसा’ ऑर्गेनिक कंडीशनर

कंचन शर्मा

भोपाल: बढ़ते प्रदूषण एवं खराब लाइफस्टाइल के कारण लोग इन दिनों कई समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। सेहत के साथ ही लोग बालों और त्वचा से जुड़ी समस्याओं का भी शिकार होते जा रहे हैं। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि सेहत के साथ ही अपने बालों और त्वचा की भी खास देखभाल की जाए।

बाल कई कारणों से रूखे-सूखे और खुरदरे हो जाते हैं। जिन महिलाओं के लंबे बाल होते हैं उन्हें खासकर अपने बालों को संभालने में दिक्कत आती हैं। ऐसे में कंडीशनर लगाया जाता हैं। लेकिन, बाजार के केमिकल वाले कंडीशनर से बेहतर आप घर पर भी कंडीशनर (Homemade Conditioner) बनाकर लगा सकती हैं। ऐसे में अगर आप भी रफ और रूखे-सूखे बालों की वजह से परेशान हैं, तो हम आपको बताएंगे बालों के लिए कुछ ऐसे नेचुरल कंडीशनर के बारे में, जिनकी मदद से आपके बाल सॉफ्ट और सिल्की बन जाएंगे।

दही का कंडीशनर

  • सामग्री
  • एक अंडा
  • एक चौथाई कप दही
  • दही का कंडीशनर बनाने का तरीका
  • दही से बालों के लिए नेचुरल कंडीशनर बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरी लें।
  • अब इसमें अंडा फोड़े और फिर इसमें दही डालकर अच्छे से मिलाएं।
  • अब इस तैयार मिश्रण को कंडीशनर की तरह अपने बालों पर लगाएं।
  • 15 मिनट बाद हेयर वॉश कर लें।

शहद का कंडीशनर

सामग्री

  • एक बड़ा चम्मच शहद
  • 2 बड़े चम्मच नारियल तेल

ऐसे बनाएं शहद का कंडीशनर

  • बालों को मुलायम बनाने के लिए आप शहद के कंडीशनर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसके लिए एक बाउल में शहद और नारियल का तेल डालकर अच्छे से मिलाएं।
  • अब इस तैयार मिश्रण को जड़ों से लेकर बालों की लंबाई तक अच्छे से लगाएं।
  • बालों में लगाने के बाद इसे 10 से 15 मिनट सूखने दें और फिर बाल धो लें।
  • इस कंडीशनर के इस्तेमाल से आपके बाल मुलायम और घने नजर आने लगेंगे।





शरीर में ताकत भरने के लिए इन 5 नेचुरल फूड का करें सेवन, स्टेमिना बूस्टर का काम करेंगे

Natural Stamina booster foods: गलत लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खान-पान अक्सर लोगों को कमजोर कर देता है. अधिकांश लोग हमेशा कमजोरी, थकान और बदन दर्द की शिकायत करते हैं. इसके लिए लोग पेनकिलर या अन्य दवाइयों को गटक लेते हैं. कुछ दिन सही हो जाते हैं लेकिन कुछ दिनों के बाद दोबारा से वहीं परेशानी शुरू हो जाती है. जब शरीर कमजोर हो जाता है तो कोई काम हम सही से नहीं कर पाते हैं. हालांकि शरीर में कमजोरी क्यों हो रही हैं, इसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन आमतौर पर पोषक तत्वों की कमी इसका कारण बनती है. तो आइए जानते हैं कि वो कौन से ऐसे फूड हैं जो नेचुरल तरीके से शरीर की कमजोरी और थकान को मिटा देते हैं और उनसे स्टेमिना भी बूस्ट होती है.

