अखरोट के फायदे: दिमाग तेज करने के लिए खाएं ब्रेन की तरह दिखने वाला ये ड्राई फ्रूट

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Brain Day 2023: दुनियाभर में दिमागी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में ब्रेन डे, लोगों को दिमागी बीमारियो के प्रति जागरूक होने और इन बीमारियों से बचने के लिए मनाया जाता है। पर आज हम सिर्फ एक ऐसे ड्राई फ्रूट की बात करेंगे जो कि दिखने में ब्रेन के आकार का है और आपको कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकता है। खास बात ये है कि ये ड्राई फ्रूट असल में ब्रेन बूस्टर है और आपको कई दिमागी बीमारियों से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा भी इसके कई फायदे हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

ब्रेन की तरह दिखने वाला ये ड्राई फ्रूट है अखरोट-Walnut for brain

ब्रेन की तरह दिखने वाला ये ड्राई फ्रूट अखरोट है। अखरोट में मौजूद पोषक तत्व मस्तिष्क में ऑक्सीडेटिव क्षति को कम करने में मदद करते हैं। अखरोट के नियमित सेवन से याददाश्त और सीखने के कौशल में सुधार आता है। इसके अलावा ये मानसिक स्थिति को स्टेबल करता है और आपको कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है।

अखरोट खाने के फायदे-Walnut benefits for brain

1. ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर है अखरोट

अखरोट अल्फा-लिनोलेनिक एसिड और ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर होता है। अखरोट में पॉलीफेनोलिक यौगिक होते हैं जो ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को कम करते हैं और संज्ञानात्मक गिरावट में कमी लाते हैं। यानी कि इससे आपके सोचने और समझने की स्थिति बेहतर होती है।

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2. खास एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर

अखरोट, एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर है जो कि ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करके ब्रेन सेल्स को हेल्दी रखने में मदद करता है। ये आपके दिमाग के फंक्शन को तेज करता है और याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा अखरोट का सेवन मस्तिष्क की नसों को उत्तेजित करता है समय-समय से इसके काम को बेहतर बनाता है और अल्जाइमर जैसे रोगों से बचाता है।

एक दिन में कितना अखरोट खाना चाहिए-How many walnuts to eat per day for brain

एक दिन में आप मुट्ठी भर अखरोट 2.5 ग्राम अखरोट खाना चाहिए। आप इसे सुबह खाली पेट भी खा सकते हैं और रात को दूध के साथ भी ले सकते हैं। अगर आप सुबह खाली पेट ले रहे हैं तो इसे भिगोकर खाएं। अगर आप इसे रात में सोने के समय ले रहे हैं तो इसे दूध में पकाकर खाएं। ऐसा करना ब्रेन को हेल्दी रखने में मदद करेगा।




वैज्ञानिकों ने बड़े रहस्‍य से उठाया पर्दा, बताया-कैसे इम्‍यून सिस्‍टम इंसान के व्‍यवहार को देता है आकार

Immune System and Behavior: दुनियाभर में किए गए ज्‍यादातर शोध कहते हैं कि हमारा व्‍यवहार हमारे आसपास के वातावरण, संस्‍कृति, समाज, रहन-सहन से आकार लेता है. लेकिन, अब एक नए शोध के नतीजे कहते हैं कि इंसान की प्रतिरक्षा प्रणाली भी उसके व्‍यवहार को आकार देने के लिए जिम्‍मेदार होती है. शोध ने इस बात पर रोशनी डाली कि कैसे प्रतिरक्षा पहचान पर्यावरण में मौजूद एलर्जी और विषाक्त पदार्थों के प्रति हमारी प्रतिक्रियाओं को आकार देती है, जिससे हमारे बचने के व्यवहार और रक्षात्मक प्रतिक्रियाएं प्रेरित होती हैं.

साइंस मैग्‍जीन नेचर में प्रकाशित शोध रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने व्यवहार पर प्रतिरक्षा प्रणाली के गहरे असर के बारे में बताया है. येल में इम्यूनोबायोलॉजी के स्टर्लिंग प्रोफेसर रुस्लान मेडजिटोव की लैब में एक टीम का अध्ययन इस बात का पुख्ता सबूत देता है कि प्रतिरक्षा प्रणाली कम्‍युनिकेशन इंसानी व्यवहार को बदलने में अहम औश्र बड़ी भूमिका निभाता है. हॉवर्ड ह्यूजेस मेडिकल इंस्टीट्यूट के लिए इंवेस्‍टीगेटर प्रोफेसर मेडजिटोव के मुताबिक, उन्‍होंने पाया कि प्रतिरक्षा पहचान व्यवहार को नियंत्रित करती है.

