भागीरथपुरा दूषित पानी कांड: हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, दस्तावेजों से छेड़छाड़ पर रोक

जबलपुर | भागीरथपुरा दूषित पानी कांड को लेकर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने अहम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने से जुड़े संपूर्ण रिकॉर्ड, टेंडर प्रक्रिया के दस्तावेज और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए, ताकि इनमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ न हो सके।
हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ताओं को नगर निगम एवं शासन द्वारा 20 जनवरी को प्रस्तुत की गई स्टेटस रिपोर्ट पर यदि कोई आपत्ति है, तो वे उसे 27 जनवरी की अगली सुनवाई से पहले कोर्ट में पेश कर सकते हैं।


टेंडर दस्तावेज और पीसीबी रिपोर्ट सुरक्षित रखने के निर्देश


तीन पन्नों के आदेश में कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने आशंका जताई है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के लिए अपनाई गई टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। इसी तरह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) की वह रिपोर्ट, जिसमें पानी के नमूने दूषित पाए गए थे, उसके साथ भी हेरफेर की आशंका व्यक्त की गई है।
कोर्ट ने माना कि ऐसी परिस्थितियों में इन दस्तावेजों को सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है और इसकी जिम्मेदारी कलेक्टर व निगमायुक्त की होगी।


स्वतंत्र कमेटी के लिए याचिकाकर्ता सुझाएंगे नाम


सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने शासन द्वारा गठित जांच समिति पर गंभीर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि शासन की ओर से बनाई गई समिति दोषी अधिकारियों को बचाने का प्रयास है और यह केवल औपचारिकता है।
इस पर हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि कलेक्टर की अध्यक्षता में बनाई जाने वाली स्वतंत्र निगरानी समिति के लिए याचिकाकर्ता स्वयं सदस्यों के नाम सुझाएं, ताकि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।


27 जनवरी को अगली सुनवाई


भागीरथपुरा दूषित पानी कांड को लेकर हाई कोर्ट में फिलहाल पांच अलग-अलग याचिकाएं विचाराधीन हैं। मंगलवार 20 जनवरी को इन सभी याचिकाओं पर करीब डेढ़ घंटे तक सुनवाई हुई थी, जिसके बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। बुधवार दोपहर यह आदेश जारी किया गया।


अब इस गंभीर जनस्वास्थ्य से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी, जिसमें याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों और समिति गठन पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This will close in 0 seconds

error: Content is protected !!