
भोपाल। मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। मध्यप्रदेश शासन नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश की 123 नगर परिषदों में कुल 492 एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय के बाद प्रदेश की स्थानीय राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
एल्डरमैन, नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद जैसे नगरीय निकायों में मनोनीत सदस्य होते हैं, जिन्हें जनता सीधे नहीं चुनती। इनकी नियुक्ति शासन या संबंधित प्राधिकरण द्वारा की जाती है। ये सदस्य निकाय की बैठकों में भाग लेकर शहर के विकास, योजनाओं और विभिन्न परियोजनाओं पर अपनी राय देते हैं। साथ ही शहर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने और प्रशासन को अनुभव आधारित सुझाव देने में अहम भूमिका निभाते हैं।
माखननगर नगर परिषद में नियुक्त एल्डरमैन
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा माखननगर नगर परिषद में चार एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं, जिनमें—सत्य नारायण पुरोहित,हरि वर्मा,अरविंद हर्णे (मनुभाई),राजेश टावरी के नाम हैं।
इन नियुक्तियों के बाद माखननगर की स्थानीय राजनीति में भी सक्रियता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव-नियुक्त एल्डरमैनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सभी को शहर के समग्र विकास, सुशासन और जनभागीदारी को बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि “विकसित मध्यप्रदेश–विकसित भारत” के संकल्प के साथ सभी एल्डरमैन अपनी ऊर्जा, अनुभव और समर्पण से अपने-अपने नगरों में प्रगति के नए आयाम स्थापित करेंगे और नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरेंगे।
राजनीतिक और प्रशासनिक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि एल्डरमैन की नियुक्ति से नगरीय निकायों में निर्णय प्रक्रिया को अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा। हालांकि, राजनीतिक दृष्टि से भी इन नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्थानीय स्तर पर शक्ति संतुलन और समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, यह फैसला प्रदेश के नगरीय विकास और प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में स्थानीय शासन और विकास कार्यों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।