Coconut milk : बालों के लिए नारियल के दूध के फायदे

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नारियल का दूध बालों के लिए: नारियल का दूध (Coconut milk), आपके बालों की कई समस्याओं के लिए इलाज हो सकता है। अब आप सोच रहे होंगे कि नारियल के तेल के बारे में तो सुना है लेकिन नारियल का दूध, ये कैसे बनता है और बालों के लिए इसे क्यों इस्तेमाल करें। तो, आपको बता दें कि नारियल का दूध ठीक वैसे ही काम कर सकता है जैसे कोई कंडीशनर हो। दूसरा, इसके विटामिन और मिनरल्स आपके बालों की ग्रोथ बढ़ा सकते हैं और ये आपके बालों की बनावट व रंगत को सुधार सकते हैं। इसके अलावा भी बालों के लिए नारियल के दूध  लगाने (nariyal ka doodh lagane ke fayde) के फायदे कई हैं। आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

बालों के लिए नारियल के दूध के फायदे

1. बालों की ग्रोथ के लिए

हमारे बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए विटामिन ई और कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स कारगर तरीके से काम करते हैं और यही नारियल के दूध में भी है। आपको करना ये है कि नारियल के दूध को अपने स्कैल्प लगाएं। इसमें आप एलोवेरा की भी मदद ले सकते हैं और इन दोनों को मिलाकर आप अपने स्कैल्प लगा सकते हैं। इससे आपके बालों का ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है और फिर ये बालों की ग्रोथ बढ़ाने में मददगार है।

coconut milk benefits

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2. ड्राई बालों के लिए

बालों के लिए अगर हम एक देसी कंडीशनर की बात करें तो नारियल के दूध से ज्यादा बेहतर कुछ नहीं है। आपको बस करना ये है कि इस दूध को लें और इसे अपने बालों में लगातार कुछ देर के लिए छोड़ दें। दरअसल, इसमें कुछ बायोटिक कॉम्पोनेंट्स होते हैं जो कि आपके डैमेज बालों को नमी प्रदान करते हैं और जिससे दोमुंहे बालों की समस्या नहीं होती है और हम बालों में ब्रेकेज से बच सकते हैं।

3. झड़ते बालों के लिए

बालों के लिए एक बेहतर सीरम के रूप में आप नारियल के दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये आपके स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और फिर इनकी कमजोर जड़ों को पोषण देता है। इसकी वजह से झड़ते हुए बालों पर रोक लगती है और आपको खूबसूरत, लंबे और हेल्दी बाल पाने में मदद मिलती है।

बालों के लिए नारियल का दूध कैसे बनाएं

बालों के लिए नारियल का दूध हम कई प्रकार से इस्तेमाल कर सकते हैं बस हमें इसे पहले बनाना आना चाहिए। जैसे कि आपको सबसे पहले कच्चे नारियल को कद्दूकस करना है और फिर इसका दूध निकाल लें। इसके बाद इस दूध में आप शहद, एलोवेरा और दही जैसी चीजों को मिलाकर अपने बालों में लगा सकते हैं। ये आपके बालों की बनावट को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है और आपको कई समस्याओं से बचा सकता है।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)




Hair Fall | बारिश के मौसम में अगर झड़ रहे हों बाल, तो ये घरेलू नुस्खे से कर सकते हैं ऑर्गेनिक इलाज

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Bhopal : बारिश के मौसम में बाल झड़ने की समस्या एक आम समस्या है। क्योंकि, इस मौसम में बाल झड़ने की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। चिपचिपे मौसम में बालों को झड़ने से रोकने के लिए महिलाएं बहुत सी ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी करती हैं। लेकिन, इसका इस्तेमाल लंबे समय में बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में झड़ते बालों को रोकने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खों को आजमा सकते है। आइए जानें इन घरेलू नुस्खों के बारे में-

ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, झड़ते बालों को रोकने के लिए आप नारियल तेल और करी पत्ता का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए मुट्ठी भर करी पत्ते की जरूरत होगी। अब किसी बर्तन या पैन में 5 चम्मच नारियल का तेल गर्म करें। इसमें करी पत्तियां डालें। इन पत्तियों को काले होने तक भून लें। अब गैस बंद कर दे। इस मिश्रण को ठंडा होने दें। इस तेल से पत्तियां अलग कर लें।

इस तेल से सिर की मालिश करें।   इसे एक घंटे के लिए बालों और स्कैल्प पर लगा कर रखें। ये तेल आपके बालों को समय से पहले सफेद होने से भी रोकेगा। साथ ही साथ आपके बालों को जड़ों से मजबूत भी बनाएगा। आप इस तेल को हफ्ते में 3 बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

मेथी के दाने भी बालों को मजबूत बनाने में काफी मदद करते हैं। ये प्रोटीन और निकोटिनिक एसिड से भरपूर होते हैं, जो बालों के झड़ने से रोकते हैं। ये आवश्यक विटामिन और खनिजों से भरपूर होते हैं। हेल्दी बालों के लिए आप अपनी डाइट में मेथी के दाने जरूर शामिल करें।

प्याज का रस झड़ते बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। आप प्याज को पीसकर उसका रस निकाल लें और फिर रुई की मदद से इसे स्कैल्प पर लगाएं । अब 30 मिनट तक इसे लगाकर रखें। हफ्ते में दो बार ऐसा करें। इससे काफी हद तक बालों का झड़ना कम हो जाएगा।




अर्जुन की छाल, डायबिटीज और हड्डियों के लिए है वरदान, रोज करें सेवन

Benefits of arjuna bark: आयुर्वेद में कई पेड़-पौधों को सेहत के लिए बेहद उपयोगी माना गया है. ऐसे ही एक पेड़ का नाम है अर्जुन. दरअसल, इस पेड़ का सबसे अधिक उपयोग काढ़ा बनाने में किया जाता है. काढ़ा बनाने की मुख्य वजह यह है कि अर्जुन की छाल के पानी में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होता है, जिससे यह काफी स्वास्थ्य लाभों को प्रदान करता है। यह डायबिटीज, इंफेक्शन, संक्रमण, गले की खराश, सर्दी-जुकाम जैसी परेशानियों को दूर करने में भी काफी मददगार होता है. अर्जुन का यह वृक्ष नदी-नाले के आसपास उगता है, जो की 30- 40 फ़ीट की ऊंचाई तक का हो सकता है. इसका तना चिकना सफेद रंग का होता है और फल चौकोर आकार का आता है. आइए हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक जानते हैं अर्जुन की छाल से चमत्कारी लाभ.

अर्जुन की छाल के 5 चमत्कारी लाभ

डायबिटीज कंट्रोल करे: अर्जुन की छाल का उपयोग डायबिटीज को कंट्रोल करने में काफी असरदार माना जाता है. दरअसल, इस वृक्ष में कुछ विशेष प्रकार के एंजाइम्स पाए जाते हैं. इसी वजह से अर्जुन की छाल में भी एंटीडायबिटिक गुण मौजूद होते हैं. अर्जुन छाल में मौजूद यह गुण किडनी और लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाकर ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है.

हार्ट का खतरा कम करे: अर्जुन की छाल में ट्राइटरपेनॉइड नाम का रसायन पाया जाता है, जो हार्ट रोग से जुड़े जोखिमों को दूर कर सकता है. इसके लिए आप अर्जुन की चाय भी पी सकते हैं. इसको बनाने के लिए छाल के पाउडर की आधा चम्मच अनुपात में मात्रा लेकर उसे चायपत्ती की तरह उबालें. अब अदरक, इलायची, दालचीनी, थोड़ा सा सेंधा नमक और गुड़ भी साथ में प्रयोग करें. आप चाहें तो दूध भी डाल सकते हैं, लेकिन जरूरी नहीं है.

हड्डियों को बनाए मजबूत: अर्जुन का वृक्ष आपने आपमें एक चमत्कारिक औषधि है. कई लोग इसका इस्तेमाल टूटी हड्डियों को जोड़ने के लिए करते हैं. दरअसल, अर्जुन के फल में हड्डियों को मजबूत करने वाले तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. साथ ही इससे हड्डियों का दर्द और कमजोरी भी दूर होती है. इसलिए आप इसकी छाल का पाउडर और दूध का सेवन कर सकते हैं.

