
भोपाल। मध्यप्रदेश में कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और रीवा में रेडियोथेरेपी के लिए अत्याधुनिक लीनियर एक्सीलेरेटर मशीनें स्थापित करने जा रही है। इस पहल से मरीजों को सस्ती और सुलभ उपचार सुविधा मिल सकेगी।
जानकारी के अनुसार, इन मशीनों की खरीद के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मशीनों की स्थापना और ट्रायल में लगभग एक वर्ष का समय लगने की संभावना है, जिसके बाद अगले वर्ष मार्च तक यह सुविधा शुरू हो सकती है।
सरकार ने पहले इन मशीनों को पीपीपी मॉडल पर लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन निवेशकों की कमी के चलते अब इन्हें सीधे सरकारी स्तर पर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इससे सरकारी अस्पतालों में कैंसर उपचार की सुविधाएं और मजबूत होंगी।
वर्तमान में निजी अस्पतालों में रेडियोथेरेपी का खर्च काफी अधिक है, जहां मरीजों को इलाज के लिए एक से डेढ़ लाख रुपये तक खर्च करना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को यह सुविधा नि:शुल्क मिलेगी। वहीं अन्य मरीजों के लिए भी शुल्क निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम रखा जाएगा।
इस योजना से खासतौर पर मध्यम और निम्न वर्ग के मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो महंगे इलाज के कारण उपचार से वंचित रह जाते हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से प्रदेश में कैंसर उपचार की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार होगा।
चार प्रमुख शहरों को मिलेगा लाभ
यह सुविधा इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और रीवा में शुरू की जाएगी, जिससे आसपास के जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगी और सरकारी अस्पतालों पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।