Dhar:बसंत पंचमी पर भोजशाला में पांच दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूजा-नमाज की व्यवस्था स्पष्ट, प्रशासन अलर्ट मोड में

धार।
बसंत पंचमी पर्व के अवसर पर ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में शुक्रवार से पांच दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई। सुबह 7 बजे से ही परिसर में पूजा-अर्चना, वेद मंत्रों और हवन की गूंज सुनाई देने लगी। हवन कुंड में पहली आहुति के साथ अखंड पूजा का विधिवत शुभारंभ किया गया।

बसंत उत्सव को लेकर भोजशाला परिसर को केसरिया पताकाओं से सजाया गया है। गर्भगृह सहित पूरे परिसर में साढ़े पांच क्विंटल फूलों से भव्य सजावट की गई है। हवन कुंड के चारों ओर केले के पत्ते लगाए गए हैं। कुंड के समीप वेदारंभ संस्कार की भी शुरुआत हुई, जहां बच्चों को वैदिक संस्कारों की जानकारी दी जा रही है।

मां वाग्देवी की आराधना से आरंभ हुआ अखंड पूजन

सूर्योदय के साथ ही भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा एवं समिति पदाधिकारियों द्वारा मां वाग्देवी का स्वरूप विराजित कर आरती एवं स्तुति की गई। इसके पश्चात हवन कुंड में आहुति देकर अखंड पूजा प्रारंभ की गई।

गोपाल शर्मा ने बताया कि प्रारंभ से ही समिति का उद्देश्य अखंड पूजा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा-अर्चना की जाएगी।

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पूजा और नमाज को लेकर स्थिति स्पष्ट

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले अखंड पूजा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। कोर्ट के आदेश के बाद भोजशाला में पूजा और नमाज को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है।
23 जनवरी को हिंदू समाज पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान करेगा, वहीं मुस्लिम समाज भी निर्धारित व्यवस्था के तहत जुमे की नमाज अदा करेगा। नमाज में वही लोग शामिल होंगे, जिनके नाम प्रशासन के साथ हुई बातचीत में तय किए गए हैं।

महाआरती और शोभायात्रा का भव्य आयोजन

भोजशाला मुक्ति यज्ञ समिति के महामंत्री सुमित चौधरी ने बताया कि मां सरस्वती यज्ञ की शुरुआत सुबह 7 बजे हो चुकी है।
मां वाग्देवी के तेल चित्र के साथ शोभायात्रा सुबह 10:30 बजे उदाजी राव चौपाटी स्थित लालबाग उद्यान से प्रारंभ होगी।

शोभायात्रा में खुली जीप में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार एवं सनातनी अखाड़े के संयोजक स्वामी स्वदेशानंद गिरी महाराज विराजित रहेंगे। करीब ढाई किलोमीटर का मार्ग तय कर शोभायात्रा दोपहर 12 बजे भोजशाला प्रांगण पहुंचेगी।

इसके पश्चात दोपहर 12:15 बजे धर्मसभा तथा 1:15 बजे मां वाग्देवी के तेल चित्र की महाआरती आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्धालु शामिल होंगे।

प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोजशाला में पूजा और नमाज दोनों की व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसे लेकर प्रशासन द्वारा एक माह पहले से तैयारियां शुरू कर दी गई थीं।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण के लिए भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील किया गया है।

  • मुख्य प्रवेश मार्ग पर जिगजैग बैरिकेडिंग

  • प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग

  • करीब 8 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती

पूरे क्षेत्र को छह सेक्टरों में बांटा गया है। आईजी अनुराग सिंह, कमिश्नर सुदामा खाड़े, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और एसपी मयंक अवस्थी सहित वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं।

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