पाचक चूर्ण कैसे बनाएं: आधी रात में पेट में उठे दर्द तो खाएं घर में बना ये पाचक चूर्ण

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Pachak Churna:  पाचक चूर्ण, आज से नहीं सालों से घर में बनाकर रखा जाता रहा है। दरअसल, ये पेट में अकड़न और गैस जैसी समस्याओं में काम आ सकता है। इसके अलावा इस प्रकार के चूर्ण कब्ज, पेट फूलने की दिक्कत और अपच जैसी समस्याओं में भी तेजी से काम आते रहे हैं। तो, आज हम जानेंगे दादी-नानी के जमाने की वो रेसिपी, जिससे आप इस चूर्ण को घर में बनाकर लंबे समय तक के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। तो, जानते हैं घर में बनाए जाने वाली इन रेसिपीज के बारे में विस्तार से।

पाचक चूर्ण बनाने की विधि-Pachak churna banane ki vidhi

1. अजवाइन चूर्ण

पाचक चूर्ण आप कई प्रकार से बना सकते हैं। पहले आपको 5 चम्मच अजवाइन लेना है और फिर इसे हल्‍का सा रोस्‍ट कर लेना है। इसके बाद इसमें 1 चम्मच हींग, 1 चम्मच काला नमक, 1 चम्मच सेंधा नमक और ऊपर से 4 चम्मच सौंफ मिला लें। इसके बाद इसमें थोड़ा सा इमली का चूर्ण मिला लें। सबको अच्छी तरह से मिला लें। फिर इसे 1 कांच के डिब्बे में बंद करके रख लें। जब आपको एसिडिटी और बदहजमी हो तो इसका सेवन करें।

2. धनिया चूर्ण

धनिया चूर्ण बनाने के लिए 4 चम्मच धनिया के बीजों को रोस्ट कर लें और फिर इसे दरदरा करके पीस लें। इसके बाद इसमें सौंठ मिला लें। अब इसमें 1 चम्मच जीरा पाउडर मिला लें। ऊपर से दो चम्‍मच सौंफ एड करें। फिर इस म‍िश्रण में ड्राय मैंगो पाउडर मिला लें और इसे एक कांच के डिब्बे में बंद करके रख लें।

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3. हरड़ चूर्ण

हींग-हरड़ चूर्ण बनाने के लिए आपको पहले हींग को भूनकर रख लेना है। फिर इसमें हरड़ को भून कर और इसका पाउडर बनाकर मिला लें। इसके बाद आपको करना ये है इन दोनों के अनुपात में थोड़ा ज्यादा जीरा और सौंफ लें। दोनों को भून लें और फिर दरदरा करके पीस लें। इसके बाद इसमें सेंधा नमक और काला नमक मिलाएं। इस चूर्ण को एक डिब्बे में बंद करके रख लें। अब जब भी आपको पेट दर्द हो या फिर बदहजमी हो तो इस चूर्ण को खा लें।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)

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बरसात में खुद को डिहाइड्रेशन से बचाएं, इन चीजों का करें सेवन

dehydration Symptoms: बारिश के मौसम में स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहने की आवश्यकता होती है. इस मौसम में कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. कई बार ये मौसमी बीमारियां गंभीर हो जाती हैं, जिसके कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बरसात के मौसम में पानी के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है. जिसके कारण पेट को गंभीर बीमारी, हैजा, कॉलरा, निर्जलीकरण और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर के मुताबिक गंभीर निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) के कारण किडनी भी खराब हो सकती है. आइए आज हम आपको निर्जलीकरण के लक्षण और बरसात के मौसम में खान पान को लेकर बरती जाने वाली सावधनियां बताते हैं.

