हाईकोर्ट के आदेश पर सख्त कार्रवाई: नागौद में सतना–पन्ना रेल परियोजना की अधिग्रहित भूमि से वर्षों पुराना अवैध कब्जा हटाया

सतना। सतना–पन्ना रेल परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जे को आखिरकार प्रशासन ने सख्ती के साथ हटा दिया। गंगवरिया गांव में शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे शुरू हुई यह बड़ी कार्रवाई शाम 5 बजे तक चली। हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद प्रशासन, पुलिस और रेलवे विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और भूमि को विधिवत रेलवे प्रबंधन के सुपुर्द कर दिया।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जिस जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था, वह भूमि वर्ष 2017 में ही सतना–पन्ना रेल परियोजना के लिए अधिग्रहित हो चुकी थी। अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को लगभग 1.56 करोड़ रुपये का मुआवजा भी प्रदान किया गया था। इसके बावजूद न तो जमीन खाली की गई और न ही वहां से व्यावसायिक गतिविधियां हटाई गईं। उल्टे, उक्त भूमि पर फ्लाई ऐश ईंट निर्माण का कारखाना संचालित किया जा रहा था और साथ ही मछली पालन का कार्य भी किया जा रहा था। इसके लिए वहां बड़े-बड़े शेड और अन्य अस्थायी व स्थायी ढांचे खड़े कर लिए गए थे, जो पूरी तरह अवैध थे।

लंबे समय से यह अवैध कब्जा रेल परियोजना के निर्माण कार्य में बड़ी बाधा बना हुआ था। रेलवे विभाग और जिला प्रशासन की ओर से कई बार नोटिस दिए गए, लेकिन कब्जाधारी ने जमीन खाली नहीं की। अंततः मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां से स्पष्ट निर्देश मिलने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया।

शनिवार को की गई कार्रवाई के दौरान दो चेन माउंटेन मशीनें और दो पोकलेन मशीनें लगाई गईं। इन भारी मशीनों की मदद से फ्लाई ऐश ईंट फैक्ट्री, शेड, टीन से बने ढांचे और अन्य निर्माणों को एक-एक कर जमींदोज किया गया। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई, हालांकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।

मौके पर एसडीएम नागौद जितेंद्र वर्मा, तहसीलदार, एसडीओपी, संबंधित थाना प्रभारी, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेल कंस्ट्रक्शन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों और आरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया था। प्रशासन की सख्ती और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते किसी भी तरह का विरोध या विवाद सामने नहीं आया।

एसडीएम नागौद जितेंद्र वर्मा ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरी प्रक्रिया हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई है। उन्होंने कहा, “सतना–पन्ना रेल परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। संबंधित व्यक्ति को पहले ही मुआवजा दिया जा चुका था, इसके बावजूद जमीन खाली नहीं की गई। आज कार्रवाई कर अवैध कब्जा हटाया गया है और भूमि को रेलवे प्रबंधन को सौंप दिया गया है।”

प्रशासन के अनुसार अतिक्रमण मुक्त कराई गई इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई के बाद अब सतना–पन्ना रेल परियोजना के निर्माण कार्य में आ रही एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जमीन मिलने के बाद परियोजना के काम को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।

इस कार्रवाई को प्रशासन ने एक मिसाल के तौर पर भी देखा है। अधिकारियों का कहना है कि अधिग्रहित सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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