घर के आसपास की इस घास को न समझें मामूली, इसमें छुपी है गजब की संजीवनी बूटी, शरीर के हर कोने से निकालेगा जहर

 

Health Benefits of Ghamra: घमरा एक साधारण खरपतवार है जो लगभग हर जगह पाया जाता है. इसे खल मुरिया, तल मुरिया, जख्म ए हयात, त्रिधारा, वानरपूछ, जयंती वेज या दगड़ी पाला के नाम से भी जाना जाता है. इसे इंग्लिश में कोटबटन या ट्राइडेक्स डेजी (Tridax daisy) कहते हैं जबकि इसका बोटनिकल नाम ट्राइडैक्स प्रोकम्बेंस (Tridax procumbens)है. आमतौर पर घमरा के पौधे को लोग मामूली समझ लेते हैं लेकिन आयुर्वेद के मुताबिक यह सेहत के लिए संजीवनी बूटी है. घमरा से कई बीमारियों को ठीक किया जा सकता है. घमरा को पीसकर किसी भी घाव में लगा देने से यह तुरंत ठीक हो जाता है. जबकि घमरा शरीर के जहर को भी बाहर निकालने में मददगार है. घमरा एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल भी होता है. इसके साथ ही घमरा में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कई बीमारियों को भगाने में कारगर है.

घमरा के फायदे

1. लिवर के लिए फायदेमंद-एनसीबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक रिसर्च में यह साबित हुआ है कि घमरा के पौधे में लिवर को साफ करने की क्षमता है. घमरा का रस लिवर से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को निकाल देता है. इसलिए यह एक तरह से लिवर से टॉक्सिन को निकालने में मददगार है.

2. शरीर को डिटॉक्स करता-घमरा इतना ज्यादा पावरफुल है कि यह शरीर के हर कोने से जहर को निकाल देता है. घमरा शरीर में इन एंजाइमों को सक्रिय कर देता है जो शरीर में बने विषाक्त पदार्थों को तेजी से शरीर से बाहर कर देता है. यानी यह शरीर को अंदर से साफ कर देता है.

3. इंफ्लामेशन कम करता-घमरा में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होता है. यानी यह हर तरह के इंफेक्शन को होने से बचाता है. यह शरीर में सूजन को नहीं होने देता है. यही कारण है घमरा का लेप किसी भी तरह के घाव पर लगाने से घाव से बहुत जल्दी राहत मिल जाती है.

4. इम्यूनिटी बूस्ट करने में मददगार-घमरा में इम्यूनिटी बूस्ट करने की भी क्षमता होती है. घमरा में विटामिन सी और और एथनॉलिक एसिड मौजूद रहता है जो इम्यूनिटी को बूस्ट करता है.

5. एंटी-बैक्टीरियल गुण- घमरा में एंटी-फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण होता है जिसके कारण यह बैक्टीरिया से संबंधित कई तरह की बीमारियों से छुटकारा दिला सकता है. घमरा डायरिया और डिसेंटरी में भी बहुत फायदेमंद है.

6. गठिया के दर्द से राहत-घमरा में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होता है, इसलिए यह गठिया के दर्द से बहुत राहत दिला सकता है. घमरा का लेप घुटनों पर लगाने से गठिया का दर्द बहुत जल्दी मिटेगा.




अमृत है यह औषधीय पौधा, सर्दी-जुकाम, इंफेक्शन और मुंह की दुर्गंध के लिए रामबाण, चेहरे पर भी लाता है निखार

Deepak sharma : प्रकृति ने हमें एक से बढ़कर एक वनस्पति औषधि तथा जड़ी बूटियां प्रदान की है. कहा जाता है कि यह औषधीय स्वस्थ व्यक्तियों के लिए अमृत और रोगियों के लिए वरदान है. आज हम एक ऐसी ही औषधी के बारे में आपको बताएंगे, जो शरीर के विभिन्न बीमारियों से लड़ने की क्षमता ही नहीं, बल्कि जड़ से समाप्त करने का भी गुण रखती है. जी हां, हम बात कर रहे हैं तुलसी के पौधे की. जिसे लोग घर में लगाकर पूजा पाठ भी करते हैं. ऐसा माना जाता है कि यह पौधा वातावरण को भी शुद्ध बनता है.

आयुर्वेद में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है. तुलसी की जड़, उसकी शाखाएं, पत्ती और बीज सभी का अपना-अपना महत्व है. आयुर्वेद चिकित्साधिकारी सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि तुलसी की पत्तियों के अनेको लाभ हैं. यह शरीर के विभिन्न रोगों में काम आती है. इसका प्रयोग भी कई प्रकार से किया जाता है. यह रोगियों के लिए एक वरदान का स्वरूप है. लेकिन, इसके पत्तियों को चबाकर कभी नहीं खाना चाहिए.

