
कांग्रेस के नेता और चेयरपर्सन संदीप दीक्षित की एक फ़ाइल तस्वीर।
| फोटो क्रेडिट: पीटीआई
कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को कमजोर करने और मजदूरों के अधिकार छीनने का गंभीर आरोप लगाया। पार्टी ने दावा किया कि MGNREGA की जगह एक नया कानून VB-G RAM G लाया गया है, जिसका कांग्रेस लगातार विरोध कर रही है।
रचनात्मक कांग्रेस के चेयरपर्सन संदीप दीक्षित ने दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश के कई राज्यों और जिलों में इस मुद्दे को लेकर ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ चलाया जा रहा है।“कोविड काल में मनरेगा बनी जीवन रेखा”
संदीप दीक्षित ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान MGNREGA करोड़ों गरीबों, किसानों और मजदूरों के लिए जीवन रेखा साबित हुई थी।
उन्होंने कहा—
“मनरेगा ने लोगों के दिलों में जगह बनाई। इस योजना ने न सिर्फ रोजगार दिया, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षा भी दी।”
उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने लंबे समय से किसानों और मजदूरों के अधिकारों के लिए काम कर रहे विभिन्न संगठनों के साथ व्यापक बातचीत की है। इन चर्चाओं से एक ही निष्कर्ष सामने आया—“लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं।”
देश भर से मजदूर दिल्ली पहुंचेंगे
कांग्रेस नेता ने जानकारी दी कि गुरुवार (22 जनवरी 2026) को देश के कोने-कोने से MGNREGA से जुड़े मजदूर दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस मौके पर राजधानी स्थित जवाहर भवन में एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
दीक्षित ने कहा—
“पंचायतों की ताकत को खत्म कर रही है सरकार”
संदीप दीक्षित ने आरोप लगाया कि MGNREGA ने पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाया और उन्हें अपने विकास से जुड़े फैसले लेने की शक्ति दी।
उन्होंने कहा—
“पहले पंचायतें खुद तय करती थीं कि उनके गांव के लिए क्या जरूरी है और सरकार उनके साथ खड़ी रहती थी। लेकिन अब मोदी सरकार इस पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को खत्म कर रही है।”
मुट्ठी भर मिट्टी बनेगी संघर्ष का प्रतीक
कांग्रेस के इस आंदोलन की सबसे प्रतीकात्मक पहल यह है कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले मजदूर अपनी-अपनी MGNREGA वर्क साइट से एक-एक मुट्ठी मिट्टी लेकर आएंगे।
दीक्षित ने बताया—
“इन सभी मिट्टियों को एक जगह इकट्ठा किया जाएगा। यह मिट्टी उस मेहनत, संघर्ष और अधिकार का प्रतीक होगी, जिसे छीना जा रहा है। इसके जरिए एक सामूहिक संदेश दिया जाएगा।”
आगे की रणनीति पर होगा मंथन
कार्यक्रम में मजदूर अपने अनुभव साझा करेंगे, संघर्ष की कहानियां बताएंगे और MGNREGA को बचाने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि MGNREGA से जुड़े मुद्दे को वह सड़क से संसद तक उठाएगी।