डिहाइड्रेशन के लक्षण
1.भूख-प्यास का बढ़ना
2.मुंह से दुर्गंध आना
3.सिरददर्द और आलस महसूस होना
4.यूरिन का रंग गाढ़ा पीला होना
5.त्वचा का सूखना, होठों में पपड़ियां जमना

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
बरसात के मौसम में ह्यूमिडिटी के कारण सूक्ष्म जीव, बैक्टीरिया, यीस्ट, आदि पनपने लगते हैं. इस सीजन में बाहर का खाने और संक्रमित पानी पीने से टाइफाइड, हैजा और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जैसे रोगों के कारण आमतौर पर दस्त और उल्टी होने लगती है. जिसके परिणामस्वरूप शरीर में तरल पदार्थ की कमी होती है. ऐसी स्थिति में अगर कोई व्यक्ति पानी और अन्य हाइड्रेटिंग तरल पदार्थ नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, या ओआरएस नहीं ले रहा है, तो इससे शरीर में गंभीर निर्जलीकरण और मिनरल्स का असंतुलन हो सकता है.

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति को अगर दिन में 10 से 20 बार से अधिक अत्यधिक बार मल त्याग या उल्टी हो रही हो, तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए. यदि उसकी दस्त और उल्टी कम नहीं होती है, तो व्यक्ति को उचित एंटीबायोटिक लेने के लिए डॉक्टर के पास जाने की ज़रूरत होती है.

खान-पान का ध्यान दें
बरसात के मौसम खान-पान का विशेष ध्यान देना चाहिए. इस सीजन में बाहर का फास्टफूड, स्ट्रीट फूड खाने और संक्रमित पानी पीने के कारण ठंड के साथ बुखार, पेट में ऐंठन, उल्टी, दस्त जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं. इसलिए बाहर का चाट, पकोड़ा और बासी खाना खाने से बचना चाहिए. इस मौसम में संतुलित भोजन और पानी को उबालकर पीना चाहिए.

बरसात में नारियल पानी, छाछ आदि का सेवन करें. कच्ची सब्जियों को खाने की बजाय उन्हें उबालकर खाएं. ज्यादा तेल मसाले वाला भोजन करने से बचें. अगर आप मांसाहारी हैं तो समुद्री फूड्स का सेवन करने से बचें. इसके साथ ही रोजाना व्यायाम करें. बरसात में खुद के साथ परिवार का ख्याल रखने के लिए विशेष सावधानियां जरूर बरतें.




स्ट्रॉबेरी के फायदे: बिना बीज और छिलके वाला ये फल है इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर

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स्ट्रॉबेरी के फायदे: स्ट्रॉबेरी कुछ लोगों के पसंदीदा फलों में से एक रहा है। इस फल की खास बात ये है कि इसमें न बीज होता है न छिलका और आप इसे धोकर आसानी से खा सकते हैं। साथ ही इस फल को आप अपनी डाइट में भी शामिल कर सकते हैं। लेकिन, सवाल ये है कि आपको स्ट्रॉबेरी क्यों खाना चाहिए। इस फल में ऐसी क्या बात है जो लोग इसे अपने नाश्ते से लेकर पोस्ट वर्कऑउट डाइट तक का हिस्सा बनाते हैं। इसके अलावा ये शरीर में ऑक्लीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है और आपको मानसिक बीमारियों से बचाने में मदद करता है। साथ ही स्किन के लिए भी इस फल का सेवन फायदेमंद है। क्यों (why should we eat strawberries) और कैसे, जानते हैं।

स्ट्रॉबेरी में कौन सा विटामिन होता है-Vitamin in strawberry

स्ट्रॉबेरी में विटामिन सी (Vit C) होता है जो कि शरीर के लिए बेहद जरूरी है। विटामिन सी, ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करके शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है। इसके अलावा अगर आपके शरीर में विटामिन सी नहीं है तो आपकी हड्डियों में कैल्शियम जमा नहीं हो पता है। इससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा स्किन को हेल्दी रखने के लिए और कोलेजन बूस्ट करने के लिए भी इस विटामिन की जरुरत है और स्ट्रॉबेरी इससे भरपूर है।

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स्ट्रॉबेरी खाने के फायदे-benefits of strawberry