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1. अनार-वेबएमडी ने रिसर्च के हवाले से बताया है कि अनार बेहद शक्तिशाली फ्रूट है. यह नेचुरल स्टेमिना बूस्टर है. अनार का सेवन शरीर में ब्लड फ्लो को बढ़ाता है और इससे टेस्टेस्टोरोन हार्मोन का स्तर भी बढ़ जाता है. फिजिकल रिलेशन की कमजोरी को भी अनार दूर कर सकता है. Image: Canva

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2. ब्लैक रस्पबैरीज-ब्लैक रस्पबैरीज स्ट्रॉबेरी की तरह होता है. यह भी नेचुरल स्टेमिना बूस्टर फ्रूट है. इसमें फायटोकेमिकल होता है जो कामेच्छा और स्टेमिना दोनों को बूस्ट करता है. अगर रस्पबेरीज या स्ट्रॉबेरी न मिले तो आप जामुन खाकर स्टेमिना को बूस्ट कर सकते हैं.  Image: Canva

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3.तरबूज-गर्मी में तरबूज की सबसे अधिक मांग होती है. तरबूज में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं तो कुदरती रूप से स्टेमिना और शरीर को कमजोरी को मिटाते हैं. यह फिजिकल रिलेशन में बहुत जल्दी कामेच्छा को बढ़ाता है. तरबूज में में सिट्रोलीन और अर्जेनाइन नाम का एमनो एसिड होता है जोब्लड वेसल्स को रिलेक्स पहुंचाता है. इससे ब्लड फ्लो तेज होता है और काम करने में ताकत बनी रहती है. Image: Canva

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4.एवोकाडो-एवोकाडो में कई तरह पोषक तत्व पाए जाते हैं जो नेचुरल स्टेमिना बूस्टर की तरह काम करते हैं. इसमें हेल्दी फैट और फाइबर होता है जो शरीर में एनर्जी और स्टेमिना दोनों को बूस्ट करता है. इसमें विटामिन बी 6 पाया जाता है जो थकान और कमजोरी को दूर करता है और मूड को बेहतर बनता है. Image: Canva

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5.पालक- पालक में भरपूर मात्रा में विटामिन सी और विटामिन ए पाया जाता है. इसके साथ ही इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो स्टेमिना को बूस्ट करते हैं. पालक में मैग्नीशियम और कई प्रकार के मिनिरल्स होते हैं जो टेस्टेस्टोरोन हार्मोन को बढ़ाता है. Image: Canva





सूखे नहीं भीगे काजू सेहत के लिए फायदेमंद, शरीर में भर देंगे पोषक तत्व, कोलेस्ट्रॉल रहेगा कंट्रोल, बढ़ जाएगी इम्युनिटी

 

Soaked Cashews benefit: ड्राई फ्रूट्स सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इनको सेहत का खजाना भी माना जाता है. इनके सेवन से शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है. इन्हीं में एक सबसे खास होता है ‘काजू’. दरअसल इसको लेकर ज्यादातर लोग इस कंफ्यूजन में रहते हैं इसको खाने का तरीका क्या है? कुछ लोग इसे सूखा खाने की सलाह देते हैं तो कुछ लोग भिगोकर. आखिर सही क्या है? एक्सपर्ट के अनुसार काजू में प्रोटीन, फाइबर और मैग्नीशियम, मैंगनीज, फास्फोरस, जिंक, कॉपर जैसे मिनरल्स  भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसके साथ ही विटामिन K, विटामिन B6 और थायमिन का भी अच्छा स्रोत है. इसलिए काजू को अपनी डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद होता है.

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कन्नौज के डाइटिशियन एवं टाइबिटीज एजुकेटर रोहित यादव के मुताबिक, बादाम की तरह काजू भी भिगोकर खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है. बता दें कि, भीगे काजू खाने से शरीर में इम्यून पॉवर दुरुस्त रहता है. साथ ही कोलेस्ट्रॉल जैसी परेशानियां भी कम होती हैं. इसके नियमित सेवन करने से कब्ज जैसी दिक्कतों से भी छुटकारा मिलता है. आइए जानते हैं इसके और भी स्वास्थ्य लाभ.