 तुलसी के पत्तों के अनेक लाभ
आयुर्वेद चिकित्साधिकारी की माने तो तुलसी के पत्ते एक नहीं बल्कि तमाम बीमारियों में लाभप्रद है. चाहे वह स्किन से जुड़ी समस्या हो, सर्दी जुखाम हो, किसी प्रकार का इंफेक्शन हो, पेट का रोग हो, मुंह से आ रही दुर्गंध हो, चेहरे का निखार या फिर रोग प्रतिरोधक क्षमता इत्यादि रोगों में यह पत्तियां रामबाण की तरह काम करती हैं.

ऐसे करें जीवनदायनी पत्तियों का प्रयोग
इस जीवन दायनी तुलसी पत्तियों का प्रयोग कई रोगों में अलग-अलग तरह से किया जाता है. जैसे सर्दी जुखाम में इसका काढ़ा बनाकर सेवन किया जाता है. तो वहीं पेट से संबंधित रोग के लिए सुबह ताजे पानी के साथ सेवन किया जाता है. इसका चूर्ण भी मिलता है, जिसका सेवन करने से अनेक बीमारियां धीरे-धीरे जड़ से खत्म हो जाती हैं.

चबाकर ना करें इसका सेवन
खास तौर से लोग इन पत्तियों को सुबह खाली पेट तोड़कर और चबाकर इसका सेवन किया जाता है. जिससे धीरे-धीरे दांत से हाथ धोना पड़ सकता है. इस प्रकार से इसका उपयोग करना दांतों के लिए काफी हानिकारक होता है.




हर रोज रात में सोने से पहले खा लें इन 5 में से कोई एक चीज, आएगी सुकून की नींद

वैसे तो हेल्दी लाइफ के लिए कई चीजों की जरूरत होती है लेकिन इनमें मुख्य रूप से आपका लाइफस्टाइल आपके हेल्दी लाइफ को तय करता है. अगर आपका खान-पान, आपकी फिजिकल एक्टिविटी और आपका मिजाज ठीक रहता है तो निश्चित रूप से आपका जीवन हेल्दी होगा. इनमें आप क्या खाते हैं, इसका असर आपकी पूरी बॉडी पर होता है. ऐसे में आप रात को क्या खाते हैं, इसका बहुत असर पड़ता है. दिन में हम जो खाते हैं उसका अधिकांश हिस्सा हमारे द्वारा खर्च की गई एनर्जी में चला जाता है लेकिन रात का भोजन कई मामलों में हमारे ऑवरऑल हेल्थ को प्रभावित करता है. आजकल जो हमारा लाइफस्टाइल है उसमें नींद न आना, हार्ट डिजीज, मोटापा, डायबिटीज आम समस्या बन गई है लेकिन अगर आप रात को कुछ अच्छा हेल्दी सुपरफूड खाकर सोते हैं तो इसका निश्चित रूप से फायदा मिलेगा.

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1.ओटमील-हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक यदि आपको हमेशा हेल्दी रहना है और रात को सुकून की नींद चाहते हैं तो आप रात में ओटमील का सेवन करें. ओटमील प्रोटीन का खजाना है. प्रोटीन हमारे लिए बिल्डिंग ब्लॉक का काम करता है. रात में आप ओटमील की स्मूदी बनाकर पी सकते हैं. इससे अच्छी नींद आएगी और सुबह पेट भी साफ रहेगा. कब्ज की समस्या से निजात मिलेगा और ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर दोनों कंट्रोल में रहेगा. Image: Canva

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2.चेरी -हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक चेरी एंटीऑक्सीडेंट्स गुणों से भरा हुआ है. इसमें मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और पोटैशियम का भंडार है जो हार्ट डिजीज, ब्लड प्रेशर और क्रोनिक बीमारियों से दूर रखता है. रात को अगर चेरी खाकर सोएं तो सुकून की नींद आती है.चेरी इम्यूनिटी को बूस्ट करती है. महिलाओं के लिए चेरी खास तौर पर बहुत फायदेमंद है. महिलाओं को हर दिन पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम की जरूरत होती है जो चेरी से मिल जाएगी. Image: Canva