सर्दी-खांसी से बचाए: अर्जुन की छाल सर्दी-खांसी की समस्या से निजात दिलाने का शानदार उपाय है. बता दें कि, अर्जुन की छाल का पानी कंजेशन से राहत देने और स्वस्थ फेफड़ों के कार्य को बढ़ावा देने में मदद करता है. इसके अलावा यह पानी श्वसन संबंधी रोग से बचाव के लिए काफी उपयोगी माना जाता है.

पाचन शक्ति बढ़ाए: पेट संबंधित कई परेशानियों को दूर करने के लिए भी अर्जुन की छाल का प्रयोग किया जा सकता है. बता दें कि, अर्जुन की छाल का पानी पीने से पाचन तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. यह हल्के कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है. इसके अलावा यह पाचन में सुधार और गैस्ट्रिक अल्सर और एसिडिटी के लक्षणों को कम करने में भी मदद कर सकता है.




Pimples | पिंपल्स के दर्द से निजात पाने में ये नुस्खे कर सकते हैं मदद, आज़मा कर देखें

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Bhopal : पिंपल्स के दर्द और इससे होने वाले दाग-धब्बे से कई लोग परेशान रहते हैं। चेहरे पर पिंपल्स, यानी मुंहासे निकलना एक आम बात है। लड़कियों को मुंहासे उनके पीरियड्स के दिनों में भी निकलते हैं। मगर अधिकतर लोगों को गलत खाने-पीने, खराब लाइफस्टाइल की वजह से या फिर हार्मोनल इंबैलेंस होने की वजह से एक्‍ने निकलते हैं। तो ऐसे में कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाकर इससे निजात पा सकते हैं आइए जानें इन घरेलू नुस्खों के बारे में –

ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, पिंपल्स के दर्द को दूर करने में नारियल का तेल आपके बेहद काम आ सकता है। नारियल के तेल के अंदर एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो न केवल पिंपल्स के कारण होने वाली सूजन को दूर कर सकते हैं बल्कि दर्द और लालिमा दोनों से राहत मिल सकती है। ऐसे में आप प्रभावित स्थान पर इस तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

टी ट्री ऑयल मुंहासों सहित आपकी सभी सौंदर्य समस्याओं के लिए वरदान माना गया है। यह तेल एंटीसेप्टिक और जीवाणुरोधी गुण से भरा होता है, जो हानिकारक जीवाणुओं को तेजी से निकालकर मुंहासों को ठीक करता है। इसे फेस पर लगाने के लिए टी ट्री ऑयल की 2 बूंदें लें और उसमें (नारियल तेल/बादाम तेल/जोजोबा तेल) की 10 बूंदें मिलाएं। इसे कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। बाद में गर्म पानी से धो लें।

पिंपल्स के दर्द को दूर करने में बर्फ से की गई सिकाई आपके बेहद कम आ सकती है। बता दें कि बर्फ से न केवल आप अपने चेहरे को साफ कर सकते हैं बल्कि इससे पिंपल्स के दर्द से राहत मिल सकती है।  ऐसे में आप एक कपड़े में बर्फ को लपेटें और प्रभावित स्थान पर रखें। फायदा मिलेगा। ध्यान रहे बर्फ को डायरेक्ट स्किन पर रखने से बचें ।




Anemia Symptoms: क्या एनीमिया से आंखों की रोशनी पर भी पड़ता है असर? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Anemia Symptoms: हमारे शरीर में आयरन एक आवश्यक पोषक तत्व है और इसकी कमी से एनीमिया की समस्या हो सकती है.आयरन की कमी के कारण लोगों में सिरदर्द और थकान महसूस होने लगती है, लेकिन कभी-कभी इस कारण से आंखों की रोशनी पर भी असर हो सकता है. जिला अस्पताल नर्मदापुरम  से जुड़े नेत्र रोग विशेषज्ञ (Eye Specialist) डॉ. आर. के. वर्मा के मुताबिक, आयरन की कमी का सीधे आंखों पर तो कोई असर नहीं होता है, लेकिन शरीर में आयरन की कमी होने पर सभी अंगों पर इसका प्रभाव पड़ता है.इस कारण आंखों की रोशनी कम हो सकती है. ऐसी स्थिति में तत्काल डॉक्टर की सलाह पर एक बार आयरन टेस्ट भी करा लेना चाहिए.