भीगे काजू खाने का 6 बड़े फायदे

कोलेस्ट्रॉल कम करे: कोलेस्ट्रॉल घटाने में काजू का सेवन बेहद असरदार होता है. इसको भिगोकर नियमित खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है. इसके चलते हार्ट से संबंधित बीमरियों का खतरा कम होता है. आप इनको रात के समय भिगोकर रख दें और सुबह इसका सेवन कर सकते हैं.

कब्ज से छुटकारा: बादाम की तरह काजू भी सेहत के लिए बेहद गुणकारी होता है. काजू को नियमित भिगोकर खाने से शरीर की कई सारी दिक्कत ठीक होती हैं. इसका सबसे बड़ा असर कब्ज में होता है. रात के समय भिगोकर रखे काजू सुबह खाने से आपकी पाचन तंत्र मजबूत होता है. इसके चलते ये कब्ज और हार्टबर्न से भी राहत दिलाते हैं.

 

वजन कम करे: काजू का सेवन वजन कम करने में भी किया जा सकता है. बता दें कि, काजू में पाया जाने वाला फाइबर आपके पेट को लंबे समय भरा-भरा रखता है. भूख का एहसास ना होने से पेट में अतिरिक्त फैट जमा नहीं हो पाता है. इसके चलते काजू का सेवन फायदेमंद माना जाता है.

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फाइटिक एसिड कम करें: काजू में फाइटिक एसिड पाया जाता है, जो शरीर में पोषक तत्वों अवशोषित होने में बाधा बन सकता है. ऐसे में यदि आप काजू को भिगोकर खाएंगे तो ये एसिड हट जाएगा. इस एसिड के हटते ही इसमें मौजूद तत्व आसानी के साथ अवशोषित होने लगते हैं.

इम्यून बूस्ट करे: काजू का सेवन इम्यून पॉवर को मजबूत करने में भी किया जा सकता है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि इनको भिगोकर खाया जाए. बता दें कि, इसमें मैग्नीज और मैग्नीशियम जैस तत्व इम्यून सिस्टम को दुरुस्त कर संक्रमण के खतरे को कम करते हैं.

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एनर्जी बढ़ाए: काजू का नियमित सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. यदि काजू को भिगोकर खाएंगे तो इसके लाभ डबल हो जाएंगे. बता दें कि, भीगे काजू खाने से शारीरिक कमजोरी और थकान जैसी परेशानी कम होती है. इसके अलावा, शरीर में एनर्जी का डबल डोज मिलता है.





चौलाई के फायदे: इन पत्तियों में है हड्डियों को फौलादी बनाने का दम, जानें चौलाई साग के फायदे

 

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चौलाई के फायदे: भारत के अलग-अलग प्रांत में आपको य साग मिल जाएगा। इसे कहीं अमरनाथ के पत्ते कहते हैं तो कहीं चवली तो कहीं इसे चौलाई कहा जाता है। खास बात ये है कि चौलाई के पत्तों (chaulai benefits) में कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कि हड्डियों का घनत्व बढ़ाने के साथ आपको कई समस्याओं से बचा सकते हैं। तो, क्या है ये गुण और सेहत के लिए कैसे काम आ सकते हैं। जानते हैं इन तमाम चीजों के बारे में विस्तार से।

चौलाई के पत्तियों में है हड्डियों को फौलादी बनाने का दम- Chaulai benefits for healthy bones

चौलाई के पत्तियों में कैल्शियम, आयरन, सोडियम, पोटेशियम, विटामिन ए, ई, सी और फोलिक एसिड होता है। कैल्शियम जहां हड्डियों की बनावट को बेहतर बनाता है और इनका घनत्व बढ़ता है वहीं आयरन खून बढ़ाकर हड्डियों को ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाता है। इसके अलावा चौलाई प्रोटीन से भी भरपूर है जो कि स्वस्थ हड्डियों के लिए बेहद जरूरी है। इसलिए, आपको इन तमाम कारणों से चौलाई की सब्जी या साग जरूर खाना चाहिए।

