शहडोल। जिले के जैतपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत रसमोहनी क्षेत्र में पिछले दो दिनों से भालू को पकड़ने के लिए वन विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी है, लेकिन अब तक विभाग को सफलता नहीं मिल सकी है। घनी आबादी के बीच घूम रहे भालू को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ने के लिए पिंजरे के माध्यम से पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
वन विभाग के अनुसार पहले दिन मौके पर लाया गया पिंजरा खराब निकला, जिसके बाद मुकुंदपुर से दूसरा पिंजरा मंगवाया गया। यह पिंजरा रसमोहनी स्थित पवन किराना स्टोर के पास लगाया गया है। भालू को आकर्षित करने के लिए पिंजरे के भीतर खाने-पीने की सामग्री भी रखी गई है।
रेस्क्यू के दौरान विवाद, पत्रकार से बदसलूकी का आरोप
रेस्क्यू अभियान के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब कुछ स्थानीय मीडिया कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर वन विभाग से जानकारी लेने और पिंजरे की तस्वीर लेने का प्रयास किया। आरोप है कि प्रभारी रेंजर इस पर नाराज हो गए और एक स्थानीय पत्रकार का मोबाइल फोन छीन लिया। यह मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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दो माह से क्षेत्र में सक्रिय है भालू
उल्लेखनीय है कि यह भालू पिछले करीब दो महीनों से रसमोहनी क्षेत्र में लगातार दिखाई दे रहा है। जिस किराना दुकान के पास पिंजरा लगाया गया है, उसी दुकान के बाहर रखी नमक की बोरियां खाते हुए भालू दो बार सीसीटीवी कैमरे में कैद हो चुका है। इसके अलावा एक लोड वाहन से कुरकुरे निकालकर खाते हुए भालू का वीडियो भी सामने आया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा में आ गया।
ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से वन विभाग से मांग कर रहे थे कि घनी आबादी में घूम रहे भालू को जल्द से जल्द रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा जाए, क्योंकि इससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। आरोप है कि वन विभाग ने शुरुआती दौर में मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
हाल ही में गोहपारू वन परिक्षेत्र में भालू के हमले में एक चरवाहे की मौत के बाद विभाग ने रसमोहनी क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान तेज किया।
विभाग का दावा: सभी तैयारियां पूरी
सोमवार रात लगाए गए पिंजरे तक भालू नहीं पहुंचा। मंगलवार को भी उसी मार्ग पर पिंजरा रखा गया है, जहां से भालू पिछले दो महीनों से आवाजाही कर रहा है।
दक्षिण वन मंडल की डीएफओ श्रद्धा पेंद्रो ने बताया कि भालू के रेस्क्यू के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बाजार क्षेत्र में खाने की सामग्री के साथ पिंजरा लगाया गया है और वन विभाग की टीम लगातार मौके पर निगरानी कर रही है।