कम होने लगता है हीमोग्लोबिन
आयरन की कमी से हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल कम होने लगता है. शरीर में मौजूद लाल रक्त कणिकाओं में हीमोग्लोबिन एक ऐसा पदार्थ है, जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई करता है. यही कारण है कि आयरन की कमी होने पर शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित हो जाती है और हमें थकान महसूस होने लगती है. इसका सीधा असर आंखों में भी देखा जा सकता है.

कम आयरन और धुंधली दृष्टि
ऐसा जरूरी नहीं है कि आयरन की कमी होने पर सभी मरीजों की आंखों की रोशनी कम हो जाती है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थिति में आयरन की कमी रेटिना की स्थिति में परिवर्तन का कारण बन सकती है. डॉ. दत्तानी के अनुसार ऐसे लक्षण कुछ मरीजों में देखे जाते हैं.आयरन की कमी के कारण ‘एनेमिक रेटिनोपैथी’ हो सकती है।

आंखों में आयरन की कमी के लक्षण
आयरन की कमी के लक्षणों को आसानी से पहचाना जा सकता है. शरीर में आयरन की कमी होने पर आंखों की निचली पलकों के अंदर का रंग पीला पड़ने लगता है. गंभीर स्थिति में आंखों की पलकों की अंदरूनी परत हल्की गुलाबी या पीली हो जाती है.इसके अलावा आयरन की कमी होने पर आंखों में ड्राइनेस भी आ जाती है और आंखों से आंसू नहीं निकले हैं.

ये लक्षण भी नजरअंदाज न करें
शरीर में आयरन की कमी होने पर थकान और कमजोरी, चक्कर आना, सिर दर्द, सांस लेने में कठिनाई होने के साथ आंखों में धुंधला पर आने लगता है. ऐसे में तत्काल हेल्थ एक्सपर्ट से संपर्क करना चाहिए, वरना लगातार ऐसी स्थिति बनी रहना आंखों के लिए घातक साबित हो सकता है.

आंखों के पोषण के लिए खाएं ये चीजें
अच्छी जीवनशैली और खानपान में सावधानी रखकर भी आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है.आंखों के उचित पोषण के लिए एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन से भरपूर खाद्य सामग्री का सेवन करना चाहिए. इसके अलावा शरीर में आयरन की पूर्ति के लिए मुनक्का, चुकंदर, अनार, आंवला, पालक आदि का सेवन करना चाहिए. अन्य पोषक तत्वों के लिए ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, गाजर, मछली, अखरोट, चिया सीड्स, पके फल, संतरे, टमाटर आदि का सेवन करना चाहिए.




दांतों पर कीड़ों ने कर लिया कब्जा? दर्द भी कर रहा परेशान, एक्सपर्ट के बताए 4 उपाय से जल्द मिलेगा आराम

Remedies to remove worms from teeth: दांत शरीर के जरूरी अंगों में से एक होते हैं. इनमें परेशानी होने पर भोजन करना तो दूर, पानी पीना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में उनका ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है. दांतों की इन परेशानियों में कीड़ा लगने की समस्या भी एक है. वैसे तो ये परेशानी हर उम्र के लोगों को होती है, लेकिन ये बच्चों में ज्यादा देखने को मिलती है. दांतों में कीड़ा लगने की मुख्य वजह बिस्कुट-टॉफी और अन्य मीठी चीजों का अधिक सेवन करना है. ये कीड़े दांतों को अंदर से खोखला बना देते हैं, जो समय से पहले ही टूटने लगते हैं. यदि आप भी इस तरह की परेशानी का शिकार हैं कुछ आसान उपाय फॉलो कर सकते हैं. आइए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कन्नौज की डेंटिस्ट डॉ. मधुलिका यादव से जानते हैं दांत में लगे कीड़े से छुटकारा पाने के उपाय.