दिमाग पर्यावरणीय खतरों का नहीं दे पाता संकेत
प्रोफेसर मेडजिटोव ने कहा कि प्रतिरक्षा प्रणाली विशेष रूप से विषाक्त पदार्थों के खिलाफ रक्षात्मक व्यवहार के लिए जिम्‍मेदार है. हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली ही पहले एंटीबॉडी और फिर मस्तिष्क को इसके संकेत भेजती है. इससे पहले हुए वैज्ञानिक अध्‍ययनों में एलर्जी और रोगजनकों को लेकर प्रतिक्रियाओं में प्रतिरक्षा प्रणाली की भागीदारी को मान्यता दी गई थी, लेकिन व्यवहारिक बदलावों से इसका संबंध स्थापित नहीं किया गया था. यह अध्ययन उस अहम अंतर को भरता है, जिससे पता चलता है कि प्रतिरक्षा प्रणाली संचार के बिना मस्तिष्क पर्यावरण में मौजूद खतरों का संकेत देने में नाकाम रहता है.

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शोध दल ने प्रतिरक्षा प्रणाली और व्यवहार के बीच संबंधों की जांच करने के लिए चूहों का अध्ययन किया.

इम्‍यून सिस्‍टम वेरिएबल्‍स में हेरफेर, बदला व्‍यवहार
शोध दल ने प्रतिरक्षा प्रणाली और व्यवहार के बीच संबंधों की जांच करने के लिए उन चूहों का अध्ययन किया, जिनको चिकन अंडे में पाए जाने वाले ओवा नाम के विशिष्ट प्रोटीन से एलर्जी थी. इन संवेदनशील चूहों ने ओवा वाले पानी के प्रति तीव्र घृणा दिखाई, जबकि शोध में शामिल किए गए नियंत्रित चूहों ने इसी पानी के स्रोतों के प्रति प्राथमिकता दिखाई. यही नहीं, संवेदनशील चूहों में इस पानी के प्रति नफरत कई महीनों तक बनी रही. शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि क्या इम्‍यून सिस्‍टम वेरिएबल्‍स में हेरफेर करने से संवेदनशील चूहों के व्यवहार में बदलाव आ सकता है?

आईजीई एंटीबॉडी को अवरुद्ध करने के नतीजे
शोधकर्ताओं ने देखा कि प्रतिरक्षा प्रणाली से उत्पादित इम्यूनोग्लोबुलिन ई एंटीबॉडी को अवरुद्ध करने पर चूहों ने पानी में एलर्जी के प्रति अपनी नापसंदगी खो दी. आईजीई एंटीबॉडीज मास्‍ट सेल्‍स के निकलने को ट्रिगर करने के लिए जिम्मेदार होती हैं. ये एक प्रकार की श्‍वेत रक्त कोशिका है, जो मस्तिष्क के साथ कम्‍युनिकेशन के जरिये घृणा के व्यवहार को नियंत्रित करती है. जब आईजीई को अवरुद्ध करके इस जानकारी को रोक दिया गया, तो चूहों ने एलर्जी वाले पानी से परहेज नहीं किया. ये नतीजे जानवरों को खतरनाक क्षेत्रों से दूर रहने में मदद करने में प्रतिरक्षा प्रणाली की भूमिका पर रोशनी डालते हैं.

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शोध के नतीजे ये जानने में भी मदद करते हैं कि प्रतिरक्षा प्रणाली संभावित खतरों को कैसे याद रखती है?

शोध के नतीजों से वैज्ञानिकों को क्‍या होगा फायदा
शोध के नतीजे ये जानने में भी मदद करते हैं कि प्रतिरक्षा प्रणाली संभावित खतरों को कैसे याद रखती है? साथ ही विभिन्‍न एलर्जी और रोगजनकों के प्रति अत्यधिक प्रतिक्रियाओं को कम करने में भविष्य में कैसे मदद करती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि नतीजे संभावित रूप से व्यवहार और प्रतिरक्षा प्रणाली के संबंधों पर व्‍यापक रोशनी डाल सकते हैं. हमारी प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं और व्यवहार के बीच संबंध को उजागर करके वैज्ञानिक मानव स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार के लिए नई राह खोज सकते हैं.