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3. अखरोट- भीगा हुआ अखरोट अगर रात में खाएं तो आप कई बीमारियों से दूर रह सकते हैं. कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि अखरोट कई बीमारियों से बचाता है. सोने से पहले अखरोट का सेवन बहुत फायदेमंद होता है. इसमें मोनोसैचुरेटेड फैट और एंटीऑक्सीडेंट्स होता है जो हर तरह के क्रोनिक डिजीज से बचाता है. यह सुकून की नींद दिलाता है. Image: Canva

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4.कैमोमाइल टी-कैमोमाइल टी बेहद औषधीय गुणों से भरपूर चाय है. यह हर्बल टी अब हर जगह मिलने लगी है. रात में सोने से पहले यदि आप कैमोमाइल की चाय पीकर सोने से इंफेक्शन से संबंधित कई बीमारियों से दूर रहेंगे. इससे इम्यूनिटी बूस्ट होती है. इसमें मौजूद फ्लेवेनोएड इंफ्लामेशन को कम करता है जिससे क्रोनिक बीमारियां नहीं होती. कैमोमाइल की चाय में कैंसर को रोकने की क्षमता है. Image: Canva

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5. छाछ-अगर आप रात में छाछ पीकर सोते हैं तो यह आपको सुकून की नींद दिलाएगा. छाछ नेचुरल प्रोबायोटिक्स है जो पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है. कब्ज से परेशान रहते हैं रोज रात में छाछ पीकर सोने से बहुत फायदा मिलेगा. अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो भी रात को छाछ पीकर सोने से फायदा मिलेगा. Image: Canva




Spinach face pack Benefits | पालक खाने ही नहीं, स्किन केयर के लिए भी है बेमिसाल, पालक के ये फेसपैक दे सकते हैं चेहरे को नई ताजगी

पालक खाने ही नहीं, स्किन केयर के लिए भी है बेमिसाल, पालक के ये फेसपैक दे सकते हैं चेहरे को नई ताजगी

ये तो आप जानते ही हैं कि ‘पालक’ (Spinach) सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता हैं। इसके फायदे जानकर पालक का सेवन आप अक्सर करते भी होंगे, खासकर सर्दियों में। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि, पालक केवल खाने ही नहीं, बल्कि स्किन (Skin) केयर के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है।

पालक से बना फेस पैक इस्तेमाल करके आप त्वचा को ग्लोइंग बना सकते हैं। यह फेस पैक त्वचा को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाएंगे और स्किन ग्लोइंग बनेगी। तो आइए जानें स्किन प्रॉब्लम्स से छुटकारा पाने के लिए आप इसका इस्तेमाल कैसे करें।

पालक और दही से बना फेस मास्क

ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, दही में पाए जाने वाले पोषक तत्व त्वचा को ग्लोइंग बनाने में मदद करता है। वहीं दही के साथ पालक इस्तेमाल करने से स्किन हाइड्रेट बनेगी और पिगमेंटेशन दूर होगी।

सामग्री

पालक के पत्ते – 5-9

दही –  3 टेबल स्पून

सबसे पहले पालक के पत्तों को मिक्सी में डालकर पेस्ट बना लें।

 इसके बाद इसमें दही मिलाएं।

15-20 मिनट के लिए फेस पैक चेहरे पर लगाएं।

तय समय के बाद चेहरा सादे पानी से धो लें।

शहद और पालक

शहद में पाए जाने वाले पोषक तत्व त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद करते हैं। पालक के साथ मिलाकर चेहरे पर इसे लगाने से पिंपल्स से भी छुटकारा मिलता है।

सामग्री

शहद – 2 चम्मच

पालक के पत्ते – 8-10

कैसे करें इस्तेमाल

सबसे पहले पालक के पत्तों को पीसकर पेस्ट बना लें।

इसके बाद इसमें शहद मिलाएं और 5-10 मिनट के लिए पेस्ट को चेहरे पर लगाएं।

तय समय बाद चेहरा सादे पानी से धो लें।

ब्यूटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पालक फेस पैक आपकी स्किन को सॉफ्ट एंड ग्लोइंग बनाता है। इसके साथ ही ये स्किन में नमी बनाए रखता है और चेहरे पर समय से पहले होने वाली झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करने में भी काफी मदद करता है। मुहांसों और टैनिंग की दिक्कत को दूर करने में भी ये काफी हेल्पफुल है।




बालों की रूसी से परेशान है , दवा से थकने के बाद कर लें सिर्फ 4 उपाय, सप्ताह भर में हो जाएंगे डैंड्रफ फ्री

