कथा व्यास सदभव तिवारी बोले— अधर्म बढ़ने पर धर्म रक्षा हेतु अवतार लेते हैं भगवान

नर्मदापुरम/माखननगर। “जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब धर्म की रक्षा के लिए भगवान स्वयं अवतार लेते हैं। मनुष्य जब अपने जीवन की नाव प्रभु के भरोसे छोड़ देता है, तब ईश्वर उसका मार्गदर्शन करते हैं”—ये प्रेरक विचार कथा व्यास श्री सदभव तिवारी ने ग्राम आमखेड़ी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान व्यक्त किए।
ग्राम आमखेड़ी में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की लीला का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास ने बताया कि जिस प्रकार अधर्म के प्रतीक रावण के अत्याचारों से पृथ्वी को मुक्त कराने के लिए भगवान राम का अवतार हुआ, उसी प्रकार कंस के अत्याचारों से पृथ्वी को मुक्त करने हेतु भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया।
कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर कथा पंडाल में भक्ति और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। जन्मोत्सव से पूर्व गंगा अवतरण की कथा का भी विस्तार से वर्णन किया गया। जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी प्रस्तुत हुई, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भजनों पर झूमते-नाचते नजर आए।
कथा आयोजन में ग्राम आमखेड़ी के नागरिकों की सहभागिता विशेष रूप से देखने योग्य रही। ग्रामीणों ने इस आयोजन को अपना उत्सव मानते हुए व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक श्रद्धालुओं के साथ-साथ मीणा समाज सेवा संगठन, लायंस क्लब माखननगर, गायत्री परिवार एवं श्यामा किशोरी गौशाला के पदाधिकारियों ने भागवत जी की पूजा कर गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण हेतु पहुंच रहे हैं।
भागवत कथा के आयोजन से ग्राम आमखेड़ी में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और भक्तिमय वातावरण का संचार हो रहा है।