हरी इलायची तो अक्सर खाते होंगे, जान लें इसके बेहतरीन फायदे

Cardamom Benefits For Health: हरी इलायची तो आप अक्सर ही खाते होंगे. खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल कुकिंग के दौरान भी खूब करते होंगे. लेकिन आपको बता दें कि हरी इलायची केवल खुशबू और स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि कई हेल्थ बेनिफिट्स के लिए भी खाई जा सकती है. हरी इलायची कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और फाइबर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं.

हरी इलायची जिसे बहुत लोग छोटी इलायची के नाम से भी जानते हैं, सेहत के लिए कई तरीके से फायदेमंद हो सकती है. दरअसल, हरी इलायची में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जो सेहत संबंधित बहुत सारी दिक्कतों को दूर करने में अच्छी भूमिका निभाते हैं. आइए मेडिकलन्यूजटुडे के अनुसार, जानते हैं इसके फायदों के बारे में.

हार्ट रहता है दुरुस्त
हरी इलायची को रोजाना अपनी डाइट में शामिल करने से आप दिल की बीमारी से बचे रह सकते हैं. बता दें कि एंटीऑक्सीडेंट तत्वों से भरपूर हरी इलायची हार्ट को दुरुस्त रखने में मदद करती है. इसके सेवन से हार्ट रिलेटेड प्रॉब्लम्स होने का रिस्क कम हो जाता है.

ओरल हेल्थ को बेहतर बनाती है
हरी इलायची केवल मुंह की दुर्गन्ध को दूर करने में ही मदद नहीं करती है. ये ओरल इंफेक्शन, कैविटी और स्वेलिंग को दूर रखने में भी अच्छा रोल निभाती है. ओरल हेल्थ को बेहतर रखने के लिए आप रोजाना इलायची चबा सकते हैं.

लिवर को हेल्दी रखती है
हरी इलायची खाने से लिवर को हेल्दी रखने में भी मदद मिलती है. दरअसल, हरी इलायची में डिटॉक्सीफाइंग एजेंट मौजूद रहता है जो टॉक्सिन को बाहर निकालकर लीवर सम्बन्धी बीमारी होने के खतरे को कम करता है.

कैंसर दूर रखती है
कैंसर को दूर रखने में भी हरी इलायची की भूमिका काफी अच्छी होती है. दरअसल हरी इलायची एंटी-कैंसर प्रॉपर्टीज से भरपूर होती है. जो कैंसर सेल्स कम करने में मदद करती है. ऐसे में हरी इलायची का सेवन करके आप कैंसर को खुद से दूर रख सकते हैं.

कोलेस्ट्रॉल और हाइपरटेंशन कंट्रोल करती है
हरी इलायची कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में अच्छा रोल निभाती है. इसके साथ ही ये हाई बीपी की दिक्कत को भी नियंत्रित करने का काम करती है. इन दोनों दिक्कतों से जूझ रहे व्यक्ति के लिए हरी इलायची खाना बेहतर हो सकता है.




जमीन पर बैठने के फायदे जानकर कुर्सी पर बैठना छोड़ देंगे आप, जानें इससे मिलने वाले 5 जबरदस्त फायदे

Benefits Of Sitting On Floor: बेशक लोग कुर्सी पर बैठने को ज्यादा अहमियत देते हों, लेकिन जमीन पर बैठने के लाभ आपको हैरान कर सकते हैं. जी हां, जमीन पर बैठकर कार्य करना हमारी संस्कृति से जुड़ा है. बेशक आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग खड़े होकर या कुर्सी पर बैठकर खाना खाते हैं, लेकिन पहले हमेशा बैठकर पूरे इत्मिनान से खाना खाया जाता था. यही नहीं पहले शिक्षा भी जमीन पर बैठकर ग्रहण की जाती थी. लेकिन आज लाइफस्टाइल पूरी तरह बदल चुकी है. इसी का नतीजा है कि अच्छा खासा इंसान बीमारियों का घर बन गया है. बता दें कि, जमीन पर बैठने से बॉडी में लचीलापन तो आता ही है, साथ ही दिमाग से निगेटिविटी भी कम होती है. आइए हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक जानते हैं जमीन पर बैठने चमत्कारी लाभ.