Dandruff Home Remedies: बालों में रूसी पूरी स्टेट्स सिंबल को खराब कर देती है. रूसी या डैंड्रफ परेशान है. हालांकि बालों में रूसी को आसानी से हटाया जा सकता है. कुछ लोग इसके लिए तरह-तरह के शैंपू और दवा का इस्तेमाल करते हैं लेकिन इसके बावजूद रूसी बालों से गायब नहीं होती. ऐसे में आपको दवा की जरूरत नहीं बल्कि नेचुरल तरीकों से डैंड्रफ को हटाना होगा. दरअसल, जब बालों और सिर की त्वचा में पोषण सही से नहीं मिलता है तब बैक्टीरिया या फंगस का हमला हो जाता है. इससे सिर में स्किन के नीचे से स्कैल्प उखरने लगता है. फंगस स्कैल्प को नुकसान पहुंचाता है. इससे सिर में खुजली भी होती है और स्किन भी उखरने लगती है. अगर आप इन सामान्य उपाय का प्रयोग करेंगे तो निश्चित रूप से बालों में डैंड्रफ गायब हो जाएंगे. आइए जानते हैं क्या हैं ये नुस्खे

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1. नींबू और शक्कर- अगर सिर में ज्यादा डैंड्रफ परेशान करने लगे तो जब आप नहा रहे हों उससे 4-5 घंटे पहले नींबू के रस में थोड़ी सी शक्कर मिलाकर बालों में लगा दें और नहाते समय इसे धो लें. एक सप्ताह के अंदर फर्क दिखने लगेगा.Image: Canva

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2. आंवला-हम सब जानते हैं कि आंवला में विटामिन सी भरा होता है जो फंगस को मारने में बहुत कारगर हो सकता है. बालों में डैंड्रफ फ्री करने के लिए आंवले के चूर्ण में थोड़ा नींबू का रस मिला दें और नहाने से कुछ घंटे पहले बालों में लगा दें. निश्चित रूप से कुछ दिनों के अंदर डैंड्रफ फ्री हो जाएंगे.Image: Canva

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3. नारियल-नींबू-नारियल तेल में कागजी नींबू का रस मिलाकर रात में बालों में लगा लें और सुबह कुनकुने पानी से इसे धो लें. इससे डैंड्रफ या रूसी खत्म हो जाएंगी.Image: Canva

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4. नारियल और कपूर-बालों को डैंड्रफ फ्री करने के लिए 100 ग्राम नारियल के तेल में 4 ग्राम कपूर मिलाकर इसे मिक्स कर दें. इसे एक शीशी में रख लें. इसे दिन में दो बार बालों में मालिश करें. दो बार सिर धोने के बाद बालों को सूखने पर इससे मालिश कर और फिर रात में सोने से पहले इसे लगा लें. कुछ ही दिनों रूसी का नामोनिशान मिट जाएगा.Image: Canva

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5. आंवला और शिकाकाई-आंवला और शिकाकाई से बालों को घना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है लेकिन यह बालों से रूसी को भी हटाता है. आंवला और शिकाकाई को आज नहाने के बाद लगा लें और कल बाल धोने तक इसे रहने दें फिर देखें कुछ ही दिनों में कमाल नजर आएगा. Image: Canva




Ginger For Hair Problems : बालों की समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है अदरक का ‘ऐसा’ उपयोग, डैंड्रफ भी हो सकता है छूमंतर, जानें खासियत

बालों की समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है अदरक का ‘ऐसा’ उपयोग, डैंड्रफ भी हो सकता है छूमंतर, जानें खासियत

Bhopal : अदरक एक ऐसी जड़ी बूटी है, जिसका आयुर्वेद की दुनिया में कई हजारों सालों से इस्तेमाल किया जा रहा है। हां, ये केवल एक ऐसी ही जड़ी-बूटी नहीं है, जो आपके खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। ये एक स्वास्थ्यवर्धक जड़ी बूटी है, जो आपको स्वस्थ रखने में मदद करती है। इसमें एंटी फंगल, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। जो शरीर की कई समस्याओं को दूर करने में कारगर है, लेकिन क्या आप जानते हैं, अदरक बालों के लिए भी बेहद गुणकारी है। इसके इस्तेमाल से स्कैल्प से जुड़ी कई समस्याएं कम होती हैं। तो आइए जानें बालों के लिए अदरक कैसे फायदेमंद हो सकता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, अदरक में कई विटामिन, खनिज और फैटी एसिड होते हैं, जो बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इससे बाल लंबे और मजबूत होते हैं। अगर आपको दो मुंहे बालों की समस्या है, तो अदरक के इस्तेमाल से छुटकारा पा सकते हैं।

