ग्रीष्मकालीन मूंग सिंचाई को लेकर बड़ा फैसला: तय हुई नहरों से पानी छोड़ने की तिथियां

नर्मदापुरम। ग्रीष्मकालीन मूंग की सिंचाई को लेकर प्रशासन ने बड़ी तैयारी कर ली है। कमिश्नर कार्यालय नर्मदापुरम में आयोजित संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में विभिन्न नहरों से पानी छोड़ने की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं, जिससे हजारों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

बैठक की अध्यक्षता संभाग आयुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी ने की। इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक मिथलेश कुमार शुक्ला, डीआईजी आशीष खरे, कलेक्टर सोनिया मीना, पुलिस अधीक्षक साइ कृष्ण एस थोटा, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ऑनलाइन शामिल हुए।तय हुआ सिंचाई का शेड्यूल

समिति की सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार—

  • 27 मार्च 2026 से हरदा जिले के लिए बायीं तट मुख्य नहर से पानी छोड़ा जाएगा
  • 1 अप्रैल 2026 से तवा नहर संभाग सिवनी मालवा (रायगढ़, मकड़ई, भिलाडिया, मिसरोद उपनहर) में जल प्रवाह शुरू होगा
  • 5 अप्रैल 2026 से इटारसी संभाग (सुपरली, इटारसी, होशंगाबाद उपनहर) को पानी मिलेगा
  • 8 अप्रैल 2026 से सोहागपुर (पिपरिया शाखा नहर) के लिए दायीं तट मुख्य नहर से जल प्रवाह शुरू किया जाएगा

तवा बांध में पर्याप्त जल भंडार

मुख्य अभियंता राजाराम मीना ने जानकारी दी कि तवा बांध में वर्तमान में 865 एमसीएम (1143.30 फीट) पानी उपलब्ध है, जिसमें से 771 एमसीएम पानी सिंचाई के लिए सुरक्षित रखा गया है।

सुरक्षा पर प्रशासन सख्त

कमिश्नर तिवारी ने नहरों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस, जल संसाधन विभाग, राजस्व विभाग और एमपीबी के अमले को संयुक्त रूप से पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए, ताकि पानी की चोरी और अवैध कटिंग पर रोक लगाई जा सके।

इस निर्णय से नर्मदापुरम संभाग के हरदा, सिवनी मालवा, इटारसी और सोहागपुर क्षेत्रों के किसानों को ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल के लिए समय पर पानी उपलब्ध हो सकेगा, जिससे उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन के इस कदम को किसानों के लिए राहत भरा निर्णय माना जा रहा है, जो गर्मी के मौसम में सिंचाई की सबसे बड़ी जरूरत को पूरा करेगा।

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