01

फिटकरी: दांतों की प्रॉब्लम को दूर करने के लिए फिटकरी असरदार मानी जाती है. इसके लिए आपको फिटकरी पाउडर लेकर उसमें सेंधा नमक मिलाना है. इसके बाद ब्रश की मदद से इस पेस्ट को दांतों पर लगाना है. इसको नियमित करने से आपको जल्द ही राहत मिलेगी. ध्यान रहे कि, हल्के हाथ से ब्रश को दांतों पर घुमाएं. ऐसा करने से आपके दांत में लगे कीड़े से छुटकारा मिल सकता है. (Image- canva)

02

सरसों का तेल: दांतों से संबंधित परेशानियों को दूर करने के लिए सरसों का तेल बेहद कारगर माना जाता है. ऐसे में यदि आपको दांत में कीड़ा लगने की परेशानी है तो सरसों के तेल में हल्दी और नमक मिलाना है. इसके बाद इस पेस्ट को ब्रश की मदद से दांतों पर हल्के हाथों से रगड़ना है. नियमित दिन में दो बार ऐसा करने से आपके दांत का कीड़ा जल्दी साफ होने में मदद मिल सकती है. (Image- canva)

03

हींग पाउडर: हींग खाने के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. खासतौर पर, दांतों के लिए फायदेमंद है. इसके लिए आपको हींग पाउडर लेना है. इसके बाद इसे पानी में डालकर उबाल लेना है. जब ये गुनगुना हो जाए, तो इस पानी से आपको कुल्ला करना है. ऐसा करने से कुछ दिन में आपके दांत में लगे कीड़े से छुटकारा मिल जाएगा. (Image- canva)

04

नीम: ​दांतों को साफ करने में नीम भी बहुत असरकारी होती है. नीम को नियमित चबाने से दांत और मसूड़े मजबूत होते हैं. यह दांतों से प्‍लाक को भी हटाता है. बच्‍चे को नीम की छाल या पत्तियां कुछ मिनट के लिए चबाने के लिए कहें और फिर साफ पानी से कुल्‍ला करवाएं. ऐसा करने से दांत हेल्दी रहते हैं. (Image- canva)

05

लौंग का तेल: दांतों की प्रॉब्लम से निजात पाने के लिए लौंग भी असरदार मानी जाती है. एक तरफ लौंग दांत दर्द में राहत देने का काम करती है. वहीं, दूसरी तरफ ये आपको कैविटी से भी निजात दिलाती है. आपके जिस दांत में कीड़ा लगा हो, आप वहां लौंग का तेल लगा सकते हैं. आपको इस तेल को दांत पर लगाने के कुछ देर तक ऐसे ही छोड़ देना है. नियमित ऐसा करने से कीड़े से छुटकारा मिलेगा और दांत हेल्दी रहेंगे. (Image- canva)




सर्दी जुकाम से कैसे बचा जा सकता है

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simple ways to stay fit

मानसून में बरसात और बदलते मौसम के कारण लोग बुखार, खांसी, जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियों की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। इस मौसम में अगर शरीर की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो तो बीमारियां तेजी से लगती हैं। मानसून में बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत होती है। यहां हम आपको कुछ ऐसी टिप्स देने वाले हैं जिन्हें फॉलो करके आप जुकाम और बुखार जैसी समस्याओं से खुद को दूर रख सकते हैं।

जुकाम और बुखार से बचने के टिप्स (Prevention Tips for Cold and Fever)

बार-बार चेहरा न छुएं

जुकाम, बुखार और फ्लू से बचने के लिए आप बार-बार चेहरे, नाक और मुंह को छूने से बचें। अगर आपके आस-पास किसी को कोल्ड हुआ हो तो उससे दूरी बनाएं और मास्क का प्रयोग करें।