अदरक में एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं। जो बालों के लिए फायदेमंद होते हैं। जिन लोगों को डैंड्रफ की समस्या होती है, अदरक का रस उनके लिए कारगर साबित हो सकता है। बाल धोने के बाद अपने स्कैल्प पर अदरक का रस लगाएं, इससे सिर की खुजली से भी राहत पा सकते हैं। अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट बालों को पोषण देने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण बालों की ग्रोथ में सहायक है।

अगर आप सफेद बालों की समस्या से परेशान हैं, तो आप अदरक के इस्तेमाल से सफेद बालों की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। इसे लगाने से ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। आप चाहें तो अदरक के रस को सीधे अपनी स्कैल्प पर लगा सकते हैं और उन्हें मजबूत और स्वस्थ बना सकते हैं।

सामग्री

एक ताज़ा अदरक

एक कॉटन पैड

ऐसे करें इस्तेमाल

एक कटोरी में अदरक का रस निकाल लें। अब इस रस को अपने बालों की स्कैल्प पर कॉटन बॉल की मदद से लगाएं। इस रस को अपनी स्कैल्प पर लगाएं। ध्यान रहे कि आप इसे अपने बालों में न लगाएं।

अब कम से कम आधे घंटे तक इसे बालों में लगे रहने दें। शैंपू से अपने बाल धो लें। इसके बाद कंडीशनर लगाएं। बेहतर नतीजों के लिए हफ्ते में कम से कम तीन बार इसका इस्तेमाल करें।




ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए भारी भरकम डाइट नहीं, बेहद सरल फूड ही है सबसे बेस्ट

Diabetic Diet Plan: अगर आपको डायबिटीज हो गया है तो बहुत ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन इसके लिए आपको डेडिकेशन की जरूरत होगी. यह डेडिकेशन भी बहुत जंग लड़ने जैसा नहीं होगा बल्कि सिंपल सा फॉर्मूला अपनाना होगा. यह बात हम नहीं बल्कि हार्वर्ड मेडिकल इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों का कहना है. रिपोर्ट के मुताबिक डायबिटीज में जब इंसुलिन कम बनता तब कार्बोहाइड्रैट का अवशोषण नहीं हो पाता. इस कारण ब्लड शुगर का लेवल बढ़ जाता है. लेकिन यदि आपकी डाइट सही हो और आप फिजिकल एक्टिविटी करने में यकीन रखते हों तो डायबिटीज आपको बहुत अधिक नुकसान नहीं पहुंचा सकता है. हार्वर्ड मेडिकल के मुताबिक यदि आप डायबेटिक हैं तो आपका डाइट प्लान बिना डायबेटिक वाले हेल्दी डाइट से अलग नहीं होना चाहिए. जो सामान्य लोग हेल्दी लाइफ के लिए खाते हैं, वहीं आपकी भी डाइट होनी चाहिए. आइए जानते हैं कि डायबेटिक लोगों के लिए क्या होना चाहिए डाइट प्लान.

कैसा हो डायबेटिक डाइट प्लान

हार्वर्ड हेल्थ के मुताबिक डायबेटिक डाइट प्लान बहुत सिंपल है. इसके लिए भोजन में हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, फलीदार बींस और लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स ही काफी है. इसके साथ ही आपको कार्बोहाइड्रैट डाइट पर कंट्रोल करना जरूरी है. मतलब जिस चीज को खाने से कार्बोहाइड्रैट बढ़ जाता है, उस चीज को नहीं खाना चाहिए और जिस चीज में ज्यादा कैलोरी रहती है, उसे भी नहीं खाना चाहिए. हालांकि हमारे देश में यही दिक्कत है कि हमलोग अपने भोजन में कार्बोहाइड्रैट ज्यादा लेते हैं प्रोटीन कम. हमें प्रोटीन ज्यादा लेना होगा और कार्बोहाइड्रैट कम. फास्ट फूड, जंक फूड, पैकेटबंद फूड, सोडा, कोल्ड ड्रिंक, प्रोसेस्ट फूड, अल्ट्रा प्रोसेस्ट फूड सामान्य लोगों को भी नुकसान पहुंचाएगा और डायबेटिक लोगों को भी नुकसान पहुंचाएगा. हालांकि ये चीजें डायबेटिक लोगों को तत्काल नुकसान पहुंचाना शुरू कर देगी. इसलिए इन चीजों से परहेज और सामान्य भोजन ही डायबेटिक डाइट प्लान है.