1. ब्रेन बूस्टर है स्ट्रॉबेरी

स्ट्रॉबेरी ब्रेन बूस्टर है जो कि आपके मेमोरी पावर को बढ़ाने में मददगार है। ये आपके ब्रेन में सूजन को कम करता है और फिर अल्जाइमर जैसी बीमारी से बचाने में मदद करता है। स्ट्रॉबेरी के एंटीऑक्सीडेंट्स कोशिकाओं की रक्षा करते हैं और इन्हें हेल्दी रखने में मदद करते हैं। इससे आपका ये ब्रेन को बीमारियों से बचाता है।

2. इम्यूनिटी बढ़ाता है

स्ट्रॉबेरी, इन्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है। ये आपके शरीर में बी और टी सेल्स को बढ़ावा देता है जिससे आपका इम्यून सिस्टम आपको मौसमी बीमारियों से बचाता है। इसके अलावा ये शरीर को हर प्रकार के इंफेक्शन से लड़ने के लिए सेंसिटिव और मजबूत बनाता है।

3. दिल के लिए हेल्दी

दिल को हेल्दी रखने के लिए शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देना जरूरी है। साथ ही फैट को जमा होने से रोकना है ताकि ब्लड वेसेल्स हेल्दी रहें। इसके अलावा ब्लड सर्कुलेशन को सही करना भी  दिल के काम काज को सही करने में मदद कर सकता है और इन तमाम कामों में स्ट्रॉबेरी आपकी मदद कर सकता है। तो, स्ट्रॉबेरी खाएं और हेल्दी रहें।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)

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चंदन फेस पैक कैसे बनाएं: उमस भरे मौसम में लगाएं चंदन से बना ये 3 फेस पैक

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चंदन फेस पैक कैसे बनाएं: चंदन, स्किन के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। ये एंटी बैक्टीरियल है, एंटी इफ्लेमेटरी है और हीलिंग गुणों से भरपूर है। ये आपकी स्किन के लिए डीप क्लींनजर की तरह काम कर सकता है। चंदन, आपके पोर्स को साफ करता है और स्किन में ऑक्सीजन और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता  है। इसके अलावा ये स्किन कूलिंग में मददगार है। साथ ही अलग-अलग स्किन के लिए चंदन से आपक कई प्रकार से फेस पैक बना सकते हैं। तो, जानते हैं ड्राई, ऑयली और एक्ने वाली स्किन के लिए चंदन के फायदे।

चंदन फेस पैक कैसे बनाएं-Chandan face pack in hindi

1. ड्राई स्किन के लिए-Chandan face pack for dry skin

ड्राई स्किन के लिए आप चंदन और दूध का फेस पैक बना सकते हैं। इसके लिए आपको करना ये है कि 1 चम्मच चंदर पाउडर लें, गुलाब जल मिला लें और थोड़ा सा दूध मिला लें। अब इन तीनों को एक साथ मिलाकर एक ऐसा पेस्ट बनाएं जो न ज्यादा मोटा हो न ज्यादा पतला। पेस्ट को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें। इसे ठंडे पानी से धो लें। अब अपनी त्वचा को थपथपाकर सुखाएं और अच्छे से मॉइस्चराइज करें।

2. ऑयली स्किन के लिए-Chandan face pack for oily skin

ऑयली स्किन के लिए चंदन, टमाटर का रस और मुल्तानी मिट्टी का फेस पैक बना सकते हैं।  यह पैक आपकी त्वचा से तेल और गंदगी को सोख लेता है और आपके चेहरे पर रोजाना जमा होने वाली गंदगी और अतिरिक्त तेल से छुटकारा दिलाता है। टमाटर, जब चंदन के साथ मिलाया जाता है, तो आपकी त्वचा की रक्षा करता है और तेल और गंदगी को हटाने के लिए छिद्रों को साफ करता है, और आपको दाग-मुक्त त्वचा देता है। तो, चंदन पाउडर में थोड़ा सा टमाटर का रस और थोड़ा सा मुल्तानी मिट्टी मिला लें। ऊपर से थोड़ा सा गुलाब जल मिलाएं। इसे चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 15 मिनट तक सूखने दें। बर्फ के ठंडे पानी में भिगोए हुए कॉटन पैड या कपड़े का उपयोग करके पैक को पोंछें।

