तहसीलदार पर भ्रष्टाचार और मनमानी के गंभीर आरोप, अधिवक्ता संघ ने हटाने की उठाई मांग

माखननगर में न्याय प्रक्रिया पर उठे सवाल, पक्षकारों को हो रहा आर्थिक नुकसान

माखननगर। माखननगर तहसील में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। तहसील अधिवक्ता संघ ने तहसीलदार महेंद्र चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने और उनके कार्यकाल की जांच की मांग की है।


अधिवक्ता संघ द्वारा कलेक्टर और संभागायुक्त को भेजे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि तहसीलदार द्वारा न्यायालयीन कार्यों में लगातार नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे पक्षकारों और अधिवक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


नियमों की अनदेखी, आदेशों का पालन नहीं


शिकायत में बताया गया है कि तहसीलदार द्वारा वरिष्ठ न्यायालयों के आदेशों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। कई मामलों में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
बिना सुनवाई के प्रकरण निरस्त, सबसे गंभीर आरोप यह है कि कई मामलों में पक्षकारों को बिना सूचना दिए ही प्रकरण निरस्त कर दिए जाते हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब वे सुनवाई के लिए पहुंचते हैं, तब तक फाइलें पहले ही खारिज हो चुकी होती हैं। इससे न्याय की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


नामांतरण और रजिस्ट्री में अनियमितता
फौती नामांतरण और रजिस्ट्री नामांतरण के मामलों में भी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। एक ही प्रकरण में अलग-अलग आदेश दिए जाने और दस्तावेजों की अनदेखी करने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। इससे आम जनता को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।


अधिवक्ता संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि तहसील परिसर में दलालों की सक्रियता भी बढ़ गई है। दलालों के माध्यम से कार्य तेजी से किए जा रहे हैं, जबकि आम नागरिकों के काम लंबित पड़े रहते हैं।
रिकॉर्ड और नकल देने में भी गड़बड़ी
तहसील में प्रकरणों की नकल (कॉपी) देने में भी लापरवाही बरती जा रही है। कई बार रसीद तक नहीं दी जाती और रसीद कट्टा नहीं होने का बहाना बनाया जाता है।


अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट कहा है कि यदि जल्द ही तहसीलदार को नहीं हटाया गया और जांच नहीं कराई गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!