खूब पानी पिएं

पानी की कमी के कारण भी शरीर में बीमारियां लगती हैं। पानी से हमारे शरीर में मौजूद टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं। अगर आप से सादा पानी नहीं पिया जाता है तो आप पानी में नींबू, लैमनग्रास, पुदीना आदि मिलाकर भी पी सकते हैं।

साफ-सफाई की ख्याल रखें

बरसात के मौसम में साफ-सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए। गंदगी में मक्खी और अन्य कीटाणु पनपते हैं, जिनसे बीमारियां फैलती हैं। इंफेक्शन से बचने के लिए आप बाहर से आने पर कपड़ों को सीधे धुलने के लिए डालें।

एयर कंडीशनर में न सोएं

बदलते मौसम में एयर कंडीशनर में सोने से बचें। दरअसल, रात के समय ज्यादा ठंडक हो जाती है ऐसे में एयर कंडीशनर में सोने पर आप ठंड के कारण बुखार का शिकार हो सकते हैं।

तनाव से बचें

तनाव यानी टेंशन शरीर को खोखला कर देती है। तनाव लेने का असर हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है। जो व्यक्ति तनाव लेते हैं उन्हें बीमारियां भी जल्दी लगती हैं।

एक्सरसाइज करें

रोजाना एक्सरसाइज और योगा के लिए समय निकालें। एक्सरसाइज करने से आप फिट रहेंगे और बीमारियों से भी बचाव होगा। इसके साथ ही हेल्दी डाइट लें। ध्यान रखें कि आपकी डाइट में फल, सब्जियां और नट्स सभी शामिल हों।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)




औषधीय दवा है करेली से मिलती-जुलती ये सब्जी, 5 बीमारियों का रामबाण इलाज

Benefits Spiny Gourd Kantola: यह सब्जी देखने में गोल-मटोल और स्पाइकी होती है. इसका आकार लीची से थोड़ा बड़ा होता है लेकिन इसमें शूल की तरह स्पाइक निकले होते हैं. इसका रंग हरा होता है. एक तरह से यह करेली की तरह दिखती है. यह कई नामों से जाना जाता है. इसे काकोरा, कंटोला, चढैल, मीठा करेला, किकोड़ा, कंटीला आदि नामों से जाना जाता है. यह औषधीय दवा के रूप में काम करता है. काकोरा में मीट से ज्यादा ताकत मिलती है. कई बीमारियों में काकोरा से रामबाण इलाज किया जाता है. काकोरा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. इसमें फ्लेवोनोइड होता है जो हार्ट की बीमारी, कैंसर, चर्म रोग, आंखों के रोग तथा लिवर की समस्याएं को होने से रोकता है. कंटोला या काकोरा सिर्फ मानसून के महीने में 90 दिनों के लिए मिलता है. इसलिए यह सब्जी मानसून में होने वाली कई बीमारियों का खात्मा करती है.

काकोरा के बेमिसाल फायदे

1. वजन कम करने में-इंडियन एक्सप्रेस ने फोर्टिस अस्पताल में न्यूट्रिशनिस्ट सीमा सिंह के हवाले से बताया है कि काकोरा का सेवन कर वजन को कम किया जाता है. काकोरा में फाइटोन्यूट्रेंट्स और फाइबर होता है जो कई तरह की बीमारियों से शरीर की रक्षा करता है. इसमें कैलोरी बहुत कम होता है. 100 ग्राम काकोरा में सिर्फ 17 कैलोरी होती है, इसलिए यह वजन कम करने में बहुत फायदेमंद होता है.

2. सीजनल सर्दी-खांसी से बचाव-काकोरा सिर्फ मानसून के मौसम में मिलता है. इसलिए यह मानसून में होने वाली बीमारियों से हमारी रक्षा करता है. काकोरा की सब्जी एंटी-एलर्जिक होती है. यह सीजनल खांसी, जुकाम, कफ आदि से दूर रखती है.
3. ब्लड शुगर कंट्रोल-काकोरा की सब्जी डायबिटीज मरीजों के लिए रामबाण है. काकोरा को इंसुलिन प्लांट भी कहा जाता है. कोई भी सब्जी जिसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा हो और वाटर कंटेंट भरा हुआ हो वह डायबेटिक डाइट के रूप में बहुत फायदेमंद होता है. कंटोला इस मामले में महत्वपूर्ण एंटी-डायबेटिक सब्जी है.