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3. एक्ने वाली स्किन के लिए-Chandan face pack for acne skin

एक्ने वाली स्किन के लिए आप चंदन, हल्दी और कपूर का फेस पैक बना सकते हैं। यह पैक मुंहासे के दाग और ब्लैकहेड्स को रोकने के लिए भी काम करता है। इसके लिए 1 चम्मच चंदन पाउडर में 1 चम्मच हल्दी पाउडर और कपूर का पाउडर मिला लें। अब इस पैक को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 15 से 20 मिनट के लिए छोड़ दें।  अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। इस प्रकार से फेस पैक आपकी स्किन के लिए हेल्दी है।

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जंगल जलेबी फल, सेहत के लिए है वरदान, पाचनतंत्र को बनाता है मजबूत

आपने जलेबी तो खूब खाया होगा, यह बेहद स्वादिष्ट होती है. लेकिन क्या आपने कभी जंगल जलेबी खाया है या इसके बारे में सुना है. जंगल जलेबी एक फल है. जो खाने में तो बेहद स्वादिष्ट होती ही है, साथ ही यह स्वास्थ्य के लिए बहुत बहुत फायदेमंद है. यह कांटेदार झाड़ियों वाले पेड़ में पाई जाती है. शायद देखने में टेढ़ा-मेढ़ा होने के कारण इसे जंगल जलेबी कहा जाता है. इसे हम अंग्रेजी इमली के नाम से भी जानते है वही जंगल-जलेबी को मद्रास थॉर्न नाम से भी जाना जाता है. इसे मुंह मे डालते ही यह घुल जाती है. अगर आपने भी अभी तक इसका सेवन नहीं किया है तो इसे जरूर खाएं. आइए आज हम आपको जंगल जलेबी के सेहत को होने वाले फायदे बताते हैं.

1.पोषक तत्वों से भरपूर: इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर के मुताबिक जंगल जलेबी में कई पोषक तत्वों मौजूद होते हैं. इसमें विटामिन सी, कैल्शियम, वसा, कार्बोहाइड्रेट, फॉस्फोरस, पोटैशियम, आयरन, थायमिन, राइबोफ्लेविन जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं. जो सेहत को कई लाभ पहुंचाते हैं.

2.डायबिटीज करे कंट्रोल: ब्लड शुगर के मरीजों के लिए जंगल जलेबी बेहद फायदेमंद है. यह डायबिटीज को कंट्रोल कर करती है. इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. इसकी पत्तियों में एंटी-डायबिटिक प्रॉपर्टीज पाई जाती है.

3.पाचनतंत्र मजबूत करे: जंगल जलेबी, पेट की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती है. इसके सेवन से पाचनतंत्र मजबूत होता है. यह ब्लोटिंग, गैस और अपच से छुटकारा दिलाने में फायदेमंद है. इसके सेवन पेट अच्छे से साफ होता है.

4.इम्यूनिटी बूस्ट करे: जंगल जलेबी में भरपूर मात्रा में विटामिन मौजूद होता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करती है. इम्यूनिटी बूस्ट होने से कई तरह के रोगों, इंफेक्शन से व्यक्ति बचा रह सकता है. विटामिन सी एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट की तरह शरीर में काम करता है. जिससे शरीर को कई तरह के नुकसानदायक फ्री रैडिकल्स से लड़ने में मदद मिलती है.

5.हार्ट को रखे हेल्दी: जंगल जलेबी शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करती है. यह बॉडी में गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देती है. इससे दिल संबंधित बीमारियों जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक का खतरा कम होता है. यह हार्ट को हेल्दी बनाती है.