 

चौलाई साग रेसिपी-Chaulai saag recipe

चौलाई साग बनाने के लिए आपको पहले चौलाई के पत्तों को धो लेना है और फिर इसे भाप के साथ पका लें या कुकर में सीटी लगा लें। अब इसमें पूरे साग को मैश कर लें। इसके बाद एक कढ़ाई में थोड़ा सा सरसों का तेल डालें। थोड़ा लहसुन, हरी मिर्च और प्याज डालें। हल्के-हल्के मसाले डालें। सारा साग इसमें पलट दें। ऊपर से थोड़ा सा बेसन का आटा डालकर इसे पकाएं और आखिरी में 1 चम्मच घी डाल लें। अब इस साग को अच्छे से पकाकर, उतार लें और इसे सर्व करें। 

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चौलाई साग के फायदे-Chaulai saag benefits 

चौलाई का ये साग खाने के कई फायदे हैं। ये न सिर्फ हड्डियों के लिए फायदेमंद है लेकिन ये आपकी आंखों के लिए भी अच्छा है। इस साग को खाने से विटामिन सी की कमी नहीं होती और इम्यूनिटी बूस्ट भी होती है। साथ ही ये ब्रेन के लिए भी फायदेमंद है। तो, कभी आपने इसे ट्राई नहीं किया है तो एक बार इसे जरूर ट्राई करें।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए हैकिसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)





सुबह उठते ही खाली पेट इन 3 नेचुरल जूस में किसी एक का कर लें सेवन,डायबिटीज रहेगा कंट्रोल

 

डायबिटीज लाइफस्टाइल से संबंधित बीमारी है. इसलिए लाइफस्टाइल को सही रास्ते पर लाकर ही इसे कंट्रोल भी किया जा सकता है. अब विज्ञान भी यह प्रमाणित कर चुका है कि कई ऐसी जड़ी बूटियां हैं जिनसे डायबिटीज को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है. एनसीबीआई की एक रिसर्च में दावा किया गया है कि करीब 800 ऐसे पेड़-पौधे हैं जिनमें एंटी-डायबेटिक गुण है. इनमें से अधिकांश जड़ी-बूटियां आयुर्वेद में पहले से प्रमाणित है. आमतौर पर डायबिटीज जब होता है तो लोगों को बहुत दिनों तक पता भी नहीं चलता. जब तक पता चलता है तब तक इंसुलिन का उत्पादन बहुत कम हो चुका होता है. इंसुलिन को बढ़ाने के लिए कई तरह की दवाइयां भी आ गई हैं लेकिन इनसे मरीज पूरी तरह ठीक नहीं हो पाता है. इसलिए डायबिटीज को खत्म करने के लिए नेचुरल तरीका ही सबसे बेस्ट ऑप्शन है.

आज भारत डायबिटीज का वर्ल्ड कैपिटल बन चुका है. यहां 8 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और 2045 तक यहां डायबिटीज मरीजों की संख्या 13 करोड़ तक पहुंच चुकी है. इसलिए यदि आप चाहते हैं कि डायबिटीज हमेशा के लिए कंट्रोल रहे तो यहां साइंस बेस्ड कुछ नेचुरल चीजों के बारे में बताया जा रहा है. इनसे आपका ब्लड शुगर लेवल हमेशा कंट्रोल में रहेगा.

