Bhopal News:हमीदिया अस्पताल में हाईटेक चोरी, रेडियोडायग्नोसिस विभाग से भारी मशीनों के पुर्जे गायब

भोपाल। राजधानी के हमीदिया अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती एक चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई है। कड़ी निगरानी वाले परिसर में चोरों ने रेडियोडायग्नोसिस विभाग को निशाना बनाते हुए भारी-भरकम मशीनों के कीमती हिस्से तक पार कर दिए। हैरानी की बात यह है कि करीब 18 घंटे तक इस वारदात की किसी को भनक तक नहीं लगी।

हाईटेक विभाग को बनाया निशाना

चोरों ने अस्पताल के रेडियोडायग्नोसिस विभाग में सेंध लगाई, जहां एक्स-रे मशीनों और अन्य उपकरणों से जुड़े महंगे पुर्जे रखे थे। यहां से करीब 70-80 किलो का कंट्रोल पैनल और लगभग एक क्विंटल वजनी ट्रांसफॉर्मर चोरी कर लिया गया। इसके अलावा कॉपर वायरिंग, पंखे, एसी का आउटडोर यूनिट और वेटिंग चेयर भी गायब मिले।

सुनियोजित तरीके से अंजाम दी वारदात

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस कमरे में चोरी हुई, वहां बिजली सप्लाई चालू थी और मशीनें हाई वोल्टेज पर काम करती हैं। चोरों ने पहले बिजली सप्लाई बंद की और फिर आराम से मशीनों के हिस्से अलग किए। इससे साफ है कि आरोपियों को तकनीकी जानकारी थी और वारदात पूरी योजना के तहत अंजाम दी गई।

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18 घंटे तक नहीं लगी भनक

जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल की दोपहर कर्मचारियों ने कक्ष नंबर 8 और 9 को लॉक किया था और उस समय सभी उपकरण सुरक्षित थे। 16 अप्रैल की सुबह जब रेडियोग्राफर इंजीनियर के साथ पहुंचे, तो मुख्य शटर का ताला टूटा मिला और अंदर से सामान गायब था। इस तरह करीब 18 घंटे तक इतनी बड़ी चोरी का किसी को पता नहीं चल सका।

जांच के बाद दर्ज हुआ मामला

घटना की जांच के बाद 21 अप्रैल को कोह-ए-फिजा थाना में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं—

  • कड़ी सुरक्षा के बावजूद चोर परिसर में कैसे दाखिल हुए?
  • इतना भारी सामान बाहर ले जाया गया, फिर भी किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी?
  • सीसीटीवी कैमरों में संदिग्ध गतिविधि क्यों रिकॉर्ड नहीं हुई?

प्रशासन के लिए चेतावनी

राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में हुई इस घटना ने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

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