Skin Care Tips | बारिश के मौसम में ऐसे रखें अपनी त्वचा को ताज़गी से भरी, खूबसूरती मांगती है ऐसा केयर

बारिश के मौसम में ऐसे रखें अपनी त्वचा को ताज़गी से भरी, खूबसूरती मांगती है ऐसा केयर

Bhopal : बारिश का मौसम हर किसी को पसंद होता है। कई लोग ऐसे में होते उन्हें इसमें भीगना सबसे ज्यादा पसंद होता है। लेकिन इसके बाद होने वाली परेशानी भी उन्हें ही झेलनी पड़ती है जिसकी वजह वो अक्सर परेशान नजर आते हैं। महिलाओं को सबसे ज्यादा हेयर और स्किन से जुड़ी समस्याएं होती हैं।

ऐसे में आज हम आपको कुछ कुछ चीजों के बारे में बता रहे हैं, जो आपके स्किन के लिए हानिकारक साबित होती हैं। इन चीजों का सेवन आपको नहीं करना चाहिए। आइए जानें उन चीजों के बारे में-

एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्किन की सभी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए खुद को हाइड्रेट रखना काफी जरूरी है। इसके लिए दिन में कम से कम 6 गिलास पानी जरूर पिएं। इससे बॉडी डीटॉक्स होती है औऱ स्किन भी साफ रहती है।

बारिश के मौसम में भीगने के बाद हमारी स्किन चिपचिपी हो जाती है। इसकी वजह से स्किन पर सबसे ज्यादा दाने होने का खतरा होता है। आपके साथ ऐसा न हो इसके लिए कोशिश करें की अपनी स्किन को साफ रखें। आप दिन में बार चेहरे को जरूर साफ करें। इसके बाद अपनी स्किन टोन को सूट करने वाले फेस वॉश से अपने चेहरे को साथ करें और मॉइस्चराइजर क्रीम लगाएं। इन बातों को ध्यान में रखेंगी तो कभी भी पिंपल्स जैसी समस्या नहीं होगी।

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डिटॉक्स ड्रिंक आपकी स्किन के लिए बहुत फायदेमंद रहेगी। ये स्किन को प्यूरिफाई करके हेल्दी रखती है। विटामिन-C से भरपूर संतरे, लेमन या वॉटरमेलन का डीटॉक्स ड्रिंक आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

खाने में हेल्दी फैट्स का सेवन नहीं करने पर भी स्किन प्रॉब्लम होती है। आपको ओमेगा-3 से भरपूर फूड्स जैसे- अखरोट, मैकरल फिश, सालमन फिश, चिया सीड्स आदि खाना चाहिए। ओमेगा-3 आपके दिल के साथ-साथ स्किन के लिए भी फायदेमंद होता है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि, सबसे पहले आपको किसी भी तरह के आर्टिफिशियल स्वीटर का उपयोग करना बंद कर देना चाहिए। खाने के साथ-साथ पीने के पदार्थ में भी इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। ये आपकी स्किन के लिए बेहद हानिकारक हैं। ये आपके ब्लड शुगर लेवल को असंतुलित कर देता है, साथ ही इसके सेवन से आपका वजन बढ़ने लगता है, जिससे स्किन समस्याएं होती है। तो वहीं कोल्ड ड्रिंक्स में सबसे ज्यादा शुगर पाया जाता है, इसलिए इसका सेवन करना स्किन प्रॉब्लम को बुलावा देना है।




खाने को पिघलाकर पचाने का काम करता है फाइबर, पेट की गंदगी को करता है पूरी तरह से साफ, सेहत के लिए है रामबाण

Benefits Of Fiber: शरीर को स्वस्थ और हेल्दी रखने के किए कई तरह के विटामिंस और पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है. अगर इनमें से किसी की भी कमी हो जाए तो कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. ऐसा ही जरूरी पोषक तत्व फाइबर है. फाइबर पाने के लिए लोग हरी-पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल समेत कई फूड्स का सेवन करते हैं. शरीर में फाइबर की कमी होने पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. फाइबर के सेवन से सेहत को कई फायदे होते हैं. आइए आज हम आपको फाइबर के सेहत को होने वाले फायदों के बारे में बताते हैं.