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दूर होती निगेटिविटी: जमीन पर बैठने से दिमाग से निगेटिविटी दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. यदि किसी व्यक्ति में निगेटिविटी होगी तो वह अवसादग्रस्त हो सकता है. ऐसे में जरूरी है कि नकारात्मकताओं को कम किया जाए. इसके लिए आप नियमित तौर पर कम से कम 10 से 15 मिनट तक जमीन पर बैठें. (Image- Canva)

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शरीर में लचीलापन: जमीन पर बैठने से बॉडी में लचीलापन आता है. क्योंकि जमीन में बैठने और उठने से शरीर के जोड़ों पर जोर पड़ता है. इससे मांसपेशियां सक्रिय होती हैं. जमीन पर बैठना फिर किसी काम से उठना एक तरह का व्यायाम भी हो जाता है. इसको नियमित तौर पर करने से शरीर में लचीलापन आता है. (Image- canva)

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दिमाग को रखे हेल्दी: जमीन पर बैठना फिर उठना एक तरह का व्यायाम है. इसको करने से पद्मासन और सुखासन जैसे लाभ मिलते हैं. इसको नियमित करने से दिमाग हेल्दी रहता है. यदि आपका किसी काम या पढ़ाई आदि में मन नहीं लग है तो जमीन पर बैठने की आदत जरूर डालें. ऐसा करने से आपकी मेमोरी शक्ति भी मजबूत होगी. (Image- Canva)

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पोस्चर को सुधारे: नियमित जमीन पर बैठने से शरीर के पोस्चर में सुधार होता है. यदि आप रोज 15-20 मिनट तक जमीन पर बैठते हैं तो मांसपेशियों और जोड़ों पर अधिक जोर पड़ेगा. इससे पोस्चर अच्छा बनने में मदद मिलेगी. आप चाहें तो समय ज्यादा भी कर सकते हैं, लेकिन नियमित करना जरूरी है. (Image- Canva)

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पाचन तंत्र में करे सुधार: पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए जमीन पर बैठना भी बेहद जरूरी है. ऐसे में आप कोशिश करें कि भोजन जमीन पर ही बैठकर करें. ऐसा करने से पाचन संबंधी सभी समस्याओं में सुधार होगा. इसके लिए बेहतर होगा कि आप जमीन पर कम से कम 10-15 मिनट जरूर बैठें. इससे पेट से जुड़ी समस्याएं भी ठीक हो जाएंगी. (Image- Canva)




सावन सोमवार व्रत में ये 5 हेल्दी ड्रिंक्स आपको रखेंगे एनर्जेटिक, पीते ही आ जाएगी ताकत, दूर होगी थकान,

Sawan Somwar Healthy Drinks: सावन का पवित्र महीना चल रहा है. यह महीना भगवान भोलेनाथ का बेहद प्रिय होता है. इस माह के सोमवार व्रत का बहुत महत्व होता है. मान्यता है सोमवार का व्रत रखने से भगवान शिव बहुत प्रसन्न होते हैं. व्रत के दिन खुद को एनर्जेटिक रखना बेहद जरूरी होता है. इस दिन सेहत का विशेष ख्याल रखना चाहिए. व्रत के दिन भूख ज्यादा न लगे इसके लिए लोग हेल्दी फूड्स का सेवन करते हैं. जिससे पोषण भी पूरा मिल सके. आइए आज हम आपको ऐसे ही कुछ हेल्दी ड्रिंक्स बताते हैं.

1.नारियल पानी: मेडिकल न्यूज टुडे में छपी एक खबर के मुताबिक नारियल पानी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. इसके सेवन से बॉडी हाइड्रेटेड रहता है. व्रत में भी आप इसका सेवन कर सकते हैं. नारियल पानी मे मैग्नीशियम, पोटैशियम, कैल्शियम जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं. इसमें कई एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं, जो आपको स्वस्थ और तंदरुस्त रखते हैं.

2.अनार जूस: अनार में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं. इसका सेवन सेहत के लिए फायदेमंद है. व्रत में आप अनार के जूस का सेवन कर सकते हैं. यह आपको लंबे समय तक हाइड्रेटेड रखेगा. जिससे ज्यादा प्यास नहीं लगेगी. साथ ही इससे पोषण भी भरपूर होगा. अनार जूस में विटामिन E, विटामिन K, मैग्नीशियम समेत कई पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं.

