इंदौर। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई मीडिया टीम की घोषणा कर दी है, जिसमें अनुभव और पुराने चेहरों पर भरोसा साफ तौर पर देखने को मिला है। पार्टी ने इस बार नए प्रयोगों के बजाय अनुभवी पदाधिकारियों को प्राथमिकता देते हुए संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश की है।
उषा ठाकुर का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
नई टीम में सबसे चौंकाने वाला नाम उषा ठाकुर का रहा है। उन्हें प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इंदौर में इस तरह का प्रयोग पहले कम ही देखने को मिला है, जहां एक वरिष्ठ विधायक को सीधे प्रवक्ता की भूमिका दी गई हो।
उषा ठाकुर पहले प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं और शिवराज सिंह चौहान की सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुकी हैं। ऐसे में उनका अनुभव पार्टी की मीडिया रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।
पुराने चेहरों पर दोबारा भरोसा
पार्टी ने अपने अनुभवी प्रवक्ताओं आलोक दुबे और जेपी मूलचंदानी को एक बार फिर जिम्मेदारी दी है। दोनों पहले भी प्रवक्ता रह चुके हैं और संगठन में उनकी सक्रियता और अनुभव को देखते हुए उन्हें दोबारा मौका मिला है।
संगठन पृष्ठभूमि वालों को भी जगह
नई टीम में संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी स्थान दिया गया है। लंबे समय तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे सचिन बघेल को भी मीडिया टीम में शामिल किया गया है।
सचिन बघेल पहले विश्व हिंदू परिषद से जुड़े रहे और बाद में प्रवीण तोगड़िया की हिंदू परिषद में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। भाजपा में वापसी के बाद पार्टी ने उन्हें इस बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर संकेत दिया है कि समर्पित कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
युवा चेहरों को भी अवसर
इंदौर से नयन दुबे को सोशल मीडिया सह-प्रभारी बनाया गया है। वे पहले युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल रहे थे। उनकी नियुक्ति से साफ है कि पार्टी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
दीपक जैन टीनू को नहीं मिला मौका
पिछली प्रदेश कार्यकारिणी में मीडिया टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके दीपक जैन टीनू को इस बार जगह नहीं मिली है। हालांकि, उनका नाम इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) बोर्ड के लिए चर्चा में है।
सूत्रों के अनुसार, टीनू पहले भी भाजपा नगर अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल रहे हैं और आने वाले समय में उन्हें किसी अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है।
अनुभव और संतुलन पर फोकस
भाजपा की इस नई मीडिया टीम को देखकर स्पष्ट है कि पार्टी ने अनुभव, संगठनात्मक पकड़ और युवा ऊर्जा के संतुलन को प्राथमिकता दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों और बदलते राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए भाजपा ने अपनी मीडिया रणनीति को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है, ताकि संदेश को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया जा सके।