1.पाचन तंत्र मजबूत करे: वेबएमडी में छपी खबर के मुताबिक, फाइबर के सेवन से पाचनतंत्र मजबूत होता है. यह भोजन को पचाने का काम करता है. यह गैस, ब्लोटिंग, अपच जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है. इससे भरपूर फल, सब्जियां, अनाज कब्ज से निजात दिलाने में फायदेमंद हैं. यही वजह है कि लोगों को फाइबर से भरपूर फल और हरी सब्जियों का सेवन करने के लिए कहा जाता है.

2. हार्ट को हेल्दी बनाए: फाइबर युक्त फूड्स के सेवन से हार्ट हेल्दी होता है. यह दिल की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. फाइबर बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करता है. जिससे हार्ट अटैक का खटा भी कम होता है.

3. वजन कंट्रोल करे: फाइबर युक्त हेल्दी फूड्स के सेवन से वजन कंट्रोल होता है. यह पेट की सेहत को दुरुस्त रखता है. इसके सेवन से पेट ज्यादा देर तक भरा हुआ लगता है, जिससे भूख कम लगती है.

4. डायबिटीज के लिए फायदेमंद: फाइबर युक्त फूड्स को खाने से डायबिटीज भी कंट्रोल होता है. यह ब्लड शुगर को कम करता है. ब्लड शुगर के मरीजों को हरी पत्तेदार सब्जियों को खाने के लिए कहा जाता है. अगर आपको भी ब्लड शुगर की बीमारी है तो आप भी फाइबर युक्त फूड का सेवन जरूर करें.

5. कोलेस्ट्रॉल कम करे: फाइबर के सेवन से बॉडी में बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है. यह कोलेस्ट्रॉल को कम कर शरीर को स्वस्थ रहता है. यह डाइजेस्टिव सिस्टम में शरीर के लिए फायदेमंद बैक्टीरिया को बढ़ाता है.




4 पावरफुल चीजें किडनी को रखती हैं दुरुस्त, आज से ही खाना कर दें शुरू

Foods Good for Kidneys: बॉडी की ओवरऑल हेल्थ को बेहतर रखने में किडनी की भूमिका काफी खास होती है. ऐसे में किडनी को सेहतमंद रखना बहुत जरूरी है. जिसके लिए बहुत लोग पानी को ही एक मात्र जरिया मानते हैं. जबकि पानी की तरह की कुछ और चीजें (Foods good for kidneys) भी किडनी को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकती हैं.

पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आपके गुर्दे की सेहत के लिए फायदेमंद होता है. लेकिन पानी के अलावा भी कुछ चीजें ऐसी हैं जो किडनी की हेल्थ को बेहतर बनाने में कारगर हो सकती हैं. हालांकि जिस किसी को सीकेडी है या जो लोग डायलिसिस पर हैं, उनके लिए इन चीजों से दूरी बनाकर रखना जरूरी है. तो आइये मेडिकल न्यूज़ टुडे डॉट कॉम के अनुसार जानते हैं उन चीजों के बारे में जो किडनी को सेहतमंद रखने का काम करती हैं.

शकरकंद: किडनी को सेहतमंद रखने में शकरकंद अच्छी भूमिका निभा सकता है. दरअसल शकरकंद में पोटेशियम, विटामिन और खनिज होते हैं, जो शरीर में सोडियम के स्तर को संतुलित करने और किडनी पर इसके प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं. लेकिन जिस किसी को सीकेडी है या जो डायलिसिस पर है उसको शकरकंद का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए.

पत्तेदार सब्जियां: पत्तेदार सब्जियों में भी पोटेशियम, विटामिन, फाइबर और खनिज काफी अच्छी मात्रा में होते हैं. साथ ही एंटी-ऑक्सीडेंट और यौगिक भी मौजूद होते हैं. इनका सेवन करना किडनी के लिए फायदेमंद हो सकता है. लेकिन किडनी सम्बन्धी किसी तरह की बीमारी से जूझ रहे लोगों या डायलिसिस पर रहने वाले लोगों के लिए ये उपयुक्त नहीं हो सकते हैं.