4. कैंसर से रक्षा-कंटोला में कैरोटोनोएड, ल्यूटिन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो आंखों से संबंधित बीमारियों से हमारी रक्षा करते हैं. इतना ही नहीं काकोरा के सेवन से कैंसर और हार्ट संबंधी बीमारियों का जोखिम भी कम किया जा सकता है. इसमें विटामिन सी और नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो फ्री रेडिकल्स को और टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकालते हैं. इसलिए यह कैंसर के खतरे को कम करता है.

5. स्किन में ग्लोनेस-काकोरा का सेवन करने से स्किन में चमक आती है. इसमें कई तरह के फ्लेवेनोएड्स जैसे कि बीटा कैरोटिन, ल्यूटिन, जैक्सांथिंस आदि पाए जाते हैं जो स्किन से गंदगी की सफाई करते हैं और स्किन में ग्लोनेस लाता है. काकोरा में एंटी-एजिंग गुण भी है. सीमा सिंह के मुताबिक काकोरा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स प्रदूषण और उम्र के कारण सेल्स में बने फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं जिसके कारण उम्र का असर कम हो जाता है.




गुड़ की चाय रेसिपी और फायदे

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मोटापा अपने साथ कई बीमारियों को भी दावत देता है, ऐसे में हर कोई मोटापा कम करने की चाहत रखता है। लेकिन इसके लिए मेहनत के साथ डाइट पर भी कंट्रोल करना पड़ता है। यहां हम आपको फ्लैट टमी पाने के लिए एक ऐसी चाय की रेसिपी बता रहे हैं जिसे पीने से आपकी वेट लॉस जर्नी आसान हो सकती है और बदले में आपको फ्लैट टमी मिल सकता है। हम बात कर रहे हैं गुड़ की चाय की जो न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है बल्कि इसके अनेक फायदे भी हैं।

गुड़ की चाय की रेसिपी (jaggery tea recipe)

गुड़ की चाय बनाने के लिए आपको 1 कप पानी में 1 चम्मच चाय की पत्ती उबालनी होगी। अब इसमें आधा इंच अदरक का टुकड़ा, एक चौथाई चम्मच सौंफ, दालचीनी का टुकड़ा, 1 चौथाई चम्मच अजवाइन, 1 इलायची, 2 से 3 तुलसी की पत्तियां और 1 चम्मच गुड़ डालना होगा। सभी को अच्छे से उबाल आने के बाद कप में छान लें। आपकी गुड़ की चाय तैयार है, इसे दोपहर के खाने से 1 घंटे पहले पिएं या फिर शाम में पिएं।

गुड़ की चाय के फायदे (benefits of jaggery tea)

कॉपर, जिंक, पोटेशियम, कैल्शियम और विटामिन से भरपूर गुड़ एनीमिया से बचाता है। इसके अलावा इस चाय में सौंफ और अजवाइन भी है, जो शरीर को अन्य फायदे देती है।  सौंफ और अजवाइन में ऐसे गुण होते हैं जिससे शरीर का फैट तेजी से बर्न होता है। गुड़, सौंफ और अजवाइन की चाय पीने से आपका शरीर मौसमी बीमारियों और इंफेक्शन से बचता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर में इंफेक्शन होने से रोकते हैं। इसके अलावा इस चाय को पीने से दर्द में भी आराम मिलता है, अजवाइन में एंटी इंफ्लेमेशन गुण होते हैं, जिसके कारण शरीर से दर्द की शिकायत दूर होती है।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)




लेमन ग्रास की चाय से गैस्ट्रिक की बीमारी होगी दूर, हाई बीपी और कैंसर तक में रामबाण