3.लस्सी: व्रत में आप पारंपरिक लस्सी का सेवन कर सकते हैं. इसे आप घर में ही आसानी से बना सकते हैं. आप घर में दही से लस्सी को तैयार कर सकते हैं. यह लस्सी शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होती है. इसे पीने से काफी देर तक पेट भरा महसूस होता है. जिससे भूख कम लगती है. पाचन यह तंत्र को भी बेहतर बनाने में लाभदायक है. लस्सी मी काजू, बादाम जैसे ड्राइफ्रूट्स से उपयोग भी कर सकते हैं.

4.फ्रूट स्मूदी: व्रत के दौरान आप फ्रूट स्मूदी का कासेवन भी कर सकते हैं. व्रत में इसका रोल अहम होता है. इसे पीने से आल लंबे उपवास के दौरान खुद को हेल्दी और फिट रख सकते हैं. फ्रूट स्मूदी को आप एक ही फल या अलग-अलग फलों को मिलाकर तैयार की जा सकती है. यह बॉडी में एनर्जी बूस्टर का काम करता है.

5.नींबू का शरबत: व्रत के दौरान नींबू का शरबत सेहत के लिए फायदेमंद होता है. नींबू का जूस पीने से न सिर्फ शरीर को एनर्जी मिलेगी, बल्कि पेट संबंधी समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है. नींबू शरबत में भरपूर मात्रा में मिनरल्स, विटामिन मौजूद होते हैं जो कि डिहाइड्रेशन को दूर करते हैं.




बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल नहीं हो पा रहा कम? खाली पेट खानी शुरू कर दें ये 5 भीगी चीजें

How to reduce cholesterol fast: कोलेस्ट्रॉल गर्मी हो या सर्दी, हर सीजन में परेशान करने वाली बीमारी है. कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ते ही शरीर कई बीमारियों के जद में आ जाता है. इसलिए समय रहते कोलेस्ट्रॉल का लेवल कंट्रोल करने का प्रयास करना चाहिए. इस बीमारी के खतरे को कम करने के लिए सिर्फ दवाएं ही नहीं, अच्छी डाइट का होना भी जरूरी है. ऐसे में कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को सही डाइट जरूर लेना चाहिए. एक्सपर्ट के मुताबिक, कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को सुबह के खाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए. क्योंकि इस वक्त का खाना लंबे समय तक रहता है. लेकिन क्या जानते हैं कि कुछ साधारण से फूड्स भी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में असरदार साबित हो सकते हैं. हालांकि एक्सपर्ट इन फूड्स को भिगोकर खाने की सलाह देते हैं. आइए बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ के आयुर्वेदाचार्य डॉ. जितेंद्र शर्मा से जानते हैं उन चीजों के बारे में, जिनका सेवन करने से एडीएल कंट्रोल हो जाएगा.

बैड कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने वाले फूड्स

मेथी के बीज: बॉडी में बढ़ते बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए मेथी के बीजों का सेवन किया जा सकता है. बता दें कि, मेथी के बीज न सिर्फ कोलेस्ट्रॉल बल्कि ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करने में असरदार होते हैं. इसके लिए एक चम्मच मेथी के बीज को रात को पानी में भिगो देंगे. सुबह इन बीजों को खाली पेट खाकर ताजा पानी पीएं. नियमित ऐसा करने के कोलेस्ट्रॉल का लेवल घट जाएगा.

सूरजमुखी के बीज: शरीर से बैड कोलेस्ट्रॉल घटाने में सूरजमुखी के बीज बेहद असरदार माने जाते हैं. इनका सेवन करने से सेहत में भी सुधार होता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, शरीर की परेशानियों को कम करने के लिए सूरजमुखी के भीगे बीजों का सेवन करना चाहिए. इसके लिए आप इन्हें कम से कम 3 से 4 घंटे तक पानी में भिगोकर रख सकते हैं. यदि आप चाहें तो इन बीजों को रात को भी भिगो सकते हैं.

चिया के बीज: शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना काफी खतरनाक माना जाता है. यदि आप बैड कोलेस्ट्रॉल के लेवल को घटाना चाहते हैं तो चिया के बीजों का सेवन कर सकते हैं. बता दें कि, चिया के बीजों में पानी में घुलनशील फाइबर अधिकता में पाया जाता है. इसके लिए एक चम्मच चिया के बीजों को रातभर पानी में भिगोकर रखें और सुबह उनका सेवन करें. इससे एलडीएल का लेवल कम हो जाएगा.