डार्क बेरीज: किडनी को किसी तरह की परेशानी से बचाने के लिए स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रास्पबेरी जैसी डार्क बेरीज का सेवन करना भी बेहतर हो सकता है. डार्क बेरीज कई तरह के पोषक तत्वों और एंटी-ऑक्सीडेंट व यौगिकों से भरपूर होती है. ये शरीर में कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाने में मदद कर सकती है.

सेब: ऐपल को डाइट में शामिल करने से भी आपके गुर्दे की सेहत बेहतर बनी रह सकती है. दरअसल सेब में पेक्टिन नाम का महत्वपूर्ण फाइबर मौजूद होता है. जो किडनी डैमेज होने के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है. इतना ही नहीं मीठा खाने के शौक़ीन लोग मीठे की क्रेविंग को मिटाने के लिए भी सेब का सेवन कर सकते हैं.




सुबह खाली पेट अजवाइन खाने के फायदे: इन 4 कारणों से करें सेवन

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Ajwain at empty stomach: अजवाइन आपको अपनी रसोई में आराम से मिल जाएगी। इस खास मसाले में एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण है जिसकी वजह से आप इसे कई समस्याओं में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा अजवाइन (ajwain benefits से निकलने वाला अर्क, डाइजेस्टिव एंजाइम्स को बढ़ाता है और डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है। पर आज हम सुबह खाली पेट अजवाइन खाने की बात करेंगे कि कैसे ये छोटे-छोटे दाने आपको कई बीमारियों से बचा सकते हैं।

सुबह खाली पेट अजवाइन खाने के फायदे-Ajwain at empty stomach benefits in hindi

1. वेट लॉस में मददगार

सुबह खाली पेट अजवाइन खाना आपको कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकता है। दरअसल, जब आप इसे सुबह-सुबह खाते हैं तो ये पेट के अग्नि तत्व को बढ़ावा देता है और फैट मेटाबोलिज्म को तेज करता है। इससे वेट लॉस में मदद मिलती है और मोटापा कम करने में आप इस उपाय को आराम से आजमा सकते हैं।

2. स्लो मेटाबोलिज्म को तेज करता है

स्लो मेटाबोलिज्म को तेज करने में अजवाइन काफी कारगर तरीके से काम करता है। ये असल में आंतों के कामकाज में तेजी लाता है जिससे खाना पचाने की गति तेज हो जाती है। इसके अलावा ये भोजन से निकलने वाला कणों के अवशोषण को भी बेहतर बनाता है।

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3. पाचक एंजाइम्स को बढ़ाता है

पाचक एंजाइम्स को बढ़ावा देने में अजवाइन का सेवन कई प्रकार से फायदेमंद है। ये पहले तो आपके पेट में एसिडिक और बेसिक पीएच के बीच एक बैलेंस क्रिएट करता है जिससे पाचन गतिविधियों में तेजी आती है। इससे बॉवेल मूवमेंट भी तेज हो जाता है और मल त्याग में मदद मिलती है।

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4. एसिडिटी जैसी समस्या में कारगर

एसिडिटी की समस्या समय के साथ लगातार बढ़ती जाती है। कुछ लोगों को तो खाना खाते ही एसिडिटी की दिक्कत हो जाती है। ऐसे में आप इस समस को कम करने के लिए सुबह खाली पेट अजवाइन का सेवन कर सकते हैं। अजवाइन का एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पेट में सूजन को कम करता है और एसिडिटी से बचने में मदद करता है।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)




30 के बाद हर महिला के लिए जरूरी है साल में ये 10 टेस्ट, कई घातक बीमारियों से बची रहेंगी, दवा पर पैसा नहीं होगा खर्च

10 Important Health Tests For Every Woman: 30 की उम्र तक आते-आते महिलाओं की शादी हो जाती है और कुछेक को बच्चे भी हो जाते हैं. इसके साथ ही शहरी महिलाएं कामकाजी भी रहती हैं. यानी उन्हें घर का काम करने के अलावा दफ्तर में भी काम करना पड़ता है. 30 ऐसी उम्र है जिसमें महिलाओं के उपर कई जिम्मेदारियां आ जाती है. इन सभी जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते वह अपनी हेल्थ का केयर करना छोड़ देती हैं. पर हेल्थ के प्रति यह लापरवाही काफी भारी पड़ जाती है.