भोजन में फाइबर का होना जरूरी

डायबेटिक लोगों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि वे अपने भोजन में ऐसी चीजों को ज्यादा शामिल करें जिनमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है. सीजनल हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, फलीदार सब्जियों में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है और कार्बोहाइड्रैट की मात्रा ज्यादा होती है. दरअसल, हमारा शरीर फाइबर को धीरे-धीरे डाइजेस्ट करता है. इसका मतलब यह हुआ है कि हमारे शरीर में जो शुगर जाएगी उसका भी अवशोषण धीरे-धीरे होगा. इसलिए ब्लड शुगर भी धीरे-धीरे बढ़ेगा. फाइबर दो तरह के होते हैं. एक सॉल्यूबल फाइबर दूसरा इंसॉल्यूबल फाइबर.

साबुत अनाज में इनसॉल्यूबल फाइबर होता है जबकि बींस, ड्राई मटर, ओट्स और फ्रूट्स में सॉल्यूबल फाइबर होता है. सॉल्यूबल फाइबर ब्लड शुगर को लो रखता है क्योंकि यह इंसुलिन सेंसेटिविटी को बढ़ा देता है. इसका मतलब यह हुआ कि यदि आप सॉल्यूबल फाइबर ज्यादा लेते हैं तो आपको डायबिटीज की दवा की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. यही कारण है कि कई रिसर्च में इस बात को प्रमाणित किया गया है कि फाइबर न सिर्फ डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है बल्कि यह हार्ट डिजीज के जोखिम को भी कम करता है.




ऑयल कुल्ला करने के फायदे : जानें स्किन के लिए नारियल तेल से कुल्ला करने के फायदे

Oil pulling benefits for skin- India TV Hindi
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Oil pulling benefits for skin

Oil pulling benefits for skin: स्किन की सेहत का ख्याल रखना कई बार मुश्किन काम लगता है। क्योंकि स्किन सेंसिटिव अंग है और इसके साथ थोड़ा कम या थोड़ा ज्यादा छेड़छाड़ करना आपको कई समस्याएं दे सकता है। ऐसे में लोग पार्लर में जाकर रेगुलर मसाज और फेशियल करवाते हैं। जबकि, आयुर्वेद में कुछ ऐसी चीजें हैं जो कि आपकी स्किन को बेहतर बनाने और इसकी निखार बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। जैसे कि आयल पुल्लिंग  या तेल से कुल्ला करना (oil pulling in hindi) आपकी स्किन पोर्स को अंदर से खोल सकता है और इसके टैक्सचर को बेहतर बना सकता है। इसके अलावा भी इसके कई फायदे हैं, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

ब्रश करने के बाद करें नारियल तेल से कुल्ला-How to do coconut oil pulling

-ब्रश करने के बाद नारियल तेल का एक बड़ा चम्मच लें। इसे अपने पूरे मुंह में रख लें।

-अगले 15 से 20 मिनट लगातार कुल्ला करते रहें।
-फिर तेल को मुंह के विभिन्न क्षेत्रों में ले जाएं।
-तेल थूक दें। इसे निगलें नहीं क्योंकि यह विषाक्त पदार्थों से भरा हुआ है।
-इसके बाद एक बार फिर दांतों को ब्रश करें या माउथवॉश से गरारा कर लें।

How to do coconut oil pulling

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How to do coconut oil pulling

स्किन के लिए नारियल तेल से कुल्ला करने के फायदे

1. ग्लोइंग स्किन पाने में मददगार

स्किन के लिए नारियल तेल से कुल्ला करने के फायदे कई हैं। दरअसल, आपकी स्किन तब ज्यादा ग्लो करती है जब आपका ब्लड सर्कुलेशन अच्छा हो। नारियल तेल से कुल्ला करना आपके ब्लड सर्कुलेशन को तेज करने में मदद करता है। इसके अलावा ये आपकी जॉ लाइन के लिए भी एक एक्सरसाइज की तरह है और इसे पतला करने में मदद करता है।

2. झुर्रियों नहीं होंगी

नारियल तेल से कुल्ला करना आपकी स्किन की बनावट को बेहतर बनाने में मददगार हो सकता है। ये आपकी त्वचा को कसने में मदद करता है और फाइन लाइन्स को चिकना करता है और आपको एक युवा लुक प्रदान करता है। इस प्रकार से ये करना आपकी स्किन के लिए बहुत अच्छा है। तो, रोजाना बिना ज्यादा मेहनत किए हुए ब्रश करने के बाद आप इस एक काम को करके एक खूबसूरत स्किन पा सकते हैं।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)




PCOS Awareness Month : नजर आएं ये 10 लक्षण तो न करें इग्नोर, हो सकता है पीसीओएस, कारण, रिस्क फैक्टर्स को भी जानें

PCOS Symptoms and Causes: प्रत्येक वर्ष सितंबर महीने में ‘पीसीओएस अवेयरनेस मंथ 2023’ सेलिब्रेट किया जाता है. 1 से लेकर 30 सितंबर तक मनाए जाने वाले पीसीओएस जागरूकता माह का उद्देश्य पीसीओएस से प्रभावित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करना. इसके लक्षणों को दूर करने के साथ-साथ इसके जोखिमों को कम करने में मदद करना है. पूरे एक महीने अलग-अलग कार्यक्रम के तहत महिलाओं में होने वाली इस समस्या के प्रति जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया जाता है. आइए जानते हैं क्या है पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के लक्षण, कारण और उपचार का तरीका.

