इंदौर। मालवा और निमाड़ अंचल में इस बार अप्रैल का महीना ही जून जैसी तपिश लेकर आया है। पूरे क्षेत्र में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो चुका है और हालात ऐसे हैं मानो धरती भट्टी बन गई हो। शुक्रवार को रतलाम में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक रहा।
इसी तरह धार में 42.4, खरगोन में 42.0, जबकि खंडवा और उज्जैन में 41.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इंदौर भी इस तपिश से अछूता नहीं रहा, जहां पारा 41.2 डिग्री तक पहुंच गया।
सुबह 11 बजे ही 40 डिग्री के करीब
इंदौर में गर्मी का असर सुबह से ही दिखने लगा है। सुबह 7 बजे से तेज धूप चुभने लगती है और 11 बजे तक तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंच जाता है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले एक सप्ताह तक इस भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
सीजन का सबसे गर्म दिन
शुक्रवार इंदौर के लिए इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। पहली बार इस वर्ष पारा 41 डिग्री के पार पहुंचा। आंकड़ों के मुताबिक 14 अप्रैल से लगातार तापमान 39 से 40 डिग्री या उससे अधिक बना हुआ है।
दोपहर में 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली गर्म हवाओं ने लू जैसे हालात पैदा कर दिए, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ा।
सुबह 10 बजे से तेज होती गर्मी
इस बार गर्मी का पैटर्न भी बदला हुआ नजर आ रहा है। सुबह 8 बजे तक मौसम सामान्य रहता है, लेकिन 10 बजे तक तापमान 36 डिग्री तक पहुंच जाता है और दोपहर में 40 डिग्री पार कर जाता है।
रात में भी नहीं मिल रही राहत
इस बार केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी गर्म हो गई हैं। रात का तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। लगातार 11 दिनों तक 40 डिग्री से ऊपर तापमान बने रहने से लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी बढ़ने की वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस भीषण गर्मी के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी हवाएं हैं, जो राजस्थान की ओर से गर्म लू लेकर आ रही हैं। इसके साथ ही आसमान साफ होने के कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
बदल रहा है मौसम का ट्रेंड
इंदौर में अप्रैल का औसत अधिकतम तापमान आमतौर पर 38.7 डिग्री रहता है, लेकिन पिछले एक दशक में इसमें बड़ा बदलाव आया है। अब अप्रैल की शुरुआत से ही तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचने लगा है, जिसे मौसम वैज्ञानिक चिंताजनक संकेत मान रहे हैं।
पुराने रिकॉर्ड भी टूटने के करीब
इतिहास पर नजर डालें तो 2019 में भी अप्रैल के अंतिम दिनों में तापमान 40 से 43 डिग्री के बीच बना रहा था। वहीं 2016 और 2017 में भी अप्रैल के आखिरी सप्ताह में 7 से 9 दिनों तक पारा 40 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ था।
इस बार अप्रैल के मध्य से ही लगातार गर्मी के रिकॉर्ड बन रहे हैं, जो आने वाले दिनों में और गंभीर स्थिति का संकेत दे रहे हैं।