इस कारण कई बीमारियां होने लगती हैं और इसपर समय और पैसा तो बर्बाद होता ही है, साथ में मानसिक परेशानी भी बढ़ जाती है. इसलिए यदि आप चाहती हैं कि उम्र बढ़ने के साथ आप बीमारियों से दूर रहें तो कुछ टेस्ट आपको हर साल जरूर कराने चाहिए. इससे हेल्थ पर आपका बीमारियों से होने वाला खर्चा भी बच जाएगा.

हर महिला को हर साल करानी चाहिए ये टेस्ट

1. विटामिन बी 12-इंडियन एक्सप्रेस की खबर ने न्यूट्रिशनिस्ट खुशबू जैन के हवाले से बताया कि हर महिला को 30 साल की उम्र के बाद साल में एक बार विटामिन बी 12 टेस्ट जरूर कराना चाहिए. वैसे भी भारत में 70 प्रतिशत से ज्यादा लोगों को विटामिन बी 12 की कमी होती है. इससे यह पता चलता है कि आपका ब्रेन, ब्लड और नर्वस सिस्टम सही है या नहीं.

2. विटामिन डी-विटामिन डी की कमी हड्डी, फर्टिलिटी और इम्यून सिस्टम को प्रभावत करती है. इसलिए हर महिला को साल में विटामिन डी का टेस्ट कराना चाहिए.

3. थायरॉयड-आज अधिकांश महिलाओं को थायरायड की दिक्कत है. इस कारण मां बनने में दिक्कत होती है. आपका मेटाबोलिज्म सही से काम कर रहा है या नहीं, इसके लिए थायरॉयड टेस्ट साल में जरूर कराएं.

4. आयरन-हर साल महिलाओं को आयरन टेस्ट जरूर कराना चाहिए. इससे यह पता चलेगा कि खून में आयरन को किसी चीज को बांधने की कितनी क्षमता है.

5. एचबीए1सी-यह डायबिटीज टेस्ट है जो खून में शुगर की तीन महीना की मात्रा का औसत माप है. इससे यह पता चलता है कि ब्लड शुगर तो नहीं बढ़ गया है.

6. लिपिड प्रोफाइल-आजकल जिस तरह का लाइफस्टाइल है, उसमें 30 साल के बाद हर महिला को यह टेस्ट कराना चाहिए. इससे यह पता चलेगा कि आपका कौन सा कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है. एलडीएल अगर बढ़ जाए तो यह सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह हो सकता है.

7. हार्मोन पैनल-महिलाओं के लिए हार्मोन का विशेष महत्व है. इसमें डीएचईए, एस्ट्राडिओल, फ्री एंड टोटल टेस्टोस्टेरोन, प्रोजेस्ट्रोन आदि हार्मोन के बारे में पता चलता है.

8. एचएस-सीआरपी-एचएस-सीआरपी टेस्ट लंबे समय तक इंफ्लामेशन के संकेतों को पकड़ता है. इंफ्लामेशन के कारण शरीर में कई तरह की क्रोनिक बीमारियां होती है.

9. कैल्शियम-हर महिला को साल में एक बार कैल्शियम का टेस्ट जरूर कराना चाहिए. कैल्शियम इम्यूनि सिस्टम, विटामिन की कमी और ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को प्रभावित करता है.

10. होमोसिस्टीन-होमोसिस्टीन से शरीर में एमिनो एसिड के बारे में पता चलता है. अगर इसकी कमी हो जाए तो विटामिन बी 6, विटामिन बी 9 और विटामिन बी 12 की भी कमी हो जाती है.