Benefits of Lemongrass Tea: यह नुकली, लंबी और झाड़ीदार घास होती है लेकिन इसमें बेमिसाल के औषधीय गुण होता है. इसे लेमन ग्रास या सिट्रोनेला कहा जाता है. यह काफी खूशबूदार भी होती है. लेमनग्रास को अगर चाय बनाकर पी जाए तो इससे शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं. लेमनग्रास चाय  से गैस्ट्रिक की बीमारी से मुक्ति मिल सकती है. यह पेट संबंधित कई समस्याओं का इलाज करती है. लेमनग्रास चाय  हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है. स्टडी में लेमनग्रास चाय में एंटी-कैंसर गुण भी पाया गया है. हेल्थ लाइन की खबर के मुताबिक लेमनग्रास से साइट्रस फ्लेवर आती है. लेमनग्रास चाय काफी सुगंधित होता है जिसका रूम फ्रेशनर में भी इस्तेमाल किया जाता है. इसकी खुशबू स्ट्रेस को कम करती है जिससे मूड में ताजगी आती है. लेमन ग्रास चाय  के सेवन से सर्दी-जुकाम, एनीमिया और सिरदर्द का उपचार भी किया जा सकता है. यह चाय इतनी प्रभावशाली हर्ब्स है जो कोलेस्ट्रॉन को कंट्रोल करती है.

लेमन ग्रास एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटी-कैंसर, एंटीडिप्रेसेंट गुणों से भरपूर हैं. इसमें विटामिन ए, फोलिक एसिड, जिंक, कॉपर, आयरन, पोटैशियम, फास्फोररस, कैल्शियम और मैगनीज़ जैसे तत्व भी मौजूद होते हैं जो हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहतर हैं.

लेमनग्रास चाय के फायदे

1. गैस्ट्रिक की समस्या से निजात-हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक लेमन ग्रास चाय पेट संबंधी कई तरह की बीमारियों को दूर करती है. लेमनग्रास टी से डाइजेशन संबंधी सभी समस्याएं खत्म हो जाती है जिसके कारण गैस्ट्रिक बीमारी से पीड़ित लोगों को इससे बेहद फायदा मिलता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक रिसर्च में यह भी पाया गया था कि लेमनग्रास टी गैस्ट्रिक अल्सर को भी दूर करती है.

2. हाई बीपी डाउन-2012 में इंसान पर किए एक अध्ययन में पाया गया कि लेमनग्रास चाय पीने से उपर वाला ब्लड प्रेशर बहुत नीचे आ जाता है. इसके साथ ही हार्ट रेट भी बहुत कम हो गया. हालांकि हार्ट के मरीजों के लिए लेमनग्रास टी की बहुत सीमित मात्रा में जरूरत होती है. ज्यादा मात्रा से नुकसान हो सकता है.

3. कोलेस्ट्रॉल का रेगुलेशन-लेमनग्रास चाय बैड कोलेस्ट्रॉल को रेगुलेट कर सकती है. लेमनग्रास टी हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को बहुत कम कर देती है. जर्नल ऑफ एडवांस फर्मास्युटिकल रिसर्च में प्रकाशित पेपर में दावा किया गया है कि लेमनग्रास टी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम कर देता है.

4. कैंसर का जोखिम कम-लेमनग्रास चाय में साइट्रल कंपाउंड होता है जिसमें कुछ कैंसर के सेल्स को मारने की क्षमता होती है. रिसर्च के मुताबिक लेमनग्रास टी या तो सीधे कैंसर कोशिकाओं को मार देती है या इम्यून सिस्टम को बूस्ट कर कैंसर कोशिकाओं को पनपने नहीं देती है.

5. महिलाओं के लिए फायदेमंद-लेमनग्रास चाय महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है. लेमनग्रास टी से महिलाओं में एनीमिया की बीमारी को रोका जा सकता है. इससे बेहद तेजी से खून बनता है. दूसरा महिलाओं में पीएमएस यानी प्री-मैन्स्ट्रूअल पेन को कम करता है. इसके साथ ही लेमनग्रास टी मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हॉट फ्लैशेज को रोकने में सक्षम है.