
भोपाल। राज्य शासन के मंत्रालय में गुरुवार को मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में आईएएस अधिकारियों की आगामी पदोन्नतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। जनवरी 2026 में होने वाली इन पदोन्नतियों से प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा।
सूत्रों के अनुसार कुल 71 अधिकारियों को पदोन्नति दिए जाने की संभावना है। बैठक में अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी, प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सचिन सिन्हा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख सचिव, सचिव और अतिरिक्त सचिव के वेतनमान में पदोन्नति के मामलों पर विचार किया गया।
2002 बैच: दो अधिकारियों को प्रमुख सचिव पद
बैठक में तय हुआ कि 2002 बैच के आईएएस एम. सेलवेंद्र को प्रमुख सचिव पद पर पदोन्नत किया जाएगा। इसी बैच के अजीत कुमार वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, इसलिए उन्हें प्रोफार्मा पदोन्नति दी जाएगी—अर्थात प्रतिनियुक्ति से लौटते ही उन्हें प्रमुख सचिव पद प्रदान किया जाएगा।
2010 बैच: कई अधिकारी होंगे सचिव
2010 बैच के अधिकारियों को सचिव पद के लिए पदोन्नति दी जाएगी। इनमें उज्जैन के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी आशीष सिंह, आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल, और भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह शामिल हैं।
बैच के ये अधिकारी सचिव पद पर पदोन्नत होंगे—जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना,आयुक्त कोष एवं लेखा भास्कर लक्षकार,आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा,आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी,एमडी विद्युत वितरण कंपनी अनय द्विवेदी,आयुक्त पंचायतराज छोटे सिंह,अपर आयुक्त ग्वालियर सपना निगम,संचालक स्वास्थ्य दिनेश श्रीवास्तव,संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरपीएस जादौन,अपर सचिव श्रम बसंत कुर्रे,अपर सचिव मुख्यमंत्री चंद्रशेखर बालिंबे,अपर सचिव नगरीय विकास शीलेंद्र सिंह,आयुक्त चंबल सुरेश कुमार,2010 बैच के गणेश शंकर मिश्रा, षणमुख प्रिया मिश्रा और तन्वी सुंदरीयाल भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, इसलिए इन्हें फिलहाल सूची से बाहर रखा गया है। वहीं अनुराग चौधरी का नाम जांच लंबित रहने से रोका जाएगा।
2013 बैच: अतिरिक्त सचिव पद पर पदोन्नति
बैठक में यह भी तय हुआ कि 2013 बैच के आईएएस अधिकारी अतिरिक्त सचिव पद पर पदोन्नत किए जाएंगे।
सेवा (एसएएस) की डीपीसी आज
आईएएस के बाद अब राज्य प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति के लिए शुक्रवार को बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें कई अधिकारियों के प्रकरणों पर निर्णय लिया जाएगा।
यह पदोन्नति प्रक्रिया नए वर्ष में प्रशासनिक ढांचे को नई गति और संरचना देने वाली मानी जा रही है।