Indore News:इंदौर में कुओं और तालाबों के कायाकल्प की बड़ी पहल

Indore में पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के खस्ताहाल और बदहाल हो चुके कुओं को नया जीवन देने और उनके संपूर्ण कायाकल्प के लिए नगर निगम प्रशासन ने छह प्रमुख बैंकों को जिम्मेदारी सौंपी है।

नई योजना के तहत प्रत्येक चिन्हित बैंक को शहर के 25 से 30 कुओं को संवारने का दायित्व दिया गया है। बैंकों को इन कुओं की साफ-सफाई, मरम्मत और गहरीकरण के साथ-साथ नगर निगम द्वारा तय अन्य आवश्यक कार्य भी पूरे करने होंगे।

सीएसआर फंड से होंगे विकास कार्य

नगर निगम इससे पहले भी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के जरिए निजी कंपनियों और बैंकों के सहयोग से शहर के कई ऐतिहासिक तालाबों का सौंदर्यीकरण और गहरीकरण कर चुका है। पिछले वर्ष बिलावली और लिम्बोदी सहित कई बड़े तालाबों के विकास कार्य इसी मॉडल के तहत किए गए थे।

नगर निगम की विशेष टीमों ने हाल ही में शहर के सभी वार्डों और क्षेत्रों में स्थित कुओं का विस्तृत सर्वे किया था। सर्वे के आधार पर प्राथमिकता वाले कुओं की सूची तैयार की गई, जहां जीर्णोद्धार के बाद पर्याप्त जल उपलब्ध होने की संभावना है।

अतिक्रमण बना बड़ी चुनौती

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कई कुएं मकानों और दुकानों के अवैध कब्जों की जद में आ चुके हैं, जिसके कारण कुछ स्थानों पर काम शुरू करने में परेशानी आ रही है। बावजूद इसके निगम प्रशासन चरणबद्ध तरीके से कार्य आगे बढ़ा रहा है।

विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के प्रबंधन के साथ हुई बैठकों में सर्वसम्मति से शहर के कुओं और तालाबों के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी बैंकों को सौंपने का निर्णय लिया गया।

कनाड़िया, बिजासन और मायाखेड़ी तालाबों का होगा विकास

इस अभियान के तहत कुछ बैंकों को Kanadiya क्षेत्र के तालाबों के साथ-साथ अरंडिया, मायाखेड़ी, हुकमाखेड़ी और Bijasan Temple क्षेत्र के प्रसिद्ध तालाबों को विकसित करने का जिम्मा दिया गया है।

इन तालाबों का गहरीकरण कर जलभराव क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ ही मजबूत पाल, आकर्षक पाथ-वे और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण भी कराया जाएगा।

मध्य क्षेत्र के कुओं पर विशेष फोकस

नगर निगम के अनुसार इस परियोजना में सबसे अधिक ध्यान शहर के घनी आबादी वाले मध्य क्षेत्रों के कुओं पर दिया जाएगा। इन कुओं के पुनर्जीवित होने से आसपास के रहवासियों को दैनिक उपयोग के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही भूजल स्तर में सुधार होगा और गर्मियों में टैंकरों पर निर्भरता भी कम होगी।

आने वाले दिनों में संबंधित बैंक निविदाएं जारी कर या एजेंसियों के माध्यम से जमीनी स्तर पर कार्य शुरू करेंगे। नगर निगम के अधिकारी और इंजीनियर पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग करेंगे ताकि कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे और जल संरक्षण का यह मिशन सफल हो सके।

 

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