Basant Panchami 2026: माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला बसंत पंचमी पर्व केवल ऋतुराज बसंत के आगमन का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह दिन मां सरस्वती—ज्ञान, बुद्धि, कला और संगीत की देवी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस वर्ष 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी मनाई जाएगी। खास बात यह है कि यह पर्व ऐसे समय आता है, जब देशभर में कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे होते हैं।
ऐसे में बसंत पंचमी का धार्मिक और मानसिक महत्व छात्रों के लिए और भी बढ़ जाता है।
परीक्षा की तैयारी और बसंत पंचमी का महत्व
मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से एकाग्रता, स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों पर मानसिक दबाव, तनाव और भ्रम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे समय में यह पर्व मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इसी दिन ब्रह्मा जी के मुख से मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। इसलिए इसे विद्या आरंभ और लेखन आरंभ के लिए भी श्रेष्ठ दिन माना जाता है।
कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए, जिनके सामने करियर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय होते हैं, बसंत पंचमी विशेष फलदायी मानी जाती है। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा से मन में स्थिरता आती है और पढ़ाई में मन लगता है।
बसंत पंचमी की पूजा विधि
पूजा के दिन प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पीले या सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।
घर के किसी साफ स्थान या ईशान कोण में मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और मां को पीले फूल, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करें।
छात्र अपनी पुस्तकें, कॉपियां और कलम पूजा स्थान पर रखें। मान्यता है कि इससे शिक्षा में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
इसके बाद श्रद्धा भाव से
“ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः”
मंत्र का 108 बार जाप करें। यह मंत्र स्मरण शक्ति को मजबूत करने और पढ़ाई में फोकस बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
बसंत पंचमी पर छात्रों के लिए विशेष स्टडी टिप्स
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पढ़ाई की नई शुरुआत करें: इस दिन किसी कठिन विषय या नए अध्याय की शुरुआत शुभ मानी जाती है।
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स्टडी प्लान बनाएं: बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्र इस दिन अपना रिवीजन शेड्यूल तैयार करें।
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डिजिटल डिस्ट्रैक्शन से दूरी: पूजा के बाद मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर ध्यान दें।
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लिखकर अभ्यास करें: मां सरस्वती लेखन और स्मरण शक्ति की देवी हैं, इसलिए उत्तर लिखकर अभ्यास करना अधिक लाभकारी रहेगा।
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सकारात्मक सोच रखें: परीक्षा को डर नहीं, बल्कि खुद को साबित करने का अवसर मानें।
छात्रों के लिए संदेश
बसंत पंचमी यह संदेश देती है कि पूजा और श्रद्धा के साथ-साथ नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास भी उतने ही जरूरी हैं।
ज्ञान केवल पुस्तकों से नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और सकारात्मक सोच से भी प्राप्त होता है।
परीक्षा के समय बसंत पंचमी छात्रों को मानसिक मजबूती, नई ऊर्जा और आत्मविश्वास देने वाला पर्व माना जाता है।
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