
माखननगर — श्री माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय महाविद्यालय के सभागार में महिलाओं को लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम 2013 के बारे में जागरूक करने हेतु विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं और कर्मचारी वर्ग को कार्यस्थल पर होने वाले उत्पीड़न, उससे बचाव और कानूनी अधिकारों की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महिला सुरक्षा कर्मी सलोनी खोरे ने लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, उसके विभिन्न स्वरूप और इसके गंभीर सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 महिलाओं को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए एक सशक्त कानूनी ढांचा प्रदान करता है।
उनके साथ महिला सैनिक सुनीता जी ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि यौन उत्पीड़न केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दा भी है और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास, सुरक्षा उपायों और अधिकारों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. संगीता मिश्रा, आंतरिक शिकायत समिति की पीठासीन अधिकारी, ने किया। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीता चौबे के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम छात्राओं को सुरक्षित और सकारात्मक माहौल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
व्याख्यान के अंत में छात्राओं ने अधिनियम 2013 से जुड़े प्रावधानों की विस्तृत समझ प्राप्त की और अपने अनुभव भी साझा किए। छात्राओं ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समय-समय पर होने चाहिए ताकि महिलाएं अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें।
आभार प्रदर्शन कुमारी शिवानी मालवीय द्वारा किया गया, जिन्होंने मुख्य वक्ताओं और आयोजन टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. क्षमा मेहरा, राष्ट्रीय सेवा योजना अधिकारी डॉ. कविता दुबे, तथा महाविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।