1.सदाबहार फूल का जूस- एनसीबीआई यानी अमेरिकन नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन जर्नल में छपी एक स्टडी में दावा किया गया है कि सदाबहार फूल की पत्तियों से बने जूस डायबिटीज को तेजी से कंट्रोल करता है. इससे बहुत जल्दी ब्लड शुगरका लेवल बहुत कम हो जाता है. इस अध्ययन को आंध्र यूनिवर्सिटी और सिडनी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मिलकर अंजाम दिया है. अध्ययन में कुछ चूहों डायबेटिक चूहों को सदबहार फूल से बने जूस दिया गया जबकि कुछ को दवा दी गई. इसके बाद देखा गया कि डायबेटिक चूहों में जूस के प्रभाव से पैंक्रियाज में बीटा सेल्स बहुत ज्यादा सक्रिय हो गया. इससे इंसुलिन का उत्पादन बढ़ गया और शुगर बहुत जल्दी कंट्रोल हो गया.

2. टमाटर का जूस-हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक ज्यादातर फ्रूट जूस में आपको कार्बोहाइड्रैट की मात्रा ज्यादा मिलेगी. इसलिए इस तरह के जूस से डायबिटीज मरीजो को बहुत ज्यादा फायदा नहीं होगा. इसकी जगह सब्जियों का जूस डायबिटीज मरीज के लिए फायदेमंद है. टमाटर जूस इसका बेहतर विकल्प हो सकता है. टमाटर जूस में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी होता है जो ब्लड शुगर को सीधे नीचे ले आता है.

3. सब्जियों का मिक्स जूस-हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक कई ऐसी सब्जियां हैं जिनसे ब्लड शुगर बहुत तेजी से कम होगा. इसके लिए आप हरी पत्तीदार सब्जियां लें. इसके साथ सौंफ या आजवाइन के पत्ते को भी इसमें मिक्स करें. इसे खीरा के साथ जूसर में ग्राइंड कर दें. आप चाहें तो इसमें टेस्ट के लिए बैरीज फ्रूट मिला सकते हैं लेकिन इसके बाद पूरा दिन बैरीज अकेले न खाएं. इस मिक्क जूस का सुबह-सुबह सेवन करें. निश्चित रूप से ब्लड शुगर नहीं बढ़ेगा.





घमौरियों के घरेलू उपाय: इन 3 एंटीबैक्टीरिल पत्तों से करें घमौरियों का इलाज

 

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home remedies for heat rash

घमौरियों के घरेलू उपाय: गर्मियों में जब पसीना आपके स्किन सेल्स में फंस कर रह जाते हैं तो, ये दाने का रूप ले लेते हैं और आप इन्हें घमौरी कहते हैं। असल में ये स्किन की गर्मी का बढ़ना है जो कि पसीने के साथ बाहर निकलकर आती है। ये लंबे समय तक लोगों को परेशान करती है। कई बार लोग इसके जलन और खुजली के मारे सो तक नहीं पाते हैं। ऐसे में दादी-नानी के जमाने से चला आ रहा ये देसी नुस्खा (home remedies for heat rash) आपके काम आ सकता है।

इन 3 एंटीबैक्टीरिल पत्तों से करें घमौरियों का इलाज-What herbs are good for prickly heat in hindi

1. नीम-Neem leaves for prickly heat

नीम एंटीबैक्टीरियल है और ये हमेशा से घमौरियों के लिए रामबाण इलाज रहा है। आप नीम को पीस कर इसे सीधे अपने घमौरियों पर लगा सकते हैं। इसके अलावा पानी में नीम और कपूर को उबालकर इस पानी को इस्तेमाल करने से भी आप घमौरियों से छुटकारा पा सकते हैं। 

2. पुदीना-Mint leaves for prickly heat

पुदीना एंटीबैक्टीरियल तो है, साथ ही जलन को कम करने में भी मददगार है। ये आपकी स्किन को अंदर सं ठंडक देने के साथ स्किन पोर्स को खोलता है। इससे घमौरियां नहीं होती हैं और स्किन से जुड़ी अन्य बीमारियों से भी बचाव होता है।तो, पुदीना पीस लें और इसे अपनी घमौरियों पर लगाएं। आप इसमें चंदन मिलाकर भी लगा सकते हैं। 