क्या है पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम?
फोर्टिस हॉस्पिटल (कल्याण मुंबई) की कंसल्टेंट- प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. सुषमा तोमर कहती हैं कि पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम को पीसीओएस भी कहते हैं. यह महिलाओं में होने वाली एक हॉर्मोनल समस्या है. इसकी वजह से उनके शरीर में एंड्रोजन (पुरुष हॉर्मोन जो महिलाओं में थोड़ी मात्रा में पाई जाती है) का लेवल काफी बढ़ जाता है. पीसीओएस के कारण महिलाओं में हॉर्मोन संबंधी असंतुलन हो जाता है, जिससे पीरियड्स इर्रेगुलर हो जाती है. नेचुरल तरीके से गर्भधारण करना भी कठिन हो जाता है.

भारत में क्यों बढ़ रहे हैं पीसीओएस के मामले?
डॉ. सुषमा तोमर कहती हैं कि देश में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर शहरी क्षेत्रों में. पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम अनुवांशिक कारणों से हो सकता है. कई बार लाइफस्टाइल से जुड़े कारक जैसे असक्रिय जीवनशैली, जंक फूड का अत्यधिक सेवन, घर का बना सेहतमंद भोजन ना करना, तनाव, एक्सरसाइज की कमी आदि से भी पीसीओएस हो सकता है. आज खासकर पिछले दो दशकों में देश के शहरी इलाकों में रहन-सहन का तरीका काफी बदल गया है. हाल के एक अध्ययन के अनुसार, पांच में से लगभग एक भारतीय (20%) महिला, पीसीओएस की समस्या से जूझ रही है. हालांकि, एक्सरसाइज और डाइट से पीसीओएस से होने वाले कई सारे प्रभावों को कंट्रोल किया जा सकता है.

पीसीओएस होने के कारण
आमतौर पर, 20-35 साल के बीच की महिलाओं को पीसीओएस प्रभावित करता है. कम उम्र की महिलाओं में इसकी वजह से इर्रेगुलर पीरियड्स, शरीर के अलग-अलग हिस्सों में अवांछित बालों का उगना, जैसे होंठ के ऊपरी हिस्से, ठुड्डी, बगलों और पेट पर और मोटापे की शिकायत हो जाती है. थोड़ी बड़ी उम्र की महिलाओं में इसकी वजह से गर्भधारण करने में अक्षमता, गर्भपात का खतरा, जन्मजात डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर के साथ गर्भावस्था, शिशुओं में जन्मजात असामान्याताएं जैसी परेशानियां उत्‍पन्‍न हो सकती हैं. वैसे तो पीसीओएस होने का सटीक कारण अज्ञात है, लेकिन इसके कारक अनुवांशिक, इंसुलिन प्रतिरोधकता और सूजन हो सकते हैं, क्योंकि ये सभी अतिरिक्त एंड्रोजन निर्माण के कारक हैं. ऐसा भी कहा जाता है कि पीसीओएस को सिर्फ एक रोग नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह एक मेटाबॉलिक और हॉर्मोनल समस्या है. यह लाइफस्टाइल और खानपान की आदतों की वजह से होता है.

पीसीओएस के लक्षण क्या हैं?
अलग-अलग महिलाओं में पीसीओएस अपना अलग प्रभाव दिखाता है. पीसीओएस के कुछ सामान्य लक्षण निम्न हैं:

    • अनियमित पीरियड्स होना
    • पीरियड्स होने पर अत्यधिक ब्लीडिंग होना
    • पीठ, पेट, छाती, चेहरे और शरीर पर बालों का ज्यादा विकसित होना
    • चेहरे और पीठ पर एक्ने होना
    • वजन का बढ़ना, ओवरी में सिस्ट
    • बालों का झड़ना
    • शरीर के जोड़ वाली त्वचा का रंग गहरा होना जैसे गर्दन, कमर, ब्रेस्ट के अंदर की त्वचा
    • सिरदर्द होना