किशमिश: किशमिश का सेवन करके आप बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकते हैं. बता दें कि, किशमिश में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करके गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने की क्षमता अधिक होती है. इसके लिए आप नियमति रूप से कम से कम एक चम्मच किशमिश को रातभर भिगोकर रखें. सुबह होने पर बासी मुंह उसका सेवन करें. ऐसा करने से बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल तेजी कम होने लगेगा.

फ्लेक्स सीड्स: बॉडी में बढ़ते बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए फ्लेक्स सीड्स भी बेहद करामाती माने जाते हैं. इनको खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर तेजी से कम होने लगता है. इन बीजों को भी आप रात के समय भिगोकर सुबह खाली पेट खा सकते हैं. ऐसा करने से बैड कोलेस्ट्रॉल कम होगा और गुड कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ जाएगा.




Curry leaf For Hair Oil | ‘करी’ पत्ते से रुक सकता है बालों का झड़ना, अपने हाथों से बनाएं करिश्माई ऑर्गेनिक ऑयल

Curry Leaves can do wonders in controlling diabetes and cholesterol, know the properties of this leaf and try it too

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Bhopal: बारिश के मौसम में बालों का झड़ना एक कॉमन समस्या है क्योंकि इस दौरान बालों में नमी और चिपचिपापन बना रहता है जिससे बाल झड़ना शुरू हो जाता है। लेकिन हमारे किचन में ही ऐसी कमाल की चीजें मौजूद हैं जो बालों की इन समस्याओं के लिए रामबाण इलाज है। करी पत्ता भी उन्हीं में से एक है। करी पत्ते के इस्तेमाल से बालों की कई प्रॉब्लम्स को दूर किया जा सकता है।

ऐसे में आज हम आपके लिए करी पत्ता एंटी हेयर फॉल ऑयल बनाने की विधि लेकर आए है। करी पत्ते में ऐसे कई एंटी-ऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जोकि आपके बालों का झड़ना रोकते हैं। ये होममेड प्योर ऑर्गेनिक हेयर ऑयल आपके बालों को आंतरिक पोषण प्रदान करता है जिससे बालों का झड़ना रोकने के साथ-साथ बालों की ग्रोथ में भी मदद मिलती है। इसके साथ ही इससे आपके बाल सॉफ्ट और शाइनी भी बनते हैं। तो आइए जानें एंटी हेयर फॉल ऑयल कैसे बनाएं।

सामग्री

एंटी हेयर फॉल ऑयल बनाने के लिए आप सबसे पहले एक पैन लें।

फिर आप इसमे 2 चम्मच कैस्टर ऑयल में 4-5 पत्ते करी पत्ते डालें।

इसके बाद आप इसको अच्छी तरह से गर्म कर लें।

फिर आप इस तेल को थोड़ी देर ठंडा होने के लिए छोड़ दें।

अब आपका एंटी हेयर फॉल ऑयल बनकर तैयार हो चुका है।

कैसे करें इस्तेमाल

एंटी हेयर फॉल ऑयल को आप अपने बालों की स्कैल्प और लेंथ में अच्छी तरह से लगाएं ।

फिर आप हल्के हाथों से बालों की मसाज कर लें।

 इसके बाद आप इसको बालों में करीब 1 घंटे तक लगाकर छोड़ दें।

फिर आप एक नॉन सल्फेट शैंपू की मदद से हेयर वॉश कर लें।

इससे आपको झड़ते बालों से आसानी से छुटकारा मिल जाता है।




सावन में झूले का जरूर उठाएं लुत्फ, तनाव से मिलेगा छुटकारा, मांसपेशियां भी होंगी मजबूत