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3. एलोवेरा-Aloevera for prickly heat
एलोवेरा घमौरियों में तेजी से काम कर सकता है। ये ऐसी चीज है जो कि एंटीबैक्टीरियल तो है ही बल्कि, ये आपकी स्किन के लिए भी अच्छा है। इसके अलावा ये कई प्रकार के स्किन इंफेक्शन में भी मददगार है। तो, इन तमाम कारणों से आपको घमौरी होने पर इन पत्तों का इस्तेमाल करना चाहिए।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए हैकिसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)





नींद नहीं आने से हैं परेशान? फॉलो करें 6 स्टेप, मिनटों में मिलेगा रिलैक्स

Sleeping Steps: आजकल मानसिक तनाव या अन्य कारणों से लोग अच्छे से नींद नहीं ले पाते. अच्छे से नींद नहीं ले पाने के कारण लोगों को कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए ये बेहद जरूरी है कि अच्छे से नींद लें. इसके लिए कुछ तरीके जानना बेहद जरूरी है. आज हम आपको यूनाइटेड स्टेट्स नेवी प्री फ्लाइट स्कूल की मिलिट्री मेथड के बारे में बताते हैं जिसकी मदद से पायलट को 2 मिनट के अंदर ही नींद आ जाती थी. यह मेथड इतना कारगर है कि लोग गोलियों की आवाज के बावजूद नींद में सो सकते हैं. आइए हम आपको इसके 6 स्टेप्स बताते हैं.

1.अपना चेहरा रिलैक्स करे: सबसे पहले आप अपनी आंखें बंद करें. अब धीरे से गहरी सांस लें. इसके बाद अपने चेहरे की सारी मसल्स को रिलैक्स दें. अपना मुंह अपने गाल सब रिलैक्स करें. फिर धीरे से सांस बाहर की तरफ छोड़ दें.

2.अपने कंधे और हाथ को ढीला छोड़ें: अब आप लेटने के बाद किसी भी प्रकार का कोई टेंशन ना लें. लेटकर सबसे पहले अपनी गर्दन को आराम दें. ऐसा मेहसूस करें जैसे कि आप कुर्सी या बिस्तर पर बैठ रहे हों. अब अपने दाहिने हाथ से शुरू करे धीरे-धीरे अपने पूरे शरीर को आराम दें. इसके बाद शरीर के दूसरे भाग में यही क्रिया दोहराएं.

3.सांस बाहर छोड़ें: अब आप धीरे से सांस छोड़ें और अपनी छाती को ढीला करें. जब आपका कंधा और शरीर आरामदायक स्थिति में है तो यह करना बेहद असान होगा. आप आसानी से सांस छोड़ सकेंगे.

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4.पैरों को ढीला छोड़ें: बिस्तर पर लेटने के बाद दोनों पैर ढीला छोड़ दें. इसे सबसे पहले अपनी दाहिनी जांघों से शुरू करें. उसको आराम से बिस्तर या कुर्सी में रख दें और उसे रिलैक्स दें. इसके बाद यही क्रिया अपनी बाएं पैर से करें.

5.अब दिमाग को पूरी तरह से खाली करें: माना कि अपने दिमाग को पूरी तरह से रिलैक्स करना या किसी भी चीज के बारे में एकदम ना सोचना मुश्किल भरा हो सकता है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो अपने दिमाग में एक चित्र रख लें. यह चित्र कुछ शांत और आरामदायक होना चाहिए. इससे माइंड को रिलैक्स मिलता है.

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6.ये शब्द रिपीट करें: अब आप अपने दिमाग में, “मत सोचो” इस वाक्य को 10 सेकंड के लिए बार-बार बोलें. अगर और कुछ नहीं तो यह आपकी मदद जरूर कर सकता है. यह आपका ध्यान उस चीज से भटका सकता है जो आपको सोने नहीं दे रहा. अब खुद को अंधेरे में पर चैन से लेटा हुए सोचें और आराम की नींद लें. इस प्रैक्टिस से आपको अच्छी नींद आएगी.