परिवार का आरोप: जर्जर वैन और क्षमता से अधिक बच्चों की अनदेखी बनी हादसे की वजह
भैंसदेही सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDOP) भूपेंद्र सिंह मौर्य के अनुसार, पूर्णा नदी के पास स्थित एक गैस गोदाम के सामने सामने से आ रही एक जीप ने एक निजी स्कूल की वैन को टक्कर मार दी। इस हादसे में KG-2 में पढ़ने वाली पांच वर्षीय छात्रा हर्षिता पाटनकर की मौके पर ही मौत हो गई।
स्कूल वैन में सवार बच्चे रजनी, थेमगांव और गुड़गांव गांवों के निवासी बताए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति की जानकारी लेकर उपचार व्यवस्था का जायजा लिया।
परिवार का गंभीर आरोप
मृत छात्रा के परिजन राजेश वरवाडे ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्कूल वैन की हालत काफी खराब थी और इसकी जानकारी पहले भी स्कूल मैनेजमेंट व शिक्षा विभाग को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि वैन में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया गया था, जिससे हादसे की गंभीरता बढ़ी।
कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर स्कूल वाहनों की सुरक्षा, फिटनेस और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।