कब डॉक्टर को दिखाएं?
आप किसी भी स्वास्थ्य समस्या से गुजर रही हों, हर महिला को साल में एक बार स्त्रीरोग विशेषज्ञ से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है. इसके साथ ही, इन परिस्थितियों में चिकित्सक से सहायता लें:
अनियमित माहवारी, पीसीओएस से जुड़े लक्षण, जैसे अनचाहे बालों का बढ़ना, एक्ने, बाल झड़ना,
असुरक्षित यौन संबंध बनाने के बावजूद गर्भधारण ना कर पाना

पीसीओएस का उपचार
आमतौर पर, डॉक्टर महिलाओं में पेल्विक परीक्षण, अल्ट्रासोनोग्राफी और हॉर्मोन से जुड़े ब्लड टेस्ट की मदद से पीसीओएस का पता लगाते हैं. यह जांच सामान्यतौर पर तब किया जाता है, जब महिला को पीरियड्स हो रहा हो. इससे उनके बेसलाइन हॉर्मोन और उनके गर्भाशय के आकार का पता लगाने में मदद मिलती है. इसके अलावा, बांझपन से गुजर रहे रोगियों में समय पर ओव्युलेट ना कर पाने की स्थिति में लैप्रोस्कोपिक डिंबग्रंथि (ovarian) ड्रिलिंग की जा सकती है. पीसीओएस का पता लगने के बाद, सामान्यतौर पर उपचार में वजन कम करना, आहार और एक्सरसाइज जैसे लाइफस्टाइल से जुड़े बदलाव किए जाते हैं. कुछ मामलों में उपचार योजना में 3-6 महीनों के लिए हॉर्मोनल उपचार शामिल होता है.




कुत्ता अगर काट ले तो इन गलतियों को करने से बचें, सबसे पहले करें ये काम, डॉक्टर से जानें जरूरी बातें

Dog Biting Precautions and Treatment : देशभर में कुत्ता काटने (Dog Bite) के रोजाना सैंकड़ों मामले सामने आते हैं. डॉग बाइटिंग के बाद बरती गई थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में हाल ही में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है जिसमें एक बच्चे की कुत्ता काटने के लगभग डेढ़ महीने बाद रेबीज की बीमारी होने के चलते मौत हो गई है. कुत्ता काटने के बाद कई बार लोग अनजाने में ऐसे काम कर जाते हैं जो उनकी परेशानी को और भी बढ़ा देता है.

डॉग बाइटिंग के बाद क्या करें और क्या न करें, किस तरह का इलाज लिया जाए, ऐसे ही सवालों के जवाब न्यूरो एंड स्पाइन सर्जन डॉ. विकास कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट (@drvikas1111) पर दिए हैं. उन्होंने जानकारी साझा करते हुए बताया है कि कुत्ता काटने के बाद सबसे पहले क्या करना चाहिए और क्या नहीं.

कुत्ता काटने के बाद सबसे पहले करें ये काम

अगर किसी व्यक्ति को कुत्ते ने काट लिया है तो सबसे पहले उसके घाव को धोएं. इसके लिए हल्के गुनगुने पानी और साबुन का प्रयोग करें. घाव पर किसी भी तरह की पट्टी न बांधें और अगर घाव बहुत ज्यादा गहरा है तो फिर साफ पट्टी का ही प्रयोग करें. इस बात का ध्यान रखें कि किसी घरेलू इलाज या लोशन का इस्तेमाल नहीं करना है. अगर आपके पास ओवर-द-काउंटर एंटी-बायोटिक क्रीम है तो उसे लगाएं और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें.

dog biting


डॉग बाइटिंग के बाद ऐसे होता है इलाज

डॉ. विकास के अनुसार कुत्ता काट लेने के बाद डॉक्टर द्वारा घाव देखकर इलाज तय किया जाता है. डॉक्टर ज्यादातर मामलों में वैक्सीन की सलाह देते हैं. अगर घाव खरोंच जितना है तो वैक्सीन बेस्ट इलाज है. हालांकि, अगर घाव गहरा है, तो आपको एंटी-रेबीज़ इम्यूनोग्लोबुलिन का इंजेक्शन लगाया जाएगा. इसके साथ ही पालतू कुत्ते के काटने या सड़क के कुत्ते के काटने का उपचार अलग-अलग हो जाता है. याद रखें कि डॉग बाइटिंग के बाद डॉक्टर को जल्द से जल्द दिखाएं.

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चिकित्सकीय सलाह का ध्यान में रखकर डॉग बाइटिंग होने पर इससे होने वाली भविष्य की परेशानियों से बहुत हद तक बचा जा सकता है.