Benefits of swinging in Sawan: सावन का महीना शुरू होते ही हरियाली और झूले आदि दिमाग में घूमने लगते हैं. ये चीजें हर उम्र के लोगों को लुभावने के लिए काफी हैं. भयंकर गर्मी के बाद राहत की बारिश का नजारा सबको प्रसन्न और उत्तसाहित कर देता है. गांव-देहात में ज्यादातर देखने में आता है कि सावन की शुरुआत से लेकर हरियाली तीज तक पेड़ों आदि पर झूले लटके दिखाई देते हैं. हालांकि शहरों में काम की व्यस्तता के चलते कम ही देखने को मिलता है. सावन में झूला झूलने का सबसे अधिक लुत्फ बच्चे और महिलाएं उठाती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं झूला झूलना सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. जी हां, झूला झूलने से मानसिक तनाव जैसी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं. आइए जानते हैं झूला झूलने के स्वास्थ्य लाभ के बारे में-

झूला झूलने के 5 बड़े फायदे

मानसिक तनाव होगा दूर: बोल्डस्काई डॉट कॉम की खबर के मुताबिक, सावन में तमाम तरह के मानसिक तनाव दूर करने के लिए झूला एक बेहतर ऑप्शन है. झूला झूलने से मूड दुरुस्त होता है. बता दें कि, जब आप सावन में प्रकृति के बीच झूला झूलते हैं तो खुद में खुशी का अनुभूति होती है, जिससे मूड फ्रेश होता है. यदि आप भी चिंता या उदासी का शिकार हैं तो कुछ पल झूला झूल सकते हैं.

मांसपेशियां होंगी मजबूत: एक्सपर्ट के मुताबिक, सावन में हरियाली के बीच झूला झूलने से सेहत के फायदेमंद होता है. बता दें कि, झूला झूलते से आपको अपने पैरों के साथ ही पूरे शरीर से ताकत लगानी होती है. इस तरह की नियमित एक्सरसाइज करने से आपकी मांसपेशियां मजबूत होती हैं. इसके अलावा शरीर के अन्य अंगों को भी लाभ मिलता है.

ध्यान होता है केंद्रित: झूला झूलने से कंसंट्रेशन पॉवर को बढ़ावा मिलता है. इसके अलावा यह आपके मन को शांति से भी भर देता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, झूला झूलने से बच्चों में फोकस करने की क्षमता बढ़ती है और बच्चा बैलेंस करना भी सीखता है. इससे बच्चों की गर्दन में भी मजबूती भी आती है.

अवेयरनेस को मिलता बढ़ावा: झूला झूलने से अवेयरनेस को बढ़ावा मिलता है. बता दें कि, बॉडी जॉइंट्स में रिसेप्टर्स होते हैं और जब वह एक्टिव हो जाते हैं तो बॉडी को इंडिकेशन देना शुरू करते हैं. इसलिए जब आप पैरों से झूले को धकेलते हैं, तो आपकी बॉडी जॉइंट्स की एक्टिविटी पर ध्यान देने लगती है. ये एक्टिविटी कॉन्फिडेंस लेवल को बढ़ाने में भी मदद करती है.

 

मनोबल बढ़ाने में मदद: झूला झूलने से आपका मनोबल बढ़ता है आप खुश और स्वस्थ महसूस करते हैं. बता दें कि, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि झूले पर झूलते समय शरीर में शीतलता बढ़ती है. साथ ही झूले पर झूलने से ह्रदय की कार्यक्षमता भी बढ़ती है और मस्तिष्क की क्रिया तेज हो जाती है.




दिमाग को कंप्यूटर से भी तेज करेंगे, मेमोरी की पावर को बढ़ाए

Brain Boosting foods: स्वस्थ शरीर के लिए दिमाग का तेज होना बेहद जरूरी है. अगर दिमाग कमजोर होगा तो जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. दिमाग को हेल्दी और स्वस्थ रहने के लिए पोषण से भरपूर फूड्स का सेवन करना चाहिए. दिमाग जितना स्वस्थ रहेगा उतनी ही तेजी से काम करेगा. इससे सोचने-समझने की क्षमता में वृद्धि होगी. आइए आज हम आपको ऐसे फूड्स के बारे में बताते हैं, जिनका नियमित सेवन करने से दिमाग तेज होता है.

1.ब्रोकली: मेडिकलन्यूजटुडे में छपी एक खबर के मुताबिक, ब्रोकली बेहद सेहतमंद सब्जी है. इसमें कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं. हरी पत्तेदार सब्जियां दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी होती हैं. ब्रोकली एक ऐसी ही सब्जी है. इसमें कई यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव होते हैं, जिसमें विटामिन K भी शामिल है. इसके सेवन से दिमाग भी स्वस्थ रहता है.

