मध्य प्रदेश के गुना में हुए पथराव और नीमच में जैन संतों के साथ मारपीट के मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा है। जीतू पटवारी ने गुना की घटना के मामले में एसपी और कलेक्टर को जिम्मेदार बताते हुए मुख्यमंत्री से मांग की है कि दोनों ही अफसरों को वहां से हटाया जाए। जबकि उन्होंने नीमच जिले के सिंगोली की घटना के मामले में भी जिम्मेदार पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
जैन संतों पर प्राणघातक हमला चिंताजनक
पीसीसी चीफ पटवारी ने नीमच जिले के सिंगोली क्षेत्र में जैन संतों पर हुए हमले को लेकर किया। पटवारी ने कहा कि सिंगोली क्षेत्र में जैन संतों पर प्राणघातक हमले की चिंताजनक सूचना मिली है। अहिंसावादी भगवान महावीर के अनुयायियों के साथ हुई यह अमानवीयता स्तब्ध करने वाली है। ऐसी जानकारी मिली है कि असामाजिक तत्वों ने नशेड़ियों के साथ मिलकर इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को अंजाम देने का दुस्साहस किया है। स्पष्ट है कानून-व्यवस्था यहां भी ध्वस्त है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सत्ता नशे को जिस निरंकुशता के साथ सरकारी संरक्षण और बढ़ावा दे रही है, उसकी आंच आज धर्म-ध्वजा उठाने वाले पूजनीय संतों तक आ पहुंची है। बीजेपी की एमपी सरकार को तत्काल पूरे प्रदेश में संतों की सुरक्षा को नए सिरे से निर्धारित करना चाहिए। सिंगोली घटना की त्वरित जांच व कठोर कार्रवाई भी तुरंत होनी चाहिए।
सभी समुदायों से शांति, सद्भाव और समन्वय की अपील
जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा है कि गुना से मिल रही तनाव की सूचनाएं मध्यप्रदेश की शांतिप्रिय छवि को नुकसान पहुंचाने वाली हैं। मै सभी समुदायों से शांति, सद्भाव और समन्वय की अपील करता हूं। गुना में बेलगाम हुई अराजक कानून-व्यवस्था के लिए जिला पुलिस और प्रशासन जिम्मेदार है। राज्य सरकार को गुना के एसपी और कलेक्टर को तत्काल बदल देना चाहिए।
पटवारी ने सीएम को घेरा
पटवारी ने लिखा कि गृहमंत्री के रूप में मप्र के मुख्यमंत्री की नाकामी अब आम हो चुकी है, इसलिए मुख्य सचिव और डीजीपी को अपनी प्रशासनिक और संवैधानिक जिम्मेदारियां को ईमानदारी से पूरा करना होगा। पटवारी ने ट्वीट में कहा कि मैं गुना की शांतिप्रिय व जागरुक जनता से पुन: प्रार्थना करता हूं कि नफरत फैलाने वाले चेहरों को पहचानें। शरारती तत्वों से भी सावधान रहें। गुना में प्रेम और सद्भाव बचाएं और बढ़ाएं।