नवरात्रि में आस्था का महासंगम: सलकनपुर में मां विजयासन धाम में उमड़ेगा भक्तों का सैलाब

मां विजयासन धाम एक बार फिर चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था के महासागर में डूबने को तैयार है। विंध्याचल पर्वत की ऊंचाई पर स्थित यह प्रसिद्ध शक्तिपीठ इन दिनों लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सज-धज कर तैयार है। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार इस वर्ष 5 से 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बन गया है।

16 घंटे से अधिक मिलेंगे दर्शन
नवरात्रि के दौरान मंदिर के पट प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे पहली आरती के साथ खुलेंगे और रात 10 बजे तक खुले रहेंगे। यानी भक्तों को करीब 16 घंटे से अधिक समय तक निर्बाध दर्शन का अवसर मिलेगा। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

पार्वती का स्वरूप मानी जाती हैं मां विजयासन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां विजयासन देवी पार्वती का ही स्वरूप हैं। पौराणिक कथा के अनुसार राक्षस रक्तबीज का वध करने के बाद माता इसी स्थान पर विराजमान हुई थीं। यही स्थल आज विजयासन धाम के रूप में पूजित है और इसे 52वां सिद्ध शक्तिपीठ माना जाता है।

मंदिर के गर्भगृह में स्थापित माता की प्रतिमा स्वयंभू मानी जाती है, जिसके दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। परिसर में माता लक्ष्मी, सरस्वती और भैरव बाबा के मंदिर भी स्थित हैं, जो इस स्थान की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाते हैं।

Chaitra Navratri: Vijayasan Dham in Salkanpur, Parvati’s abode after Raktabeej, faith rises at Shaktipeeth

विजयासन माता, सलकनपुर

1000 फीट ऊंची पहाड़ी पर विराजमान धाम
करीब 1000 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचना पहले कठिन था, लेकिन अब सीढ़ियों, सड़क मार्ग और रोपवे की सुविधा से हर आयु वर्ग के श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकते हैं। विशेष रूप से बुजुर्ग और दिव्यांगजनों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित हो रही है।

इस बार रोपवे की क्षमता भी बढ़ाई गई है। अब एक केबिन में 12 की जगह 16 श्रद्धालु सफर कर सकेंगे। इसके अलावा निजी वाहनों को भी मंदिर तक जाने की अनुमति दी गई है, हालांकि अत्यधिक भीड़ होने पर प्रशासन प्रतिबंध लगा सकता है।

‘देवी लोक’ बनेगा नया आकर्षण
सलकनपुर धाम में ‘देवी लोक’ परियोजना तेजी से आकार ले रही है। करीब 97 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस भव्य प्रोजेक्ट में नवदुर्गा कॉरिडोर, 64 योगिनियों की मूर्तियां, शक्ति द्वार और भक्ति द्वार जैसे आकर्षण शामिल होंगे। यह परियोजना महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित की जा रही है, जिससे यह धाम और भी भव्य रूप में सामने आएगा।

Chaitra Navratri: Vijayasan Dham in Salkanpur, Parvati’s abode after Raktabeej, faith rises at Shaktipeeth

विजयासन माता, सलकनपुर

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
नवरात्रि के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। एसपी दीपक कुमार शुक्ला के अनुसार 200 से अधिक पुलिस जवान तैनात रहेंगे और पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। प्रशासन हर गतिविधि पर नजर रखेगा ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन मिल सके।

चैत्र नवरात्रि के इस पावन अवसर पर सलकनपुर धाम एक बार फिर आस्था, विश्वास और भक्ति का केंद्र बनने जा रहा है, जहां हर श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर मां के दरबार में पहुंचेगा।

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