
माखननगर। बागरा और माना गांव के बीच दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर में माखननगर निवासी राजू मालवीय गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल माखननगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन यहां स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने आ गई।
घायल को आगे इलाज के लिए नर्मदापुरम रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल परिसर में खड़ी एम्बुलेंस ही मरीज के लिए मुसीबत बन गई। जब उसे ले जाने की कोशिश की गई तो एम्बुलेंस सेल्फ स्टार्ट ही नहीं हुई। हालत यह रही कि मौके पर मौजूद लोगों को लंबे समय तक धक्का लगाकर एम्बुलेंस चालू करानी पड़ी।
इस घटना ने माखननगर जैसे बड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां एम्बुलेंस सेवा पहले से ही बदहाल है।
लोगों के मुताबिक अक्सर यह समस्याएं सामने आती हैं—
एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंचती
कई बार उसमें डीजल नहीं होता
सेल्फ स्टार्ट और बैटरी खराब रहती है
कई बार एम्बुलेंस लंबे समय तक खराब पड़ी रहती है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब अस्पताल की सबसे जरूरी आपातकालीन सेवा ही भरोसेमंद नहीं है, तो गंभीर मरीजों की जान कैसे बचाई जाएगी।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मांग की है कि माखननगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एम्बुलेंस व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी घायल या मरीज की जान सिस्टम की लापरवाही के कारण खतरे में न पड़े।
सबसे बड़ा सवाल यह है,क्या जिम्मेदार अधिकारी इस लापरवाही पर कार्रवाई करेंगे या फिर मरीजों की जिंदगी ऐसे ही भगवान भरोसे चलती रहेगी?