2. फाइबर युक्त फूड्स: शरीर में ग्‍लूकोज के सही तरह से अवशोषण के लिए भोजन में फाइबर का होना बेहद जरूरी है. ग्‍लूकोज की सही आपूर्ति होने पर ही दिमाग बेहतर तरीके से काम कर पाता है. फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है. फाइबर युक्त फूड्स के सेवन से पाचनतंत्र मजबूत होता है.

3. ब्‍लू बेरीज: ब्‍लू बेरीज का सेवन दिमाग के लिए काफी फायदेमंद होता है. ब्रेन के स्वस्थ हेल्‍थ के लिए ब्लू बेरी को इसे टॉप पर रखा जा सकता है. इसमें भरपूर मात्रा में मैगनीज, विटामिन के, विटामिन सी, फाइटोन्यूट्रिएंट्स आदि मौजूद होता है. इसे खाने से ब्रेन में ब्‍लड फ्लो को बढ़ाने और ध्‍यान एकाग्रचित करने में मदद मिलती है. शोधों में ये भी पाया गया है कि ब्लू बेरीज डिमेंशिया, अल्जाइमर, एजिंग के असर को भी कम करने में मददगार है.

4. संतरा: संतरा में भरपूर मात्रा में विटामिन C मौजूद होता है. संतरा और अन्य ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें विटामिन C से भरपूर मात्रा पाया जाता हो वो मस्तिष्क के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. संतरा व्यक्ति के मस्तिष्क को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मददगार हो सकता है.

5. नट्स: नट्स सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इसमें विटामिन ई, स्वस्थ वसा सहित मस्तिष्क को स्वस्थ और हेल्दी बनाए रखने वाले कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं. नट्स के सेवन से दिमाग सवस्थ औंर तंदरुस्त रहता है. यह सेहत के लिए बहुत लाभकारी है. अगर आप भी दिमाग को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो नट्स का सेवन करें.




बालों के लिए प्याज का रस और एलोवेरा

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बालों के लिए प्याज का रस और एलोवेरा: प्याज का रस बालों के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। दरअसल, ये स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को तेज करता है और फिर बालों की ग्रोथ बढ़ता है। इसके अलावा ये हर्बल उपाय आपके बालों की सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। ये आपके बालों की जड़ों में कोलेजन को बूस्ट करता है और इसकी रंगत को बेहतर बनाए रखता है। लेकिन, आज हम प्याज और एलोवेरा (onion and aloe vera for hair growth) के इस्तेमाल की बात करेंगे कि कैसे ये बालों के लिए फायदेमंद है।

बालों के लिए प्याज का रस और एलोवेरा के फायदे-Onion juice with aloe vera benefits in hindi

1. हेयर डैमेज में मददगार

हेयर डैमेज में प्याज का रस और एलोवेरा बहुत फायदेमंद है। ये असल में सल्फर और किरेटिन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है। ये प्रोटीन से भरपूर है और हेयर डैमेज को सही करता है। ये आपके हेयर फॉलिकल्स को हेल्दी रखता है और इनकी ग्रोथ बढ़ता है। ये आपके बालों की कंडीशनिंग करता है और बालों को हेल्दी रखता है।

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2. स्कैल्प को हेल्दी रखने में मददगार

प्याज का रस एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है और ये हेयर सेल्स को हेल्दी रखता है। ये ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है और बालों को झड़ने से बचाता है। इसके अलावा ये स्कैल्प में सूजन को रोकता है और आपके बालों की ग्रोथ बढ़ाता है। इस प्रकार से ये बालों को हेल्दी रखता है। इसके अलावा ये एंटीडैंड्रफ भी है और स्कैल्प को साफ करता है और डैंड्रफ से बचाता है।

बालों के लिए प्याज का रस और एलोवेरा कैसे इस्तेमाल करें-How to make onion and aloe vera juice in hindi

बालों के लिए प्याज का रस और एलोवेरा कई प्रकार से फायदेमंद है। आपको करना ये है कि प्याज के रस को एलोवेरा के साथ मिला लें और फिर इसे अपने बालों पर लगाएं। कुछ देर के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दें। फिर ठंडे पानी से अपना बाल वॉश करें। थोड़ी देर बाद बालों को शैंपू कर लें। तो, इन तमाम कारणों से आपको अपने बालों में प्याज का रस लगाना चाहिए।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)